न दशहरी, न लंगड़ा…सीजन के आखिर में बाजार पर करता राज, आमों का ये असली राजा

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न दशहरी, न लंगड़ा…सीजन के आखिर में बाजार पर करता राज, आमों का ये असली राजा

Last Updated:July 01, 2026, 17:32 IST

Best Mango : न दशहरी, न लंगड़ा सीजन के आखिरी पड़ाव पर बाजार में एक आम ऐसा भी आता है, जो पूरी महफिल लूट लेता है. यह स्वाद के मामले में किसी से कम नहीं, बल्कि कई लोगों की पहली पसंद है. यह इतना मीठा होता है कि लोग इसे अक्सर शहद जैसी मिठास वाला आम कहते हैं. रामपुर के बागवान राशीद अहमद लोकल 18 से बताते हैं कि चौसा आम की मांग सिर्फ यूपी तक सीमित नहीं है. इस आम का गूदा इसकी पहचान है. इसमें रेशे बहुत कम या लगभग नहीं के बराबर होते हैं. जैसे ही आम पककर तैयार होता है, इसकी मीठी सुगंध दूर से ही खींचने लगती है. यह आम आमतौर पर जुलाई से अगस्त के बीच बाजार में सबसे ज्यादा आता है.

रामपुर. गर्मी के चरम मौसम में आम भी पीक पर होता है. अपने आखिरी पड़ाव पर बाजार में एक आम ऐसा भी आता है, जो पूरे सीजन की महफिल लूट लेता है. बात हो रही है चौसा आम की. आम पसंद करने वाले जानते हैं कि सीजन के आखिर में आने वाला यह आम स्वाद के मामले में किसी से कम नहीं, बल्कि कई लोगों की पहली पसंद होता है. चौसा आम की सबसे बड़ी खासियत इसकी जबरदस्त मिठास है. इसका स्वाद इतना मीठा होता है कि लोग इसे अक्सर शहद जैसी मिठास वाला आम कहते हैं. इसमें खट्टापन बेहद कम होता है इसलिए बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी इसे बड़े चाव से खाते हैं.

रामपुर के बागवान राशीद अहमद लोकल 18 से बताते हैं कि चौसा आम की मांग सिर्फ यूपी तक सीमित नहीं है. यहां से यह बिहार, कोलकाता और बनारस समेत कई बड़े बाजारों में भेजा जाता है. इसकी मिठास और बेहतरीन गुणवत्ता के कारण किसानों को अच्छी कीमत मिलती है. आम की दूसरी किस्मों के मुकाबले चौसा अक्सर महंगा भी बिकता है.

चूसकर खाने का मजा अलग

राशीद अहमद के मुताबिक, इस आम का गूदा इसकी सबसे बड़ी पहचान है. इस आम में रेशे बहुत कम या लगभग नहीं के बराबर होते हैं. इसी वजह से इसे खाते समय मुंह में रेशे नहीं फंसते और हर निवाला मुलायम लगता है. इसे चूसकर खाने का मजा भी अलग ही होता है. सिर्फ स्वाद ही नहीं इसकी खुशबू भी लोगों को अपनी ओर खींचती है. जैसे ही आम पककर तैयार होता है, इसकी मीठी सुगंध दूर तक महसूस होने लगती है. यही वजह है कि फल मंडियों में चौसा आम की पहचान उसकी महक से भी हो जाती है.

सितंबर तक आवक 

बागवान राशीद के मुताबिक, चौसा आम आमतौर पर जुलाई से अगस्त के बीच बाजार में सबसे ज्यादा आता है. कई इलाकों में इसकी आवक सितंबर की शुरुआत तक भी बनी रहती है. जब दूसरी किस्मों के आम कम होने लगते हैं तब चौसा बाजार में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराता है. इसलिए इसे सीजन के आखिर का सबसे लोकप्रिय आम भी माना जाता है.

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Priyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…

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Rampur,Uttar Pradesh

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dainikupeditor@gmail.com

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