घाट पानी में, नदी का बहाव तेज… फिर भी यात्रियों को लेकर निकल रही ‘जलपरी’ नाव

गाजीपुर में गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद भी नवापुरा साईं मंदिर के पास नावों का संचालन जारी है. घाट की कई सीढ़ियां पानी में डूबी हुई हैं और नदी का बहाव तेज दिखाई दे रहा है। इसी बीच जलपरी’ नाव में यात्रियों को बैठाकर नदी में घुमाया जा रहा हैमौके पर मौजूद नाविक भूपेंद्र निषाद ने बताया कि गंगा का पानी पहले काफी तेजी से बढ़ रहा था। हालांकि फिलहाल जलस्तर में कमी आई है उनके मुताबिक करीब छह फीट पानी कम हुआ है, लेकिन घाट की सीढ़ियां अभी भी पूरी तरह पानी में डूबी हुई हैं

यात्री आते हैं तो हम बैठाकर ले जाते हैं

जब भूपेंद्र निषाद से पूछा गया कि जलस्तर इतना बढ़ा होने और घाट की सीढ़ियां डूब जाने के बावजूद वह नाव क्यों चला रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि यात्री खुद आते हैं और नाव से घूमने की मांग करते हैं. उनके मुताबिक लोग कहते हैं कि उन्हें नाव में बैठाकर घुमा दिया जाए तो वह उन्हें लेकर निकल जाते हैं।
नाविक से जब इस दौरान प्रशासन से अनुमति लेने के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने दावा किया कि उन्होंने गोरा बाजार चौकी से करीब एक महीने पहले अनुमति ली थी. उन्होंने अपने पास लाइसेंस होने की बात भी कही.

प्रशासन रोकता नहीं है

जब उनसे पूछा गया कि गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के पार होने के बावजूद वह नाव चला रहे हैं तो क्या प्रशासन की ओर से कभी रोका गया, इस पर भूपेंद्र निषाद ने कहा कि प्रशासन के लोग आते हैं और देखकर चले जाते हैं लेकिन उन्हें नाव चलाने से मना नहीं किया गया.

नाविक ने यह भी दावा किया कि उनका संचालन गोरा बाजार चौकी से मिली अनुमति के आधार पर हो रहा है

दो-तीन लोगों को बचाया है

भूपेंद्र निषाद ने अपनी बात रखते हुए कहा कि वह लंबे समय से नदी में नाव चलाते हैं और लोगों को बचाने का अनुभव भी रखते हैं.उनका दावा है कि उन्होंने अपनी आंखों के सामने दो-तीन लोगों को डूबने से बचाया है.

उन्होंने खुद को तैराक और नदी में बचाव कार्य करने में सक्षम बताते हुए कहा कि नाव में लाइफ जैकेट और सुरक्षा से जुड़े उपकरण भी रखे जाते हैं, उनका कहना है कि नाव को बहुत ज्यादा दूर तक नहीं ले जाया जाता और यात्रियों को सीमित दूरी तक ही घुमाया जाता है.

बढ़े जलस्तर में सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल

हालांकि, नाविक की ओर से सुरक्षा इंतजाम होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन मौके की तस्वीरें अलग सवाल खड़े करती हैं, घाट की सीढ़ियां पानी में डूबी हैं और नदी का बहाव सामान्य दिनों की तुलना में तेज है, ऐसे में नाव पर बैठने वाले यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट का इस्तेमाल हो रहा है या नहीं, नाव में निर्धारित क्षमता से ज्यादा लोग तो नहीं बैठाए जा रहे और मौजूदा जलस्तर में नाव संचालन के लिए प्रशासन की अनुमति की शर्तें क्या हैं इन सवालों का स्पष्ट जवाब जरूरी है

नवापुर घाट की तस्वीरें इस समय गंगा के बढ़े हुए जलस्तर की स्थिति दिखाती हैं. पानी घटने का दावा जरूर किया जा रहा है, लेकिन घाट की सीढ़ियां अभी भी डूबी हुई हैं. ऐसे में यात्रियों का नाव में बैठकर नदी में जाना सामान्य पर्यटन गतिविधि है या इसके लिए अतिरिक्त सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू हैं यह सवाल प्रशासन के सामने भी है और नाव संचालकों के सामने भी

Source

dainikupeditor@gmail.com

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