वो नेत्रहीन सिंगर, जिसने बनाया था ऑरिजनल ‘राम सिया राम’, 51 साल बाद भी अमर

Last Updated:September 16, 2026, 10:55 IST

रामायण की वजह से राम सिया राम गाना फिर चर्चा में आ गया है. लेकिन क्या आप जानते हैं इसके ऑरिजनल सिंगर और कंपोजर के बारे में. जिन्होंने इस अमर गीत की रचना की. ऐसा गीत जिसे आजतक कई बार रीक्रिएट किया जा चुका है. वो कंपोजर नेत्रहीन थे जिन्होंने ये कालजीय गाना बनाया.

जब भी बात राम नाम की हो तो सबसे पहले एक गाना जो हमारे दिल दिमाग में आता है, वो है ‘राम सिया राम, सिया राम जय जय राम’. इसकी हल्की सी झलक रामायण के जय जय राम गाने में भी सुनने को मिली. जैसे आजकल हनुमान अंश के नेत्रहीन सिंगर काफी चर्चा में हैं. ऐसे ही एक सुपरस्टार सिंगर-कंपोजर-लिरिसिस्ट हुए जिन्होंने हिंदी सिनेमा को ‘राम सिया राम’ जैसा सुपरहिट और भक्तिमय गाना दिया.

दरअसल हम बात कर रहे हैं रविंद्र जैन की बनाई उस धुन की, जिसपर ‘राम सिया राम’ गाना बनाया गया था. आजतक ऐसा कोई राम भजन नहीं बना जो इसे टक्कर दे पाए. चलिए आपको इसी गीत की खासियत और किस फिल्म में था, सब बताते हैं. (फोटो: IMDb)

साल 1975 में ‘गीत गाता चल’ फिल्म के लिए ‘राम सिया राम’ गाना बनाया गया था जिसके संगीतकार रविंद्र जैन और गायक जसपाल सिंह थे. दोनों की जुगलबंदी न सिर्फ हिट हुई बल्कि अमर हो गई. जो आजतक लोगों के दिल दिमाग में रच बस गई है. (फोटो: IMDb)

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ये गाना सचिन पिलगांवकर और सारिका की फिल्म गीत गाता चल में था. फिल्म तो सुपरहिट थी ही, साथ ही इसका गाना भी. इसी फिल्म में रामायण की चौपाई ‘मंगल भवन अमंगल हारी’ को भी रविंद्र जैन ने अपने अंदाज में बनाया था. इसी में उन्होंने ‘राम सिया राम, सिया राम जय जय राम’ को शामिल किया था. ये पंक्ति इतनी हिट हुई कि आजतक अनगिनत गानों में शामिल हो चुकी है. इसी के कई प्रकार अब तक सुने जा चुके हैं. (फोटो: IMDb)

गीत गाता चल फिल्म की बात करें तो इसे हीरेन नाग ने डायरेक्ट किया था तो रविंद्र जैन ने म्यूजिक कंपोज किया था. ये फिल्म रबींद्रनाथ टैगोर की शॉर्ट कहानी अतिथि पर आधारित थी. इसमें कुल 9 गाने थे जिसमें किशोर कुमार, जसपाल सिंह से लेकर मोहम्मद रफी और आशा भोसले ने आवाज दी थी. इसके गाने गीत गाता चल ओ साथी, श्याम तेरी बंसी पुकारे से लेकर मंगल भवन जैसे गीत सुनाई दिए. (फोटो: IMDb)

रविंद्र जैन साल 1987 में रामानंद सागर की रामायण से जुड़े. उन्होंने तब इस धुन को टीवी के जरिए घर घर में पहुंचाया. तभी तो आज भी हर घर की पूजा हो या आरती या फिर भक्तिमय कोई दिन, इस गाने की धुनें और जसपाल सिंह की आवाज जरूर सुनने को मिलती है. (फोटो: IMDb)

इस भक्तिमय गाने को रचने वाले रविंद्र जैन थे जो आंखों से नहीं देख सकते थे. मगर दिल से ऐसे गाने बनाते थे जिनकी कोई टक्कर नहीं होती थी. रविंद्र जैन नेत्रहीन थे लेकिन उनकी ये कमी कभी रचनात्मकता के आड़े नहीं आई. उन्होंने दिल से ऐसी धुनें बनाईं जो बड़े बड़े धुरंधर न बना पाए. (फोटो: IMDb)

कौन थे रविंद्र जैन: रविंद्र जैन बचपन से ही नेत्रहीन थे. 28 फरवरी 1944 को अलीगढ़ में जन्मे रविंद्र जैन ने सौदागर, पहेली, राम भरोसे, पति पत्नी और वो, राम तेरी गंगा मैली हो गई से लेकर विवाह जैसी फिल्मों में काम किया. वह पद्मश्री से सम्मानित भी थे. 71 साल की उम्र में 9 अक्टूबर 2015 को उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया. (फोटो: IMDb)

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September 16, 2026, 05:06 IST

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