Monsoon Gardening : मानसून में बढ़ी गुड़हल की मांग, क्यों मची खरीदने की ऐसी होड़?

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मानसून में बढ़ी गुड़हल की मांग, क्यों मची खरीदने की ऐसी होड़?

Last Updated:August 26, 2026, 18:55 IST

Monsoon Gardening Tips : मानसून आते ही नर्सरियों में पौधों की मांग बढ़ जाती है. फूलदार पौधों में गुड़हल का अलग स्थान है. बारिश के मौसम में तापमान और नमी पौधे की ग्रोथ के लिए काफी अनुकूल रहती है. बारिश में अच्छी ग्रोथ के साथ पौधे पर फूल भी खूब दिखाई देने लगते हैं. जिन लोगों के पास घर के बाहर जमीन नहीं है, वे इसे गमले में भी लगा सकते हैं. पर्याप्त जगह होने पर इसे सीधे जमीन में लगाया जा सकता है. कई लोग रोजाना पूजा के लिए घर में ही गुड़हल का पौधा लगाना पसंद करते हैं ताकि जरूरत पड़ने पर ताजे फूल मिल सकें.

मानसून आते ही नर्सरियों में गुड़हल की मांग बढ़ जाती है. बारिश के मौसम में तापमान और नमी पौधे की ग्रोथ के लिए काफी अनुकूल रहती है. यही वजह है कि इस समय लगाया गया गुड़हल तेजी से नई पत्तियां और शाखाएं निकालता है. अच्छी ग्रोथ के साथ पौधे पर फूल भी खूब दिखाई देने लगते हैं. लाल, गुलाबी, पीले और सफेद रंग के फूल इसकी खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं. घर के गार्डन में इसे लगाने से पूरा माहौल रंग बिरंगा नजर आने लगता है.

अगर घर की बालकनी या आंगन का कोई कोना खाली पड़ा है तो गुड़हल वहां खूबसूरती बढ़ा सकता है. इसके बड़े और चमकीले फूल दूर से ही ध्यान खींच लेते हैं. खासकर मानसून में इसकी हरियाली और फूल घर के माहौल को और खुशनुमा बना देते हैं. गुड़हल की कई किस्मों में अलग-अलग रंग और आकार के फूल देखने को मिलते हैं. इसी वजह से लोग अपनी पसंद के हिसाब से गुड़हल के पौधे नर्सरी से खरीदकर घर की सजावट में शामिल करते हैं.

गुड़हल की एक खासियत यह भी है कि इसे लगाने के लिए बड़े गार्डन की जरूरत नहीं पड़ती. जिन लोगों के पास घर के बाहर जमीन नहीं है, वे इसे गमले में भी लगा सकते हैं. पर्याप्त जगह होने पर इसे सीधे जमीन में लगाया जा सकता है. मानसून में पौधे को वातावरण से अच्छी नमी मिलती है, जिससे इसकी बढ़त तेजी से होती है. यही आसान तरीका इसे घरों के साथ साथ बालकनी और छोटे गार्डन के लिए भी पसंदीदा पौधा बनाता है.

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गुड़हल की सबसे खास बात इसकी किस्मों की भरमार है. नर्सरी में आपको छोटे से लेकर बड़े आकार तक के पौधे मिल जाते हैं. कुछ पौधों पर सामान्य फूल आते हैं तो कुछ किस्में बड़े और आकर्षक फूलों के लिए जाने जाते हैं. यही खासियत लोगों को अपनी पसंद का गुड़हल चुनने का मौका देती है. मानसून में पौधों की नई ग्रोथ तेजी से होने के कारण नर्सरी में ताजे और हरे भरे गुड़हल आसानी से नजर आ जाते हैं. इसी वजह से इस मौसम में इसकी खरीदारी बढ़ जाती है.

गुड़हल उन पौधों में शामिल है जिन्हें मानसून का मौसम काफी पसंद आता है. बारिश के दौरान वातावरण में नमी बढ़ जाती है और मौसम भी गर्मियों की तुलना में राहत देने वाला होता है. ऐसे माहौल में गुड़हल की नई ग्रोथ तेजी से दिखाई दे सकती है. पौधे में नई शाखाएं और पत्तियां निकलने के साथ फूल भी आने लगते हैं. इसी वजह से बारिश शुरू होते ही लोग नर्सरी में गुड़हल के पौधे तलाशने लगते हैं और इसकी खरीदारी बढ़ जाती है.

गुड़हल का पौधा घर में लगाने की एक खास वजह इसके फूलों का धार्मिक महत्व भी है. खासकर लाल गुड़हल के फूल पूजा पाठ में इस्तेमाल किए जाते हैं. कई लोग रोजाना पूजा के लिए घर में ही गुड़हल का पौधा लगाना पसंद करते हैं ताकि जरूरत पड़ने पर ताजे फूल मिल सकें. मानसून में पौधे की अच्छी ग्रोथ होने से फूल आने की संभावना भी बढ़ जाती है. यही वजह है कि जिन घरों में पूजा के लिए फूलों की जरूरत रहती है, वहां गुड़हल काफी पसंद किया जाता है.

गुड़हल को लोग इसलिए भी पसंद करते हैं क्योंकि अनुकूल मौसम मिलने पर इसमें बार-बार फूल देखने को मिल सकते हैं. यानी पौधे पर एक बार फूल आने के बाद कहानी खत्म नहीं होती. नई शाखाओं के साथ आगे भी कलियां आती रहती हैं और पौधा दोबारा फूलों से भर जाता है. मानसून के दौरान इसकी ग्रोथ अच्छी रहने पर यह बदलाव और साफ नजर आता है. इसी वजह से लोग इसे सिर्फ सजावट के लिए नहीं बल्कि लंबे समय तक फूल देने वाले पौधे के तौर पर भी पसंद करते हैं.

First Published :

August 26, 2026, 18:55 IST

Source

dainikupeditor@gmail.com

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