दलीप ट्रॉफी: ईशान 270, ईस्ट जोन 708 रन, फाइनल में साउथ जोन के लिए खतरे की घंटी
Last Updated:September 07, 2026, 18:03 IST
East zone vs South Zone Duleep Trophy Final: ईशान किशन की ऐतिहासिक 270 रन की पारी के बूते ईस्ट जोन ने अपने दलीप ट्रॉफी इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर खड़ा करते हुए साउथ जोन को बैकफुट पर धकेल दिया. दो दिन के खेल के बाद ईस्ट जोन की पारी 708 रन पर सिमटी. अब तीसरे दिन का खेल जब शुरू होगा तो साउथ जोन के बल्लेबाजों की अग्निपरीक्षा भी शुरू होगी.
दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ईस्ट जोन का जलवा
चेन्नई: कप्तान ईशान किशन के 270 रन की ऐतिहासिक पारी के बूते ईस्ट जोन ने दलीप ट्रॉफी के फाइनल में साउथ जोन पर बुरी तरह शिकंजा कस लिया है. दूसरे दिन का खेल खत्म होते-होते ईस्ट जोन की पहली पारी 708 रन पर आउट हो गई. ये दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन का सबसे बड़ा तो दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ओवरऑल चौथा सबसे बड़ा स्कोर है.
एमए. चिदंबरम स्टेडियम में खेले जा रहे फाइनल में अब तीसरे दिन जब साउथ जोन बैटिंग करने उतरेगी तो सारी निगाहें इन फॉर्म कप्तान तिलक वर्मा पर होगी. ईस्ट जोन ने साउथ जोन को ऐसी पिच पर बुरी तरह थका दिया, जिसमें टूट-फूट के कोई खास संकेत नहीं दिखे. पिच अभी भी अच्छी है और साउथ जोन को खुद पर भरोसा रखना चाहिए कि उनके पास तीन दिन तक बल्लेबाजी करके इस स्कोर को पार करने की काबिलियत है.
522 मिनट की पारी में 334 गेंद का सामना
किशन ने इस पारी से भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाने का दावा भी पेश किया. खास बात ये रही कि ईशान ने अपने प्रथम श्रेणी करियर की दूसरी सबसे बड़ी पारी, तीन राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की मौजूदगी में खेली. किशन दलीप ट्रॉफी में तिहरा शतक लगाने वाले चुनिंदा बल्लेबाजों के क्लब में शामिल होने से चूक गए. रमन लांबा ने 1987 और गगन खोडा ने 2001 में यह उपलब्धि हासिल की थी. मैच का दूसरा दिन पूरी तरह ईशान किशन के नाम रहा, जिन्होंने लगभग पूरे दिन शानदार बल्लेबाजी करते हुए 270 रन बनाए. कुमार कुशाग्रा ने भी बेहतरीन शतक लगाया. ये उनका छठा प्रथम श्रेणी शतक था. 250 रन पर रिटायर्ड हर्ट होने के बाद ईशान दोबारा फिर बैटिंग करने आए. त्रिपुरणा विजय ने स्मरण रविचंद्रन के हाथों कैच आउट करवाया.
ट्रिपल सेंचुरी से चूक गए ईशान किशन
ईशान किशन ने इस पारी से भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाने का दावा भी पेश किया. खास बात ये रही कि ईशान ने अपने प्रथम श्रेणी करियर की दूसरी सबसे बड़ी पारी, तीन राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की मौजूदगी में खेली. किशन दलीप ट्रॉफी में तिहरा शतक लगाने वाले चुनिंदा बल्लेबाजों के क्लब में शामिल होने से चूक गए. रमन लांबा ने 1987 और गगन खोडा ने 2001 में यह उपलब्धि हासिल की थी.
मोहम्मद सिराज की जमकर पिटाई
साउथ जोन ने कुल आठ गेंदबाजों का इस्तेमाल किया, जिसमें त्रिपूर्णा विजय सबसें कामयाब रहे, जिन्होंने चार विकेट झटके. चामा मिलिंद और श्रेयस गोपाल के खाते में दो-दो विकेट आए. श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैच की सीरीज खेलकर आ रहे मोहम्मद सिराज ने 25 ओवर गेंदबाजी की, लेकिन सबसे ज्यादा 5.60 की इकॉनमी से 140 रन लुटाने के बावजूद एक भी विकेट नहीं झटक पाए.
About the Author
Anshul TalmaleDeputy News Editor
अंशुल तलमले फरवरी 2025 से नेटवर्क18 ग्रुप में डिप्टी न्यूज एडिटर की जर्सी पहनकर स्पोर्ट्स डेस्क की कप्तानी कर रहे हैं. यहां स्पोर्ट्स कंटेंट प्लानिंग, एडिटोरियल डायरेक्शन एंड स्ट्रे…
और पढ़ेंLocation :
New Delhi,Delhi
First Published :
September 07, 2026, 18:03 IST











