गोरखपुर चिड़ियाघर का हाथी गंगा प्रसाद अपनी हरकतों से बना पर्यटकों का फेवरेट, करता है शरारत

Last Updated:August 26, 2026, 07:15 IST

हाथियों में एक प्राकृतिक प्रक्रिया होती है, जिसे ‘मस्त कहा जाता है. इस दौरान हाथियों के व्यवहार में उग्रता और आक्रामकता बढ़ सकती है. गंगा प्रसाद अभी युवा है, इसलिए कई बार उसमें भी मस्त की स्थिति देखने को मिलती है. ऐसे समय में उसकी विशेष निगरानी की जाती है और उसके व्यवहार पर लगातार नजर रखी जाती है. गंगा प्रसाद की देखभाल के लिए चिड़ियाघर में विशेष टीम तैनात रहती है. खास बात यह है कि वह प्राणी उद्यान का इकलौता ऐसा जानवर है, जिसके बाड़े में ‘फव्वारे की विशेष व्यवस्था’ की गई है.

गोरखपुर के शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान में कई तरह के वन्यजीव पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हैं. लेकिन जब बात चिड़ियाघर की हो और ‘गंगा प्रसाद’ का जिक्र न हो, तो कहानी अधूरी सी लगती है. अपनी खास चाल-ढाल, हरकतों और अलग अंदाज की वजह से गंगा प्रसाद पूरे शहर में चर्चित है. चिड़ियाघर आने वाला शायद ही कोई पर्यटक हो, जो गंगा प्रसाद को देखे बिना वापस लौटना चाहे.

गंगा प्रसाद की हरकतें करती हैं आकर्षित

चिड़ियाघर के डॉक्टर योगेश बताते हैं कि गंगा प्रसाद अक्सर अपनी गतिविधियों की वजह से चर्चा में रहता है. वह एक युवा व्यस्क हाथी है और ‘माखना प्रजाति’ का है. माखना हाथियों में दांत अपेक्षाकृत छोटे होते हैं, यही वजह है कि गंगा प्रसाद की पहचान दूसरे हाथियों से कुछ अलग है. डॉक्टर के मुताबिक कई बार ऐसी स्थिति भी बन जाती है, जब गंगा प्रसाद अपने महावत पर ही नाराज हो जाता है. गुस्से में वह अपना सिर घुमाने लगता है और उसकी हरकतें देखकर आसपास मौजूद लोगों का ध्यान भी उसकी तरफ चला जाता है.

मस्त होने पर बदल जाता है व्यवहार

हाथियों में एक प्राकृतिक प्रक्रिया होती है, जिसे ‘मस्त कहा जाता है. इस दौरान हाथियों के व्यवहार में उग्रता और आक्रामकता बढ़ सकती है. गंगा प्रसाद अभी युवा है, इसलिए कई बार उसमें भी मस्त की स्थिति देखने को मिलती है. ऐसे समय में उसकी विशेष निगरानी की जाती है और उसके व्यवहार पर लगातार नजर रखी जाती है. गंगा प्रसाद की देखभाल के लिए चिड़ियाघर में विशेष टीम तैनात रहती है. खास बात यह है कि वह प्राणी उद्यान का इकलौता ऐसा जानवर है, जिसके बाड़े में ‘फव्वारे की विशेष व्यवस्था’ की गई है. गर्मी हो या मौसम में बदलाव, उसके आराम और जरूरतों का विशेष ध्यान रखा जाता है.

उसकी डाइट भी सामान्य नहीं है, गंगा प्रसाद को फल, अलग-अलग तरह की सब्जियां और पेड़ों की डालियां नियमित रूप से दी जाती हैं. उसकी सेहत और खान-पान की लगातार निगरानी की जाती है. अपनी शरारती और कभी-कभी गुस्सैल हरकतों की वजह से गंगा प्रसाद गोरखपुर चिड़ियाघर की खास पहचान बन चुका है. यही वजह है कि वन्यजीवों को देखने आने वाले पर्यटकों की नजर में ‘गंगा प्रसाद सबसे खास आकर्षणों में से एक बना हुआ है.

About the Author

Rajneesh Kumar Yadav

Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…

और पढ़ेंLocation :

Gorakhpur,Uttar Pradesh

First Published :

August 26, 2026, 07:15 IST

Source

dainikupeditor@gmail.com

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post
Next Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • योजनाये
  • राजनीति