मेष को नई डील, धनु की शादी फिक्स…गुरु अस्त होते ही खुलेगी इनकी किस्मत, आपका क्या होगा?

Last Updated:July 01, 2026, 16:45 IST

Guru Asta 2026 : 14 जुलाई से देवगुरु बृहस्पति (गुरु) अस्त होने जा रहे हैं. यह अवस्था 12 अगस्त तक रहेगी. इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं. लोकल 18 से अयोध्या के ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम बताते हैं कि गुरु के अस्त होने का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग देखने को मिलेगा. भाग्य, शिक्षा, धन, संतान और वैवाहिक जीवन से जुड़े मामलों पर असर पड़ सकता है. जिनकी जन्म कुंडली में गुरु मजबूत स्थिति में हैं, उन्हें इस अवधि में परेशानी नहीं होगी. क्या आप इन जातकों में शामिल है.

अयोध्या. व्यक्ति के जीवन में ग्रह नक्षत्र की स्थिति के परिवर्तन का सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 14 जुलाई 2026 से देवगुरु बृहस्पति (गुरु) अस्त होने जा रहे हैं. यह अवस्था 12 अगस्त 2026 तक रहेगी. गुरु के अस्त होने का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग देखने को मिलेगा. इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्य सामान्यत नहीं किए जाते, क्योंकि गुरु को शुभ कार्यों का प्रमुख कारक माना जाता है. अयोध्या के ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम के अनुसार, गुरु अस्त होने से भाग्य, शिक्षा, धन, संतान और वैवाहिक जीवन से जुड़े मामलों पर असर पड़ सकता है. हालांकि जिन लोगों की जन्म कुंडली में गुरु मजबूत स्थिति में हैं, उन्हें इस अवधि में विशेष परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा. ऐसी स्थिति में देवगुरु बृहस्पति के अस्त होने से कुछ राशियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन भी रहेगा.

मेष राशि

पंडित कल्कि राम बताते हैं कि गुरु अस्त की अवधि मेष राशि वालों के लिए आर्थिक दृष्टि से लाभदायक साबित हो सकती है. रुका हुआ धन मिलने के योग बनेंगे. व्यापार में नई डील से फायदा हो सकता है और आय के अतिरिक्त स्रोत बनने की संभावना रहेगी. भाग्य का साथ मिलने से कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे हो सकते हैं.

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए भी यह समय सकारात्मक रह सकता है. विदेश यात्रा या विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिलने के संकेत हैं. कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और संतान पक्ष से शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है. करियर में भी प्रगति के अवसर बनेंगे.

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए यह अवधि सम्मान और उन्नति लेकर आ सकती है. नौकरी में सहयोगियों और वरिष्ठों का समर्थन मिलेगा. विवाह में आ रही बाधाएं दूर हो सकती हैं. योग्य लोगों के रिश्ते तय होने या विवाह संपन्न होने के योग बन सकते हैं. सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होगी.

क्या रखें ध्यान

पंडित कल्कि राम बताते हैं कि गुरु अस्त की अवधि में धार्मिक कार्य, गुरुजनों का सम्मान, दान-पुण्य और आध्यात्मिक साधना को विशेष महत्व दिया जाता है. किसी भी बड़े निर्णय या शुभ कार्य से पहले अपनी जन्म कुंडली के अनुसार योग्य ज्योतिषी से परामर्श लेना उचित है.

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Priyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…

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Ayodhya,Faizabad,Uttar Pradesh

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dainikupeditor@gmail.com

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