नई दिल्ली. क्रिकेट की दुनिया पर दो दशक से भी ज्यादा तक राज करने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के हाथ में बल्ला जब भी आता है तो लोग इसकी बात करने लगते हैं. क्रिकेट के सबसे बड़े ब्रांड एंबेसडर के लिए क्रिकेट सिर्फ घास पर खेला जाने वाला खेल नहीं है. यह एक भावना है जिसे कहीं भी महसूस किया जा सकता है. चाहे वह 35,000 फीट की ऊंचाई पर ही क्यों न हो. क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने हाल ही में एक हैरान कर देने वाला वीडियो पोस्ट किया जिसमें वह विमान के केबिन में क्रिकेट खेलते नजर आ रहे हैं.
उनके साथ उनकी बेटी सारा तेंदुलकर भी थी. मास्टर ब्लास्टर ने दिखा दिया कि चाहे आप कितनी भी ऊंचाई पर उड़ें, बल्ले के प्रति प्यार कभी कम नहीं होता. सचिन ने यह वायरल क्लिप X पर शेयर करते हुए एक लाइन लिखी, जो तुरंत ट्रेंडिंग कैप्शन बन गई: “Altitude जो भी हो, attitude change नहीं होना चाहिए. ”
इस छोटे वीडियो में सचिन को प्राइवेट जेट के गलियारे में आराम से स्टांस लेते हुए देखा जा सकता है. एक मौके पर वह शॉट मारते हैं, जो सीधे सारा तेंदुलकर के पास जाता है. सारा कैच पकड़ती हैं और खुशी से जश्न मनाती हैं, हंसते हुए अपने दिग्गज पिता को फ्लाइट में आउट कर देती हैं.
In a plane , even mobile vibrations are not allowed
Are Bouncing balls allowed???
But then .. GOD is playing . So no worries
आसमान में मास्टर ब्लास्टर को बल्लेबाजी करते देख सोशल मीडिया पर हल्की-फुल्की मजाक शुरू हो गई. एक यूजर ने लिखा, “Haters be like : ‘सारा ने कैच छोड़ा है, वह उन्हें आउट नहीं करना चाहती, सारे के सारे मिले हुए हैं’.”
Even if it’s a chartered flight, if we do this on a flight, we’ll be banned for life!
इंटरनेट पर ज्यादातर लोग इस प्यारे परिवारिक कंटेंट का आनंद ले रहे थे. वहीं कुछ यूजर्स ने विमान के केबिन में क्रिकेट बॉल के उछलने की फिजिक्स के बारे में सोच लिया. कुछ ने मजाक में पूछा कि भारत के एविएशन वॉचडॉग DGCA इस हाई-एल्टीट्यूड मैच के बारे में क्या सोचेंगे. “बिना attitude change के, क्या बॉल से विंडो के हिट होने की संभावना है? @DGCAIndia इसे फ्लाइट रिस्क नहीं कहेगा क्योंकि एक MP विमान में क्रूजिंग एल्टीट्यूड पर खेल रहा है.”
Without attitude change, what are the possibilities of the window getting hit by the ball?@DGCAIndia will not say its flight risk as it’s an MP playing in an aircraft at cruising altitude. https://t.co/LwfwoPSSFa
दूसरी तरफ, सचिन को बल्ला पकड़े देख पुराने क्रिकेट प्रेमी उनके शुरुआती अंतरराष्ट्रीय करियर के यादगार पलों में लौट गए. जिससे साबित होता है कि उनकी विरासत आज भी अछूती है. “Sir, आपका ‘attitude’ पहली बार तब देखा जब आप सिर्फ 16 साल के थे. (सियालकोट टेस्ट) में नाक टूटने के बाद, वकार की गेंद से नाक से खून गिर रहा था, उसके बाद जो शॉट्स खेले, उससे भारत को हार से बचाया. हमेशा आपके फैन रहेंगे.”
एक अन्य यूजर ने लिखा: “आप क्रिकेट के सबसे बड़े एंबेसडर हैं. क्रिकेट के प्रति आपकी लगन जीवन से भी बड़ी है. सचिन, हमेशा खुद के लिए धन्यवाद.”










