दिवाली हो या रक्षाबंधन… हर त्योहार पर सुल्तानपुर की इस गली में लगती है भीड़

Last Updated:August 25, 2026, 15:48 IST

Sultanpur News: यूपी के सुल्तानपुर जिले में एक ऐसी गली है, जहां सभी त्योहारों पर आपको रौनक नजर आएगी. यहां पर होली के त्योहार पर कई तरह के रंग, दीपावली में कई तरह के पटाखे, पूजा के समान, रक्षाबंधन पर कई तरह की राखियां और अन्य त्योहारों पर इस्तेमाल किए जाने वाले सभी सामान मिलते हैं.

सुल्तानपुर: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में एक ऐसी गली है जो सभी त्योहारों में अकेले ही खरीदारी का जिम्मा उठाती है. दरअसल हम बात कर रहे हैं सुल्तानपुर शहर की मुरारी दास गली के बारे में. यह गली ब्रिटिश हुकूमत के दौरान डेवलप हुई थी, जो चौक घंटा घर से मात्र 200 मीटर की दूरी पर है. यहां पर होली के त्योहार पर कई तरह के रंग, दीपावली में कई तरह के पटाखे, पूजा के समान, रक्षाबंधन पर कई तरह की राखियां और अन्य त्योहारों पर इस्तेमाल किए जाने वाले सभी सामान मिलते हैं. इस गली में सीमित दुकान हैं, लेकिन यहां से पूरे जिले के लोग खरीदारी करने के लिए आते हैं.

गली छोटी लेकिन जिम्मेदारी बड़ी
सुल्तानपुर शहर की मशहूर मुरारी दास गली की छोटी भले है, लेकिन यहां की जिम्मेदारी बड़ी है. शहर के चौक घंटाघर से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित यह गली भले ही बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन त्योहार आते ही इसकी रौनक देखते ही बनती है. खास बात यह है कि यहां दुकानों की संख्या सीमित है, लेकिन खरीदारी करने वालों की संख्या पूरे जिले से पहुंचती है. यही वजह है कि सुल्तानपुर में त्योहारों की खरीदारी के लिए मुरारी दास गली की अपनी अलग पहचान बन चुकी है.

ब्रिटिश दौर में विकसित हुई थी यह गली
वरिष्ठ पत्रकार विक्रम बृजेंद्र सिंह ने बताया कि मुरारी दास गली का इतिहास भी शहर के पुराने बाजार से जुड़ा हुआ है. माना जाता है कि ब्रिटिश हुकूमत के दौर में यह इलाका विकसित हुआ और धीरे-धीरे यहां व्यापारिक गतिविधियां बढ़ती चली गईं. समय के साथ गली ने अपना स्वरूप बदला, लेकिन इसकी बाजार वाली पहचान आज भी कायम है. शहर के पुराने हिस्से में होने के कारण यहां पहुंचना भी बेहद आसान है. चौक घंटाघर से कुछ ही दूरी पर होने की वजह से आसपास के बाजारों में खरीदारी करने वाले लोग भी इस गली का रुख करते हैं. खासकर त्योहारों के समय यहां ग्राहकों की आवाजाही कई गुना बढ़ जाती है.

होली से रक्षाबंधन तक सजते हैं बाजार
इस गली में रहने वाले अभिनव मिश्रा लोकल 18 से बताते हैं कि इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यहां अलग-अलग त्योहारों के हिसाब से सामान बदलता रहता है. होली आती है तो रंग और त्योहार से जुड़ी सामग्री दिखाई देने लगती है. दीपावली पर पटाखों और पूजा-पाठ से जुड़े सामान की मांग बढ़ जाती है. रक्षाबंधन के दौरान दुकानों पर तरह-तरह की राखियां सज जाती हैं. इसके अलावा दूसरे त्योहारों में इस्तेमाल होने वाली आवश्यक सामग्री भी यहां मिल जाती है यानी त्योहार कोई भी हो, मुरारी दास गली में खरीदारी के लिए लोगों को कई विकल्प मिल जाते हैं.

छोटी गली, लेकिन पूरे जिले में पहचान इस गली की कहानी अपने आप में खास है. सीमित दुकानें, पुराना बाजार और शहर के बीचों-बीच मौजूदगी के बावजूद इसकी पहचान केवल सुल्तानपुर शहर तक सीमित नहीं है. जिले के अलग-अलग इलाकों से लोग यहां त्योहारों की खरीदारी करने पहुंचते हैं. यही वजह है कि त्योहारों के सीजन में यह छोटी सी गली बड़े बाजार का रूप ले लेती है.

About the Author

आर्यन सेठ

आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से साल 2024 में…

और पढ़ेंLocation :

Sultanpur,Uttar Pradesh

First Published :

August 25, 2026, 15:48 IST

Source

dainikupeditor@gmail.com

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • योजनाये
  • राजनीति