आगरा के शाहगंज स्थित सोरों कटरा वाल्मीक बस्ती में इन दिनों गंदगी और जलभराव की समस्या से स्थानीय लोग परेशान हैं. बस्ती में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं और कई नालियां कचरे से चोक पड़ी हैं. बारिश होने के बाद स्थिति और भी खराब हो जाती है. नालियों का गंदा पानी सड़कों के साथ-साथ लोगों के घरों तक पहुंच जाता है, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
सफाई कर्मचारियों के नियमित नहीं आने का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सफाई कर्मचारी नियमित रूप से सफाई करने नहीं आते. कभी सफाई होती है तो कई दिनों तक कोई कर्मचारी दिखाई नहीं देता. गंदगी और जमा पानी के कारण मच्छरों की संख्या भी बढ़ गई है. लोगों का कहना है कि बस्ती में कई परिवार बीमारी की चपेट में आ रहे हैं. इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग की ओर से समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा.
गांधी पार्क में भी लगा कूड़े का ढेर
आगरा के शाहगंज स्थित सोरों कटरा वाल्मीक बस्ती निवासी साहिल चौहान ने बताया कि बस्ती में जगह-जगह गंदगी फैली हुई है. उन्होंने कहा कि बस्ती का गांधी पार्क भी लंबे समय से कूड़े की चपेट में है. पहले स्थानीय बच्चे और युवक यहां खेलने के लिए आते थे, लेकिन पार्क में फैली गंदगी के कारण अब लोगों ने यहां आना बंद कर दिया है.
गंदगी के कारण पार्क में आना छोड़ रहे लोग
साहिल ने बताया कि शाम के समय बुजुर्ग भी पार्क में बैठकर अपना समय बिताते थे, लेकिन सफाई व्यवस्था खराब होने के कारण उन्होंने भी यहां आना बंद कर दिया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्क साफ-सुथरा रहे तो बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों को काफी राहत मिलेगी.
सफाई व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की है कि पार्क में नियमित रूप से साफ-सफाई कराई जाए और कूड़े को समय पर उठाया जाए, ताकि लोग दोबारा इसका उपयोग कर सकें. लोगों ने बस्ती की नालियों की सफाई और नियमित कूड़ा उठाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की भी मांग की है.
वाल्मीक बस्ती के साथ भेदभाव का आरोप
आगरा के शाहगंज स्थित सोरों कटरा वाल्मीक बस्ती निवासी बुजुर्ग शिव सिंह घेचंद ने नगर निगम पर बस्ती के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि आसपास की अन्य बस्तियों में नियमित रूप से सफाई होती है, लेकिन उनकी बस्ती में सफाई व्यवस्था बेहद खराब है.
चोक नालियों और कूड़े के अंबार से बढ़ी परेशानी
शिव सिंह घेचंद ने बताया कि पूरी बस्ती की नालियां चोक पड़ी हैं और जगह-जगह कूड़े के अंबार लगे हुए हैं. सड़कें भी गंदगी से पटी हुई हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं.
बारिश में कई घंटों तक रहता है जलभराव
उन्होंने बताया कि बरसात के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते हैं. नालियां चोक होने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर भर जाता है और कई घंटों तक जलभराव की स्थिति बनी रहती है. इससे लोगों को घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है.
जलभराव के कारण बच्चे नहीं जा पाते स्कूल
शिव सिंह घेचंद ने कहा कि जलभराव के कारण कई बार बच्चे स्कूल तक नहीं जा पाते हैं. स्थानीय लोगों ने बस्ती में नियमित सफाई, नालियों की सफाई और बेहतर जलनिकासी व्यवस्था कराने की मांग की है.











