Last Updated:August 26, 2026, 07:41 IST
कानपुर शहर के गोविंद नगर स्थित डीबीएस डिग्री कॉलेज की लाइब्रेरी अब सिर्फ आलमारियों में रखी किताबों तक सीमित नहीं है. यहां बैठकर छात्र देश ही नहीं, बल्कि दुनिया की लाइब्रेरी में मौजूद किताबों को भी खोज सकते हैं. कॉलेज की लाइब्रेरी देशभर की 10,193 लाइब्रेरी और संस्थानों से ऑनलाइन जुड़ी है. इस नेटवर्क के जरिए छात्रों और शोधार्थियों को करीब चार करोड़ किताबों तक पहुंच मिलती है. खास बात यह है कि नेटवर्क से 28 देशों की लाइब्रेरी भी जुड़ी हैं.
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कानपुर शहर के गोविंद नगर स्थित डीबीएस डिग्री कॉलेज की लाइब्रेरी अब सिर्फ आलमारियों में रखी किताबों तक सीमित नहीं है. यहां बैठकर छात्र देश ही नहीं, बल्कि दुनिया की लाइब्रेरी में मौजूद किताबों को भी खोज सकते हैं. कॉलेज की लाइब्रेरी देशभर की 10,193 लाइब्रेरी और संस्थानों से ऑनलाइन जुड़ी है. इस नेटवर्क के जरिए छात्रों और शोधार्थियों को करीब चार करोड़ किताबों तक पहुंच मिलती है. खास बात यह है कि नेटवर्क से 28 देशों की लाइब्रेरी भी जुड़ी हैं. ऐसे में विदेश की किसी लाइब्रेरी में मौजूद किताब की जरूरत होने पर छात्र कानपुर में बैठकर उसे सर्च कर सकते हैं और उसे मंगाने के लिए अनुरोध भी कर सकते हैं.
कॉलेज की अपनी लाइब्रेरी में भी अलग-अलग विषयों की करीब 70 से 80 हजार किताबें उपलब्ध हैं. इनमें पढ़ाई के साथ शोध कार्य में काम आने वाली किताबें और संदर्भ सामग्री भी शामिल हैं. कॉलेज ने अपनी लाइब्रेरी को दिल्ली की संस्था डेलनेट से ऑनलाइन जोड़ा है. इससे विद्यार्थियों को किताबों के बड़े नेटवर्क तक पहुंच मिली है.
एक क्लिक पर पता चलेगा किस लाइब्रेरी में है किताब
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनिल मिश्रा ने बताया कि डेलनेट के होमपेज के साथ कॉलेज के होमपेज पर भी विषयवार पुस्तकों का डाटा उपलब्ध है. किसी छात्र या शोधार्थी को जिस विषय की किताब चाहिए, वह उसका नाम या विषय डालकर ऑनलाइन सर्च कर सकता है. इससे उसे किताब के उपलब्ध होने और संबंधित लाइब्रेरी की जानकारी मिल जाती है. उन्होंने बताया कि कॉलेज की लाइब्रेरी में छात्रों के लिए रीडिंग रूम बनाया गया है. यहां विद्यार्थी बैठकर किताबों से पढ़ाई कर सकते हैं. वहीं, लाइब्रेरी के पास ही शोधार्थियों के लिए अलग रिसर्च रूम बनाया गया है. इसमें शोधार्थी अपने विषय से जुड़ी किताबों और दूसरी शैक्षणिक सामग्री की जानकारी जुटा सकते हैं.
28 देशों की लाइब्रेरी में किताब मिली तो कानपुर से मंगा सकेंगे
प्राचार्य डॉ. अनिल मिश्रा ने बताया कि डेलनेट से भारत की हजारों लाइब्रेरी के अलावा 28 देशों की लाइब्रेरी भी जुड़ी हुई हैं. यदि किसी छात्र या शोधार्थी को ऐसी किताब चाहिए जो भारत में उपलब्ध नहीं है, लेकिन विदेश की किसी लाइब्रेरी में मौजूद है तो वह उसे ऑनलाइन सर्च कर सकता है. किताब की जानकारी मिलने के बाद उसे मंगाने के लिए अनुरोध भी किया जा सकता है. इससे खासकर शोधार्थियों को फायदा मिलेगा.शोध के दौरान कई बार ऐसी किताबों और संदर्भ सामग्री की जरूरत पड़ती है, जो स्थानीय स्तर पर आसानी से नहीं मिलती.ऐसे में उन्हें इस ऑनलाइन नेटवर्क के जरिए अपनी जरूरत की सामग्री खोजने का विकल्प मिल जाता है.
दूसरे संस्थानों के छात्र भी उठा सकते हैं फायदा
प्राचार्य ने बताया कि लाइब्रेरी की सुविधा केवल डीबीएस डिग्री कॉलेज के छात्रों तक सीमित नहीं है. दूसरे संस्थानों के छात्र और शोधार्थी भी यहां आकर पढ़ाई कर सकते हैं. किताबों की जरूरत समय पर पूरी हो, इसके लिए ऑनलाइन माध्यम से किताबों की जानकारी और अनुरोध की सुविधा भी उपलब्ध है. उन्होंने बताया कि कानपुर में छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के अलावा डीबीएस डिग्री कॉलेज में भी इस स्तर पर लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध है. कॉलेज की लाइब्रेरी अब छात्रों के लिए सिर्फ किताब पढ़ने की जगह नहीं, बल्कि कानपुर में बैठकर देश और दुनिया की शैक्षणिक सामग्री तक पहुंच बनाने का माध्यम बन गई है.
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Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…
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Kanpur Nagar,Uttar Pradesh
First Published :
August 26, 2026, 07:41 IST











