Last Updated:July 02, 2026, 14:23 IST
Kanpur News: कानपुर के युवाओं की तेज गेंदबाजी को निखारने के लिए कानपुर के जरीब चौकी स्थित कमला क्लब में दो दिवसीय ट्रायल की शुरुआत हुई. पहले ही दिन 500 से अधिक युवा अपने हाथों की रफ्तार और हुनर दिखाने पहुंचे. मैदान पर हर खिलाड़ी की आंखों में एक ही सपना था कि शायद यही मौका उन्हें भविष्य का नया जसप्रीत बुमराह बना दे.
कानपुर: अगर आपके अंदर भी 140 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकने का सपना है, तो अब वह सपना हकीकत बन सकता है. उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) ने प्रदेश के छिपे हुए तेज गेंदबाजों को तलाशने के लिए खास “यूपीसीए स्पीड हंट” अभियान शुरू किया है. इसी अभियान के तहत बुधवार से कानपुर के जरीब चौकी स्थित कमला क्लब में दो दिवसीय ट्रायल की शुरुआत हुई. पहले ही दिन 500 से अधिक युवा अपने हाथों की रफ्तार और हुनर दिखाने पहुंचे. मैदान पर हर खिलाड़ी की आंखों में एक ही सपना था कि शायद यही मौका उन्हें भविष्य का नया जसप्रीत बुमराह बना दे.
6 गेंदों में परखी गई रफ्तार और प्रतिभा
ट्रायल के दौरान खिलाड़ियों की गेंदबाजी की स्पीड, लाइन-लेंथ, एक्शन और फिटनेस जैसे कई मानकों पर जांच की गई. हर खिलाड़ी को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए छह गेंदें फेंकने का मौका दिया गया. 16 से 24 वर्ष तक के युवा इस ट्रायल में हिस्सा ले रहे हैं. खिलाड़ियों का उत्साह इतना ज्यादा था कि कई युवा तय समय से काफी पहले ही मैदान पहुंच गए और अपनी बारी का इंतजार करते रहे. यूपीसीए अधिकारियों के मुताबिक, अब तक हुए ट्रायल में गोरखपुर के एक खिलाड़ी ने 138 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी की है, जबकि लखनऊ की एक महिला खिलाड़ी ने 101 किमी. प्रति घंटे की स्पीड से गेंद फेंककर सभी का ध्यान खींचा है.
यूपी को मिलेंगे नए तेज गेंदबाज
यूपीसीए का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ ट्रायल लेना नहीं, बल्कि प्रदेश के गांव-शहरों में छिपी ऐसी प्रतिभाओं को सामने लाना है जो सही प्रशिक्षण मिलने पर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकती हैं. अधिकारियों का मानना है कि जो खिलाड़ी अभी 130 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहे हैं, वे बेहतर कोचिंग और आधुनिक सुविधाओं के साथ 140 से 145 किमी. प्रति घंटे की गति तक पहुंच सकते हैं. यही वजह है कि इस अभियान को भविष्य के भारतीय तेज गेंदबाज तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. अगर खिलाड़ियों को सही मार्गदर्शन मिला तो आने वाले समय में उत्तर प्रदेश से भी भारत को नया जसप्रीत बुमराह मिल सकता है.
1700 खिलाड़ियों ने कराया पंजीकरण
कानपुर में हो रहे इस ट्रायल के लिए शहर के अलावा आसपास के 12 जिलों से करीब 1700 खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया है. खास बात यह है कि इस पूरी चयन प्रक्रिया के लिए खिलाड़ियों से कोई शुल्क नहीं लिया गया. इससे आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं को भी अपनी क्षमता दिखाने का पूरा मौका मिल रहा है. यूपीसीए के सचिव प्रेम मनोहर गुप्ता ने बताया कि स्पीड हंट कार्यक्रम के तहत पूरे उत्तर प्रदेश के सात शहरों में ट्रायल आयोजित किए जा रहे हैं. सभी ट्रायल पूरे होने के बाद प्रदेश के 35 सबसे तेज और प्रतिभाशाली फास्ट बॉलर्स का चयन किया जाएगा.
इन खिलाड़ियों को आगे विशेषज्ञ कोचों से प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे भविष्य में उत्तर प्रदेश की टीम और फिर भारतीय क्रिकेट में अपनी पहचान बना सकें. युवाओं का जोश और मैदान पर दिखी रफ्तार इस बात का संकेत है कि उत्तर प्रदेश में तेज गेंदबाजों की प्रतिभा की कोई कमी नहीं है. जरूरत सिर्फ सही मंच और बेहतर प्रशिक्षण की है और यूपीसीए का यह स्पीड हंट अभियान उसी दिशा में एक बड़ी शुरुआत माना जा रहा है.
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आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ल…
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