मणिकर्णिका घाट पहुंचा शूटर जसपाल राणा का पार्थिव शरीर, लोग दिखे भावुक

वाराणसी: उत्तराखंड के दिग्गज शूटर और पद्मश्री जसपाल राणा के निधन से खेल जगत से लेकर आमजन तक दुखी हैं. आज उत्तर प्रदेश के वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. बताया जा रहा है कि उनका पार्थिव शरीर देहरादून से बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचेगा. फिर वहां से सड़क मार्ग से होते हुए मणिकर्णिका घाट ले जाया जाएगा. यहां पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने के बाद मुखाग्नि दी जाएगी.

मणिकर्णिका घाट पहुंचा पार्थिव शरीर
खबरों के अनुसार,जसपाल राणा का पार्थिव शरीर मणिकर्णिका घाट पहुंच चुका है और अब सारी विधि-विधान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी.

वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचा शव
ताजा जानकारी के अनुसार, जसपाल राणा का पार्थिव शरीर वाराणसी एयरपोर्ट पहुंच चुका है और कुछ ही देर में उनके पार्थिव शरीर को मणिकर्णिका घाट ले जाया जाएगा. वहीं मणिकर्णिका घाट पर चिता सजाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है. घाट के निचले हिस्से में जसपाल राणा का अंतिम संस्कार किया जाएगा. बता दें कि दिग्गज शूटर जसपाल राणा को गॉर्ड ऑफ ऑनर देने के लिए जवान भी पहुंचे हैं.

अंतिम यात्रा हुई पूरी
आज देहरादून में सुबह 10:30 बजे उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई. इस भावुक क्षण में उनकी शिष्या और ओलंपियन मनु भाकर भी गुरु के अंतिम दर्शन करने पहुंची और फूट-फूट कर रो पड़ीं. इस दौरान जसपाल के पिता नारायण राणा ने उन्हें ढांढस बंधाया.

हर कोई दुखी और नम
बता दें, इससे पहले शुक्रवार शाम करीब 7:45 बजे उनका पार्थिव शरीर दिल्ली से देहरादून स्थित पोंदा के मझोन गांव पहुंचा था, जहां देर रात तक अंतिम दर्शन के लिए खिलाड़ियों, राजनीतिक नेताओं और शुभचिंतकों का तांता लगा रहा. जसपाल राणा के पिता नारायण सिंह राणा बेटे को अंतिम बार देखकर खुद को संभाल नहीं पाए. उनकी आंखों से आंसुओं की धारा बहती रही और वह सिसकते हुए अपने पैरों पर भी ठीक से खड़े नहीं हो पा रहे थे. वहीं, परिवार के अन्य सदस्य, रिश्तेदार, मित्र और गांववासी भी फफक-फफक कर रो पड़े. जिस गांव ने अपने बेटे को विश्व पटल पर भारत का गौरव बनते देखा था, आज उसी गांव की आंखें नम थीं.

इसलिए हो रहा मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार
जसपाल राणा का अंतिम संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार किया जा रहा है. उनके चाचा राजेंद्र राणा ने बताया कि जसपाल राणा ने कई बार इच्छा जताई थी कि उनका अंतिम संस्कार मणिकर्णिका घाट पर हो. इसी वजह से परिवार ने वाराणसी में अंतिम संस्कार का निर्णय लिया है. जसपाल राणा (49) का शुक्रवार सुबह निधन हो गया था. वे पिछले 11 दिनों से दिल्ली के मैक्स साकेत अस्पताल में भर्ती थे. जर्मनी से लौटते समय फ्लाइट में उनकी तबीयत बिगड़ गई थी.

मुख्यमंत्री धामी समेत कई गणमान्य पहुंचे
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उनके घर पहुंचे और स्वजन से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की. मुख्यमंत्री ने जसपाल राणा के निधन को देश और उत्तराखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताया. उन्होंने कहा कि जसपाल राणा की उपलब्धियों और उनका जज्बा हमेशा युवाओं को प्रेरणा देता रहेगा. इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी, कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक सहदेव सिंह पुंडीर सहित कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और खेल जगत की हस्तियां श्रद्धांजलि देने पहुंचीं.

इधर, ओलिंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर शुक्रवार को ही अपने कोच जसपाल राणा को अंतिम विदाई देने देहरादून पहुंच गईं थी. कोच के पार्थिव शरीर को देख वह खुद को रोक नहीं पाईं और जसपाल राणा के पिता नारायण सिंह राणा से लिपटकर रो पड़ी थीं.

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dainikupeditor@gmail.com

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