Last Updated:July 02, 2026, 15:02 IST
UP Chunav 2027: क्या उत्तर प्रदेश में समय से पहले विधानसभा चुनाव होंगे. राजनीतिक गलियारों में इस वक्त यह सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है. खासकर बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और सत्ताधारी बीजेपी की सक्रियता बढ़ता हुआ देख इस अनुमान को बल मिल रहा है. लेकिन सवाल यह है कि आखिर क्या वजह है जिसके चलते यह अटकलें शुरू हुई हैं. बीजेपी से जुड़े नेताओं से बातें करने के बाद वजह का खुलासा होता है. आइए उसपर नजर डालते हैं.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के समय से पहले होने की बात चर्चा में है.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अगर अपने नियत समय पर होते हैं तो अभी इसें करीब छह महीने से ज्यादा का समय बचा हुआ है. लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यूपी चुनाव समय से पहले भी हो सकते हैं. दरअसल, यूपी में सक्रिय समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी और सत्ताधारी बीजेपी की जिस तरह से सक्रियता बढ़ गई है उसके बाद अटकलों को और भी हवा मिल रही है. अब सवाल उठता है कि कौन सी वो वजह है जिसको आधार मानकर यूपी में समय से पहले चुनाव होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं.
इस वजह यूपी में समय से पहले चुनाव होने का अनुमान
दरअसल, समय से पहले वही चुनाव कराता है जिसको अपनी दोबारा जीत का पूरा भरोसा होता है। ऐसे में यह स्पष्ट है कि अगर बीजेपी समय से पहले अगर चुनाव कराती है तो वह इस बात को लेकर आश्वस्त है कि उसे ही जीत मिलेगी. अगर योगी सरकार समय से पहले अगर चुनाव कराने के फैसले की ओर बढ़ती है तो वोटिंग के लिए नवंबर का महीना चुना जा सकता है. अक्टूबर और नवंबर के बीच तमाम चुनावी प्रोसेस को पूरा किया जा सकता है.
अगर इस विकल्प को अपनाया जाता है तो इसका मतलब यूपी में विधानसभा चुनाव होने में केवल चार महीने का वक्त बचा है. उत्तर प्रदेश में समय से पहले विधानसभा चुनाव होने के पीछे दो वजह बताई जा रही है.
- यूपी चुनाव जब तय समय पर होते हैं तो उस समय जनगणना का दूसरा चरण चल रहा होगा.
- दूसरा हरिद्वार में कुंभ का मेला लगना है। ऐसे में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सरकारें इसके इंतजाम में लग जाएंगी.
वहीं जो लोग कह रहे हैं कि यूपी, उत्तराखंड के चुनाव अपने तय समय पर ही होंगे. उनका कहना है कि बीजेपी समय से पहले चुनाव वाले विकल्प को सोच सकती थी, लेकिन राम मंदिर के दान में चोरी की घटना के बाद वह शायद ही इस विकल्प को चुने. यूपी सरकार चाहेगी राम मंदिर में चोर के मुद्दे का कोई निष्कर्ष जाए ताकि वह पूरी आत्मविश्वास के साथ जनता के बीच जा सकें. राम मंदिर में चोरी की घटना पूरी तरह से हिंदू आस्था का विषय है. ऐसे में बीजेपी शायद ही समय से पहले चुनाव कराकर ताजा मामले में जनता के आक्रोश का सामना करे.
बीजेपी के गठबंधन में किसी प्रकार की खटपट नहीं है. योगी बिल्कुल स्थितरता के साथ सरकार चला रहे हैं. ओम प्रकाश राजभर, अनुप्रिया पटेल, जयंत चौधरी और संजय निषाद जैसे सहयोगी इस हैसियत में नहीं हैं कि वह बीजेपी के सामने कोई अड़ंगा लगा पाएं. यह तय है कि इन तमाम दलों की हालत यह है कि उन्हें बीजेपी जितनी सीटें देगी उन्हें स्वीकार करना होगा. इसके अलावा बीजेपी को नेतृत्व पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों में आने के बाद से एक बार भी समय से पहले चुनाव नहीं कराया गया है.
About the Author
अभिषेक कुमार News18 की डिजिटल टीम में बतौर एसोसिएट एडिटर काम कर रहे हैं. वे यहां बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तसीगढ़, उत्तराखंड की राजनीति, क्राइम समेत तमाम समसामयिक मुद्दों पर लिखते …और पढ़ें
News18 न्यूजलेटर
अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज
खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में
Location :
Lucknow Cantonment,Lucknow,Uttar Pradesh










