मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ सहित अन्य जनपदों में सर्पदंश की घटनाओं में काफी इजाफा हुआ है. लगातार बारिश के कारण सांप सहित अन्य जहरीले जीव अपने बिलों से बाहर निकल रहे हैं. ऐसे में दबाव पड़ने पर ये जीव लोगों को काट लेते हैं. सर्पदंश के इलाज के लिए मरीज अब लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं. इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए लोकल 18 की टीम ने लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार से खास बातचीत की.
हर महीने 300 से 400 मरीज करा रहे इलाज
लोकल 18 की टीम से बातचीत करते हुए डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि वर्तमान समय में करीब 300 से 400 मरीज प्रतिमाह सर्पदंश से संबंधित घटनाओं के उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं. शासन की नीतियों के अनुसार आधुनिक सुविधाओं के साथ मरीजों का उपचार किया जा रहा है और स्वस्थ होने के बाद उन्हें घर भी भेजा जा रहा है.
सर्पदंश के बाद देरी करना पड़ सकता है भारी
डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि मरीज के ठीक होने की संभावना तब अधिक रहती है, जब सर्पदंश के कुछ ही देर बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल लाया जाए. कई मरीज समय रहते उपचार कराने के बजाय झाड़-फूंक के चक्कर में पड़े रहते हैं. इससे जहर शरीर में काफी फैल जाता है और मरीज को बचाने में काफी कठिनाइयां आती हैं.
झाड़-फूंक के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचें
डॉक्टर ने लोगों से अपील की कि सर्पदंश की घटना के बाद भ्रांतियों में उलझने के बजाय तुरंत उपचार के लिए अस्पताल जाएं. इसके लिए नजदीकी सीएचसी, पीएचसी और जिला अस्पताल के साथ ही लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज का रुख किया जा सकता है.
मेरठ में पाए जाते हैं ये जहरीले सांप
उन्होंने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ सहित अन्य जनपदों में कोबरा, स्नेल वाइपर और करैत जैसे विषैले सांप पाए जाते हैं. इन तीनों के विष का असर अलग-अलग होता है, जो इंसान के लिए काफी घातक हो सकता है.
एंटी स्नेक वेनम से बच सकती है जान
डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि अगर किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो उसे तुरंत नजदीकी सीएचसी, पीएचसी या जिला अस्पताल ले जाकर एंटी स्नेक वेनम लगवाना चाहिए. यह मरीज की जान बचाने में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. शासन की ओर से इसे स्वास्थ्य केंद्रों पर निशुल्क उपलब्ध कराया गया है, ताकि सर्पदंश के मरीजों को समय पर उपचार मिल सके.
सर्पदंश में समय पर इलाज ही सबसे जरूरी
सर्पदंश की स्थिति में समय पर अस्पताल पहुंचना बेहद महत्वपूर्ण है. बारिश के मौसम में विशेष सावधानी बरतने के साथ किसी भी व्यक्ति को सांप काटने पर घरेलू उपचार या झाड़-फूंक में समय गंवाने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए. इससे मरीज को समय पर उपचार मिल सकता है और गंभीर स्थिति से बचने की संभावना बढ़ जाती है.











