Last Updated:July 19, 2026, 10:46 IST
नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने किशोर आजवानी के शो ‘कहके रहेगा कहने वाला’ पर शिरकत की और अपने करियर से जुड़े कई दिलचस्प खुलासे किए. एक्टर ने बताया कि साल 2004 में आई अनुराग कश्यप की फिल्म ‘ब्लैक फ्राइडे’ की शूटिंग के दौरान वो अपने डायलॉग्स भूल गए थे. उन्होंने किसी तरह उस सिचुएशन को मैनेज किया और सीन शूट किया. लेकिन जब उन्होंने अपने सीन को मॉनिटर पर देखा तो हर कोई बस उनकी तारीफ करते रह गया.
नवाजुद्दीन सिद्दीकी अपनी फिल्म का डायलॉग भूल गए थे.
नई दिल्ली. नवाजुद्दीन सिद्दीकी शानदार अभिनय का पर्याय हैं. वो अपने हर किरदार में ऐसे ढल जाते हैं जैसे कि मानो वो किरदार उनके लिए ही लिखा गया हो. डार्क से डार्क और मुश्किल से मुश्किल किरदार को एक्टर ने पर्दे पर पूरी शिद्दत के साथ उतारा है. न्यूज18 इंडिया के साथ बातचीत में नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने अपनी उस फिल्म को याद किया जिसके सेट पर वो डायलॉग्स भूल गए थे, लेकिन अपनी सूझ-बूझ और समझदारी से एक्टर ने ऐसा जुगाड़ निकाला कि हर कोई देखता रह गया.
किशोर आजवानी के शो ‘कहके रहेगा कहने वाला’ में नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने अपनी उस फिल्म और उस सीन के बारे में विस्तार से बात की. वो कहते हैं कि ये किस्सा अनुराग कश्यप की फिल्म ‘ब्लैक फ्राइडे’ का है. साल 2004 में आई फिल्म ‘ब्लैक फ्राइडे’ में नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने एक ऐसे शख्स का किरदार अदा किया था जिससे पुलिस पूछताछ करती है.
‘ब्लैक फ्राइडे’ के सीन भूल गए थे नवाजुद्दीन
शो ‘कहके रहेगा कहने वाला’ पर एक्टर कहते हैं कि उन्होंने एक सीन खत्म किया ही था और उन्हें दूसरे सीन के लिए बैठा दिया गया. उनके हाथ में एक लंबा चौड़ा डायलॉग थमा दिया गया और डायरेक्टर ने जल्दबाजी मचा रखी थी कि लाइट चली जाएगी. काम खराब हो जाएगा जिसकी वजह से नवाजुद्दीन सिद्दीकी को डायलॉग पढ़ने का समय नहीं मिला और वो एक नजर देखकर शूटिंग करने लगे.
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पेपर से देखकर पढ़ा था डायलॉग
वो बताते हैं कि सीन शूट करने के लिए जब उन्हें एक सोफे पर बैठाया गया तो उन्होंने बगल में अपना पेज रख लिया था. लेकिन उनका सीन ऐसा था कि उनके बाल वगैरह भीगे हुए थे. उनके शरीर से पानी टपक रहा था जिसकी वजह से उनके साइड में रखा कागज भीग गया और उसपे लिखे डायलॉग्स मिट गए. ऐसे में हर चीज को पढ़ने और देखने के लिए एक्टर को डबल मशक्कत करनी पड़ रही थी.
नवाजुद्दीन के मुताबिक उन्होंने कैमरे को ध्यान में रखते हुए हर वो पैतरा आजमाया जिससे वो डायलॉग्स पढ़ सकें और किसी को पता न चले कि वो पेपर में देखकर अपने संवाद बोल रहे हैं. लेकिन हुआ ऐसा कि जब सीन पर उनको देखा गया तो हर किसी को लगा कि नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने क्या कमाल की एक्टिंग की है. क्या कमाल का डायलॉग बोला है. वो कहते हैं कि सिर्फ उन्हें पता है कि वो उस वक्त किन मुश्किलों का सामना करते हुए डायलॉग्स बोल रहे थे और उन्होंने कैसे उस सिचुएशन को मैनेज किया था.
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Pranjul SinghSub-Editor
From the precision of chemistry labs to the vibrant chaos of a newsroom, my journey has been about finding the perfect formula for a great story. A graduate in Chemistry Honours from the historic Scottish Churc…
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