Last Updated:August 25, 2026, 10:04 IST
Kannauj Gold Smuggling Case: उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में 10 किलो सोने के साथ पकड़े गए तस्करों ने खुलासा करते हुए बताया कि उन्होंने बीते तीन महीने में 100 किलो सोना नेपाल से भारत लाए थे. इसके बाद अलग-अलग राज्यों में उसकी तस्करी की थी.
नेपाल से भारत सोना लाने वाले तस्करों का खुलासा.
लखनऊः उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में दस किलो सोने के साथ पकड़े गए तस्करों से हुई पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है. जांच में पता चला है कि आरोपी पिछले 3 महीने में नेपाल से करीब 100 करोड़ रुपये का सोना लेकर भारत आए थे. ये 100 किलो सोना कुल छह बार में नेपाल से भारत लाया गया. ये सोना यूपी, दिल्ली और अन्य राज्यों में पहुंचाया गया. सोना सप्लाई से हासिल रकम को नेपाल के सप्लायर के पास भेजा गया. कस्टम ने सोमवार को गिरफ्तार आरोपी महराजगंज के संदीप जायसवाल और नेपाल के सरोज पंथ को लखनऊ कोर्ट में पेश किया. कोर्ट के आदेश पर दोनों आरोपियों को 14 दिन के लिए जेल भेजा गया. शुरुआती पूछताछ में सोना देने वाले का नाम भी एजेंसी को बताया गया है.
कैसे होती थी सोने की तस्करी
सोना देने वाला दोनों कैरियर को हर बार नया सिम कार्ड दिया जाता था, जिसके जरिए व्हाट्सएप कॉल करके दिल्ली और अन्य राज्यों में आरोपी सोना पहुंचाते थे. कॉल रिसीव करने वाला तय ठिकाने पर रकम देकर सोना लेता था. इन नंबरों का इस्तेमाल केवल सोना डिलीवरी के लिए ही होता था. शुरुआती जांच में सामने आया कि फेक आईडी पर प्री एक्टीवेटेड सिम का इस्तेमाल करता था ये गिरोह.
नेपाल के हर एक चक्कर लगाने पर मिलता था 2 लाख रुपये
इस गिरोह के तार सर्राफा कारोबारियों से जुड़े होने की बात सामने आ रही है. खाड़ी देशों से सोने की खेप नेपाल पहुंचाई जाती है. फिर उसे सड़क मार्ग से भारत लाकर अलग-अलग राज्यों में भेजा जाता है. सोना सप्लाई करने वालों को हर चक्कर में 1 से 2 लाख रुपए मिलते हैं. दोनों आरोपी सोने की खेप लेकर दिल्ली जा रहे थे.
चार घंटे के पास पर 9 घंटे तक नेपाल में रही कार
मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि तस्करी का खेल भारत-नेपाल सीमा के महेशपुर बॉर्डर का है. कार चार घंटे के पास पर नेपाल गई, लेकिन करीब साढ़े नौ घंटे बाद वापस लौटी. कस्टम विभाग की जांच में पता चला है कि संबंधित ब्रेजा कार 21 अगस्त को सुबह करीब 9 बजकर 36 मिनट पर महेशपुर बॉर्डर से नेपाल में दाखिल हुई थी. वाहन के लिए कथित तौर पर चार घंटे की अवधि का पास बनाया गया था. लेकिन कार शाम करीब सात बजे महेशपुर बॉर्डर से भारत वापस लौटी.
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Prashant RaiChief Sub Editor
Prashant Rai is a digital journalist with over 9 years of experience in Hindi journalism, specializing in politics, crime, hyper-local reporting, and viral news. He currently serves as Chief Sub Editor at News1…
Lucknow,Uttar Pradesh
First Published :
August 25, 2026, 10:04 IST










