सुल्तानपुर: जहां कभी गांव की एक महिला हुई सती, वहां आज लोग टेकते हैं माथा!
Last Updated:May 07, 2026, 17:02 IST
Sultanpur News: यूपी के सुल्तानपुर में एक ऐसा स्थान है, जिसकी खास मान्यता है. कहा जाता है कि यहां एक महिला सती हुई थी, जिसके बाद यहां पीपल का पेड़ निकल गया. इसके बाद गांव वालों ने मां सती के नाम से उस पीपल के वृक्ष की पूजा करना शुरू कर दिया और अब वहां पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं और मां सती की पूजा अर्चना करते हैं.
सुल्तानपुर: भारत प्राचीन काल से ही धर्म मान्यताओं और धार्मिक आस्था वाला देश रहा है. यहां पर कई ऐसी कहानियां प्रचलित हैं, जिस पर विश्वास करना मुश्किल होता है. जब हकीकत सामने होता है, तो विश्वास करना ही पड़ता है. एक ऐसी ही कहानी जुड़ी हुई है यूपी के सुल्तानपुर जिले में एक प्राचीन स्थल के बारे में, जहां पर ऐसी मान्यता है कि यहां पर गांव की एक महिला सती हुई थी और जहां पर महिला सती हुई, वहीं पर एक पीपल का वृक्ष उगा था. इसके बाद गांव वालों ने मां सती के नाम से उस पीपल के वृक्ष की पूजा करना शुरू कर दिया और अब वहां पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं और मां सती की पूजा अर्चना करते हैं. लोग यह भी कहते हैं कि जिन लोगों का वंश आगे नहीं बढ़ रहा होता, मां सती की कृपा से उनके वंश में वृद्धि होती है और अन्य भी मनोकामनाएं पूरी होती है.
यह है इतिहास
सती माता मंदिर के पुजारी राम केवल दास लोकल 18 से कहते हैं कि आज से डेढ़ सौ वर्ष पहले जब सती प्रथा थी, तब उस समय माताजी अपने पति के साथ सती हो गई थी. उसके बाद यहां पर इस चिता के ऊपर एक पीपल का वृक्ष उगा और वह वृक्ष काफी बड़ा हुआ. इसी गांव के रहने वाले तिवारी लोकल 18 से बताते हैं कि बरवारीपुर के रहने वाले भानु प्रताप सिंह ने इस पीपल का पेड़ कटवाया और यहां पर ईंट की पथाई करवा कर मंदिर का निर्माण करवाया. लोग बताते हैं कि जब पीपल का पेड़ काटा गया, तब उस समय कई 100 लीटर नीर पीपल की जड़ों से निकला था.
पूरी होती हैं मन्नत
पुजारी राम केवल दास आगे बताते हैं कि यहां पर दर्शन करने से जिन लोगों की मनोकामनाएं पूर्ण नहीं होती हैं, वह पूरी हो जाती हैं. ऐसा भी लोग बताते हैं कि जिस परिवार में वंश नहीं बढ़ रहा होता है, वहां दर्शन करने से उसका वंश भी आगे बढ़ने लगता है. इस मंदिर में प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार के दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. इसके साथ ही वार्षिक मेले और भंडारे का भी आयोजन किया जाता है. इसके साथ जिन लोगों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं, वह लोग माता के धाम में आकर कराही भी चढ़ाते हैं.
ऐसे पहुंचे मंदिर
अगर आप भी सती माता के इस मंदिर में पहुंचकर दर्शन करना चाहते हैं, तो आपको सुल्तानपुर शहर मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर कादीपुर क्षेत्र में आना होगा. कादीपुर के बरवारी ग्रामसभा में सती माता धाम स्थित है. यहां पर आने के लिए आपको मुख्य सड़क मार्ग से इंटरलॉकिंग खड़ंजा का रास्ता पकड़ना होगा. यह प्राचीन मंदिर सुल्तानपुर के धार्मिक स्थलों में एक माना जाता है.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.
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Location :
Sultanpur,Uttar Pradesh
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