नई दिल्ली. क्रिकेट के मैदान पर विकेट के पीछे खड़े होकर स्टंपिंग, कैच और तेजी से रन आउट करने की जिम्मेदारी जितनी बड़ी होती है, उतनी ही चुनौती बल्लेबाजी में अपनी टीम को संकट से बाहर निकालने की होती है. टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में कुछ ऐसे महान विकेटकीपर-बल्लेबाज हुए हैं जिन्होंने अपनी फुर्ती से तो दुनियाभर के बल्लेबाजों को परेशान किया ही, साथ ही बल्ले से भी ऐसे रिकॉर्ड बनाए जो आज भी क्रिकेट प्रेमियों के जेहन में ताजा हैं. इन दिग्गज खिलाड़ियों के करियर के आंकड़े महज कुछ अंक नहीं, बल्कि उनके संघर्ष, दृढ़ संकल्प और बेजोड़ प्रतिभा की पूरी कहानी बयां करते हैं.
जब बात सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले विकेटकीपरों की आती है, तो दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज मार्क बाउचर (Mark Boucher) का नाम सबसे ऊपर चमकता है. बाउचर ने साल 1997 से 2012 के लंबे करियर के दौरान कुल 147 मैच खेले. उन्होंने 206 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 24 बार नाबाद रहते हुए 5515 रन बनाए, जिसमें उनका सर्वोच्च स्कोर 125 रन रहा. बाउचर का औसत 30.30 का रहा और उन्होंने अपने शानदार करियर में 5 शतक और 35 अर्धशतक जड़े, हालांकि इस दौरान वे 17 बार शून्य पर भी आउट हुए.
सबसे ज्यादा टेस्ट मैच खेलने वाले दुनिया के 8 विकेटकीपर.
इयान हीली इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं
ऑस्ट्रेलिया के इयान हीली (Ian Healy) ने साल 1988 से 1999 के बीच अपने आक्रामक और मुस्तैद खेल से क्रिकेट जगत में अलग पहचान बनाई. हीली ने 119 मैचों की 182 पारियों में 23 बार नाबाद रहते हुए 4356 रन बनाए. उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 161 रन रहा और उन्होंने 27.39 के औसत से बल्लेबाजी करते हुए 4 शतक और 22 अर्धशतक अपने नाम किए.
आक्रामक बल्लेबाजी से तहलका मचाने वाले धुरंधर एडम गिलक्रिस्ट
एडम गिलक्रिस्ट (Adam Gilchrist) का नाम मॉडर्न क्रिकेट के सबसे खूंखार विकेटकीपर-बल्लेबाजों में शुमार है. गिलक्रिस्ट ने 1999 से 2008 के बीच सिर्फ 96 मैचों में ही अपनी धाक जमा दी. उन्होंने 137 पारियों में 20 बार नाबाद रहते हुए 5570 रन बनाए, जिसमें उनका विशाल नाबाद दोहरा शतक नाबाद 204 रन शामिल है. गिलक्रिस्ट का बल्लेबाजी औसत 47.60 का रहा, जो इस सूची में सबसे बेहतरीन में से एक है. उन्होंने अपने छोटे लेकिन असरदार करियर में 17 शतक और 26 अर्धशतक ठोके.
कंगारू और अंग्रेजी कीपरों का जलवा
ऑस्ट्रेलिया के ही रॉड मार्श (Rod Marsh) ने 1970 से 1984 के बीच 96 मैच खेले और 150 पारियों में 3633 रन जोड़े. 132 रन उनका सर्वोच्च स्कोर रहा और उन्होंने 26.51 के औसत से 3 शतक और 16 अर्धशतक बनाए. इंग्लैंड के एलन नॉट (Alln Knott) ने 1967 से 1981 के बीच 95 मैचों में शानदार निरंतरता दिखाई. नॉट ने 149 पारियों में 15 बार नाबाद रहते हुए 4389 रन बनाए, जिसमें 135 रन उनका सबसे बड़ा स्कोर था. उनका औसत 32.75 का रहा और उन्होंने 5 शतक तथा 30 अर्धशतक जड़े.
पुरानी पीढ़ी के शानदार कीपर-बल्लेबाज गॉडफ्रे इवांस
इंग्लैंड के ही गॉडफ्रे इवांस (Godfrey Evans) ने 1946 से 1959 के बीच के अपने दौर में 91 मैच खेले और 133 पारियों में 2439 रन बनाए, जिसमें 104 रन उनका एकमात्र शतक था. उनका औसत 20.49 का रहा और उन्होंने 8 अर्धशतक लगाए.
भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तान और मैच विनर धोनी
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सबसे सफल और शांत कप्तान विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) ने 2005 से 2014 के बीच टेस्ट क्रिकेट में अपनी अमिट छाप छोड़ी. धोनी ने 90 मैचों की 144 पारियों में 16 बार नाबाद रहते हुए 4876 रन बनाए. टेस्ट क्रिकेट में उनका सर्वोच्च स्कोर 224 रन रहा, जो उन्होंने चेन्नई में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जड़ा था. धोनी ने 38.09 के बेहतरीन औसत के साथ बल्लेबाजी करते हुए 6 शतक और 33 अर्धशतक अपने नाम किए.
भारतीय टीम के भरोसेमंद स्तंभ सैयद किरमानी
उनके अलावा भारत के सैयद किरमानी (Syed Kirmani) ने 1976 से 1986 के बीच 88 मैच खेले और 124 पारियों में 2759 रन बनाए. 102 रन उनका सर्वोच्च स्कोर था और उन्होंने 27.04 के औसत से 2 शतक और 12 अर्धशतक जड़े. इन सभी दिग्गजों ने अपने-अपने देशों के लिए न सिर्फ विकेटकीपिंग के नए मानक गढ़े, बल्कि जरूरत पड़ने पर अपनी टीम के लिए ढाल बनकर खड़े हुए.









