चेन्नई में गरजे ईशान किशन, दलीप ट्रॉफी फाइनल के पहले दिन कप्तान का तूफानी शतक

नई दिल्ली.  ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी फाइनल में शानदार शतक जड़ा.उन्होंने चेन्नई में खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी फाइनल के पहले दिन ईस्ट जोन की ओर से शतकीय पारी खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया. किशन ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 122 गेंदों में शानदार शतक जड़ दिया. टीम के लिए ओपनर अभिमन्यु ईश्वरन ने 72 रन, युवा वैभव सूर्यवंशी ने 44 रन और शिखर मोहन ने 85 रनों की बेहतरीन पारियां खेलीं.

घरेलू क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट दलीप ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है. चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले जा रहे खिताबी मुकाबले के पहले दिन ईस्ट जोन के बल्लेबाजों ने अपना दबदबा पूरी तरह कायम रखा. दिन का सबसे बड़ा आकर्षण ईस्ट जोन के कप्तान और स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन (Ishan Kishan) रहे, जिन्होंने अपनी शानदार बल्लेबाजी का मुआयना कराते हुए एक धमाकेदार शतक जड़ दिया. ईशान की इस पारी ने टीम को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है, जिससे साउथ जोन के गेंदबाज पूरे दिन विकेट के लिए तरसते नजर आए.

ईशान किशन ने फाइनल में खेली शतकीय पारी.

ईशान किशन की कप्तानी पारी
ईस्ट जोन की कमान संभाल रहे ईशान किशन ने मैदान पर उतरते ही अपने इरादे स्पष्ट कर दिए थे. उन्होंने साउथ जोन के गेंदबाजों की अनुशासित गेंदबाजी लाइनअप की धज्जियां उड़ाते हुए महज 122 गेंदों में अपना शानदार शतक पूरा किया. लाल गेंद के क्रिकेट में ईशान की यह पारी उनकी तकनीकी परिपक्वता और आक्रामक रुख दोनों का बेहतरीन मिश्रण थी. जब ईशान क्रीज पर उतरे थे, तब टीम को एक जिम्मेदार और तेज गति से रन बनाने वाली पारी की जरूरत थी. उन्होंने कप्तान के रूप में नेतृत्व करते हुए आगे बढ़कर टीम का जिम्मा उठाया. मैदान के चारों तरफ शॉट लगाते हुए उन्होंने साबित कर दिया कि लंबे समय बाद घरेलू सर्किट में उनकी वापसी कितनी धमाकेदार रही है. उनकी इस शतकीय पारी में दर्शनीय ड्राइव्स और हवा में लहराते हुए बेहतरीन 14 चौके और दो छक्के शामिल रहे, जिन्होंने चेन्नई के दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया.

शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों का ठोस योगदान
ईशान किशन के अलावा ईस्ट जोन के अन्य बल्लेबाजों ने भी पिच पर टिककर खेलने की बेहतरीन मिसाल पेश की. पारी की शुरुआत करने उतरे अनुभवी ओपनर अभिमन्यु ईश्वरन ने एक बार फिर अपनी क्लास का परिचय दिया. ईश्वरन ने सूझबूझ भरी पारी खेलते हुए 72 रनों का अहम योगदान दिया. उन्होंने एक छोर को मजबूती से संभाले रखा और साउथ जोन के तेज गेंदबाजों को शुरुआती सफलता हासिल नहीं करने दी.

इसके साथ ही, पारी में एक और आकर्षण युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी रहे. अपनी आक्रामक शैली के लिए पहचाने जाने वाले वैभव ने अच्छी शुरुआत की और कुछ बेहतरीन शॉट्स खेले, लेकिन वे अपने अर्धशतक से चूक गए. वैभव 44 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन तब तक उन्होंने टीम के लिए एक तेजतर्रार नींव रख दी थी. मध्य क्रम में बल्लेबाजी करने आए शिखर मोहन ने भी कप्तान ईशान का बखूबी साथ निभाया. शिखर ने बेहद जिम्मेदारी से खेलते हुए 85 रनों की शानदार पारी खेली. वे अपने शतक से मात्र 15 रन दूर रह गए, लेकिन उनकी यह पारी ईस्ट जोन के विशाल स्कोर की आधारशिला साबित हुई. अभिमन्यु, वैभव और शिखर के इन योगदानों की बदौलत ही ईस्ट जोन शुरुआती झटकों से उबरते हुए एक विशाल स्कोर की तरफ बढ़ने में सफल रहा.

साउथ जोन की गेंदबाजी और संघर्ष
मैच के पहले दिन साउथ जोन के गेंदबाजों के लिए हालात बेहद चुनौतीपूर्ण रहे. चेन्नई की पिच पर शुरुआत में नमी का फायदा उठाने की उम्मीद कर रहे साउथ जोन के गेंदबाजों को ईस्ट जोन के बल्लेबाजों ने पूरी तरह निराश किया. कप्तान ने अपने मुख्य गेंदबाजों को आजमाया, लेकिन अभिमन्यु और वैभव की शुरुआती साझेदारी को तोड़ने में उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी. हालांकि बीच के ओवरों में कुछ विकेट जरूर गिरे, लेकिन ईशान किशन और शिखर मोहन के बीच हुई शतकीय साझेदारी ने साउथ जोन के गेंदबाजों के मंसوبों पर पानी फेर दिया. क्षेत्ररक्षण के दौरान भी साउथ जोन के खिलाड़ियों में वह आक्रामकता नजर नहीं आई, जो एक खिताबी मुकाबले में अपेक्षित होती है. गेंदबाजों की अनुशासित लाइन-लेथ गायब दिखी, जिसका पूरा फायदा ईस्ट जोन के बल्लेबाजों ने उठाया.

खिताबी मुकाबले की मौजूदा स्थिति
दलीप ट्रॉफी के इस खिताबी मुकाबले का पहला दिन पूरी तरह से ईस्ट जोन के नाम रहा. कप्तान ईशान किशन के नेतृत्व में टीम ने जिस आक्रामक और संतुलित अंदाज में बल्लेबाजी की है, उससे स्पष्ट है कि साउथ जोन के सामने पहाड़ जैसा लक्ष्य खड़ा होने वाला है. पहले दिन का खेल समाप्त होने तक ईस्ट जोन ने 4 विकेट पर 385 रन बनाकर अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली है. ईशान 111 रन पर नाबाद हैं जबकि कुमार कशाग्र 63 रन बनाकर दूसरे छोर पर डटे हुए हैं. अब देखना यह होगा कि दूसरे दिन साउथ जोन की टीम किस रणनीति के साथ मैदान पर उतरती है और क्या वे ईस्ट जोन के निचले क्रम को जल्दी समेटकर मैच में वापसी कर पाते हैं या नहीं. फिलहाल, चेन्नई के इस ऐतिहासिक मैदान पर क्रिकेट प्रेमियों को एक यादगार मुकाबला देखने को मिल रहा है, जहां बल्लेबाजों का बोलबाला साफ तौर पर दिखाई दे रहा है.

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dainikupeditor@gmail.com

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