Last Updated:August 25, 2026, 19:29 IST
Lucknow Latest News : लखनऊ में ई-रिक्शों की बढ़ती संख्या अब ट्रैफिक के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है. शहर में करीब 80 हजार ई-रिक्शे चल रहे हैं. इसको लेकर हाईकोर्ट ने सरकार को सख्त नसीहत दी है और जल्द ई-रिक्शों की संख्या और संचालन को लेकर नीति बनाने को कहा है.
लखनऊ में 80 हजार ई-रिक्शा.
लखनऊ : यूपी के राजधानी लखनऊ में बढ़ते ई-रिक्शों की संख्या को लेकर हाईकोर्ट ने चिंता जताई है. कोर्ट ने कहा कि शहर में करीब 80 हजार ई-रिक्शे चल रहे हैं और इनकी वजह से ट्रैफिक की समस्या बढ़ रही है. हाईकोर्ट ने साफ कहा कि सरकार इस मामले में चुपचाप बैठी नहीं रह सकती. ई-रिक्शों की बढ़ती संख्या और उनके संचालन को लेकर सरकार को जल्द एक सही नीति बनानी होगी.
लखनऊ में बड़ी संख्या में ई-रिक्शे चल रहे हैं, लेकिन इनके लिए पर्याप्त पार्किंग की जगह नहीं है. ऐसे में ई-रिक्शे अक्सर चौराहों और मुख्य सड़कों के आसपास खड़े हो जाते हैं, जिससे जाम की स्थिति बनती है. कोर्ट ने कहा कि हर सड़क पर एक समय में एक तय संख्या में ही वाहन आसानी से चल सकते हैं. लेकिन ई-रिक्शों की संख्या बढ़ने से सड़कों पर दबाव बढ़ रहा है और ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ रही है.
ई-रिक्शों की बिक्री और संचालन पर लगाम कैसे लगेगी?
लखनऊ बेंच में ट्रैफिक की समस्या को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार से इस बारे में जवाब मांगा. हाईकोर्ट ने अपर महाधिवक्ता से कहा कि वह अपर मुख्य सचिव परिवहन से सरकार की प्रस्तावित नीति के बारे में साफ जानकारी लेकर आएं. कोर्ट ने यह भी पूछा कि ई-रिक्शों की लगातार बढ़ रही बिक्री और उनके संचालन को कैसे नियंत्रित किया जाएगा.
ट्रैफिक पुलिस के लिए अलग कैडर बनाने पर भी चर्चा
सुनवाई के दौरान ट्रैफिक पुलिस के लिए अलग कैडर बनाने के मुद्दे पर भी बात हुई. कोर्ट ने कहा कि ट्रैफिक संभालने का काम सामान्य पुलिस के काम से अलग है. इसलिए बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था के लिए सरकार को अलग ट्रैफिक पुलिस कैडर बनाने पर विचार करना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि पुलिस में पहले से ही कर्मचारियों की कमी है. ऐसे में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को ट्रैफिक संभालने में लगाने से कानून-व्यवस्था पर भी असर पड़ता है.
153 जगहों पर हुए काम की भी समीक्षा
हाईकोर्ट ने पॉलिटेक्निक से कमता क्रॉसिंग तक ट्रैफिक को बेहतर बनाने के लिए चिन्हित 153 सुधार बिंदुओं पर हुई कार्रवाई की भी समीक्षा की. कोर्ट ने नगर निगम की रिपोर्ट और कोर्ट की ओर से बनाई गई समिति के सुझावों पर अगली सुनवाई में पूरी रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है. इस मामले में अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी.
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Abhijeet ChauhanSub-Editor
अभिजीत चौहान, News18 Hindi के डिजिटल विंग में सब-एडिटर हैं. वर्तमान में अभिजीत उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और वायरल ख़बरें कवरेज कर रहे हैं. AAFT कॉलेज से पत्रकारिता की मास्…
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Lucknow,Lucknow,Uttar Pradesh
First Published :
August 25, 2026, 19:29 IST










