Last Updated:July 02, 2026, 08:06 IST
नगर निगम ने एक बड़ा फैसला लिया है. नगर निगम ने करोड़ों रुपए की लागत से गौ माता के अंतिम संस्कार को सम्मान पूर्वक किया जा सके उसके लिए इलेक्ट्रॉनिक अंत्येष्टि स्थल तैयार किया है. यानी की अगर आप भी गाय पाल रहे हैं और आपकी गाय की मौत हो जाती है तो अब आपको जरा भी सोचने की आवश्यकता नहीं है
सहारनपुर: पशु हमारे जीवन का अहम हिस्सा हैं. अगर गाय की बात करें, तो हिंदू धर्म में उसे पूजनीय माना जाता है. सहारनपुर नगर निगम की गौशाला में 500 से अधिक निराश्रित गोवंश हैं. यहां गायों के गोबर और गोमूत्र से 20 से अधिक उत्पाद तैयार किए जाते हैं, जिनकी पहचान देश ही नहीं, विदेशों तक है. धार्मिक आस्था से जुड़े लोग भी इस गौशाला में गायों की सेवा करने आते हैं.
अब नगर निगम ने गायों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. करोड़ों रुपये की लागत से एक इलेक्ट्रॉनिक पशु अंत्येष्टि स्थल तैयार किया गया है. यदि किसी पशुपालक की गाय की मृत्यु हो जाती है, तो उसे अब चिंता करने की जरूरत नहीं होगी. वह नगर निगम के पशु चिकित्सा विभाग को सूचना दे सकता है. इसके बाद निगम की टीम मृत पशु को सम्मानपूर्वक उठाकर इलेक्ट्रॉनिक मशीन (इंसिनरेटर) के माध्यम से उसका अंतिम संस्कार करेगी.
यह सुविधा केवल गायों तक सीमित नहीं रहेगी. सहारनपुर शहर के उन सभी पशुपालकों को भी इसका लाभ मिलेगा, जिन्हें पशुओं की मृत्यु के बाद उनके निस्तारण में परेशानी होती है. इस अंत्येष्टि स्थल पर गाय के साथ-साथ भैंस और अन्य बड़े पशुओं का भी वैज्ञानिक तरीके से अंतिम संस्कार किया जाएगा.
पशुओं का अब सम्मानपूर्वक होगा अंतिम संस्कार
नगर निगम के पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. संदीप मिश्रा ने बताया कि नगर निगम की कैटल कैचिंग टीम फिलहाल दो वाहनों के माध्यम से निराश्रित मृत पशुओं को उठाती है. वर्तमान में वैज्ञानिक व्यवस्था उपलब्ध नहीं होने के कारण जेसीबी से 6 से 7 फीट गहरा गड्ढा खोदकर पशुओं को दफनाया जाता है. इसके लिए गांव माहेश्वरी में एक अंत्येष्टि स्थल भी बनाया गया है.
उन्होंने कहा कि यह तरीका वैज्ञानिक नहीं है. इसी कारण नगर निगम ने पशु श्मशान घाट विकसित करने की पहल की है, जहां बड़े पशुओं के अंतिम संस्कार के लिए इंसिनरेटर लगाया जा रहा है. मशीनों की स्थापना का कार्य अंतिम चरण में है और अगले 15 से 20 दिनों में इसे शुरू कर दिया जाएगा.
वैज्ञानिक तरीके से अंतिम संस्कार
डॉ. मिश्रा ने बताया कि इसके बाद गाय, भैंस और अन्य बड़े पशुओं के शवों का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा सकेगा. फिलहाल, इंसिनरेटर मुख्य रूप से बड़े पशुओं, विशेषकर गायों और भैंसों के लिए लगाया जा रहा है. इसका उद्देश्य गायों का सम्मानजनक और वैज्ञानिक तरीके से अंतिम संस्कार सुनिश्चित करना है.
उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में यदि किसी निजी पशुपालक के मृत पशु को नगर निगम उठाता है, तो निर्धारित शुल्क की रसीद काटकर उसे गड्ढा खोदकर दफनाया जाता है. लेकिन नई व्यवस्था शुरू होने के बाद निजी पशुपालकों के मृत पशुओं का भी इलेक्ट्रॉनिक मशीन के माध्यम से वैज्ञानिक और सम्मानजनक ढंग से अंतिम संस्कार किया जाएगा.
About the Author
विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…
और पढ़ेंNews18 न्यूजलेटर
अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज
खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में
Location :
Saharanpur,Saharanpur,Uttar Pradesh










