क्या है राम मंदिर दान चोरी का सच? एक-एक पाई का अब होगा हिसाब, CBI को सौंपी जा सकती है जांच

Last Updated:July 02, 2026, 08:00 IST

Ram Mandir Chori News: राम मंदिर दान चोरी की जांच पिछले कुछ हफ्तों से जारी है. हालांकि अभी तक अंतिम रिपोर्ट एसआईटी ने नहीं सौंपी है. वहीं बताया जा रहा है कि राम मंदिर दान चोरी की जांच की जिम्मेदारी सीबीआई या अन्य किसी केंद्रीय जांच एजेंसी को मिल सकती है और इसके लिए योगी सरकार गंभीरता से विचार कर रही है.

राम मंदिर दान चोरी की जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को मिल सकती है.

अयोध्याः उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच तेजी से चल रही है. हालांकि इस बीच पता चला है कि उत्तर प्रदेश सरकार इस पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी सीबीआई या किसी दूसरी केंद्र जांच एजेंसी को सौंपने पर गंभीरता से विचार कर रही है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक सूत्रों का कहना है कि चूंकि यह मामला आर्थिक अपराध से जुड़ा है और इसमें गहन जांच की जरूरत है. इसलिए इसे CBI या किसी दूसरी केंद्रीय एजेंसी को सौंपने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है.

आज फिर अयोध्या जाएगी एसआईटी की टीम
बता दें कि अभी तक इस पूरे प्रकरण की जांच एसआईटी कर रही है, जिसे 15 दिन के भीतर रिपोर्ट देनी थी. हालांकि प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद राज्य सरकार ने एसआईटी को 15 दिन की और मोहलत दी है यानि कि 15 जुलाई तक अब एसआईटी को अपनी रिपोर्ट देनी होगी. बताया जा रहा है कि एसआईटी की टीम मामले की जांच के लिए गुरुवार को फिर अयोध्या जाएगा. सूत्रों के मुताबिक एसआईटी के साथ-साथ दान चोरी मामले की जांच कर रही अयोध्या पुलिस ने चोरी के पैसे भी बरामद कर लिए हैं. साथ ही आठ लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं. इसके अलावा पुलिस दान चोरी के पैसे से अर्जित की गई संपत्तियों का ब्यौरा भी निकाल रही है.

23 जून के बाद से अयोध्या नहीं गई है SIT की टीम
बीते 23 जून को मुख्यमंत्री कार्यालय को अपनी शुरुआती रिपोर्ट सौंपने के बाद से SIT अयोध्या नहीं गई है. स्थानीय पुलिस ने 25 जून को FIR दर्ज की थी और अयोध्या के साथ-साथ प्रतापगढ़, गोंडा और बस्ती जैसे आस-पास के ज़िलों में तलाशी अभियान चलाया है. पुलिस ने अब तक आठ आरोपियों से 79.80 लाख रुपये बरामद किए हैं. सूत्रों के मुताबिक, SIT ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सभी ट्रस्टियों से पूछताछ कर ली है, जिनमें चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव जैसे बड़े पदाधिकारी भी शामिल हैं.

किस आरोपी की राम मंदिर में क्या थी भूमिका
सूत्रों ने बताया कि ट्रस्टियों से मिली जानकारी मंदिर के दान-पात्रों में भक्तों द्वारा डाले गए नकद और कीमती सामान के मैनेजमेंट में उनकी भूमिका और भागीदारी से जुड़ी थी. सूत्रों के मुताबिक, रोजाना के कामकाज को समझने के लिए सबसे पहले ट्रस्टियों से पूछताछ की गई. कम से कम 20-25 कर्मचारी डोनेशन बॉक्स संभालते थे. वे उन्हें विज़िटर गैलरी से उस हॉल तक ले जाते थे, जहां गिनती का काम सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव (उर्फ़ टिन्नू) की देखरेख में होता था. जबकि गिनती की प्रक्रिया लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, रमाशंकर मिश्रा, मनीष कुमार यादव और करुणेश पांडे करते थे.

सिक्योरिटी सर्विसेज के कर्मचारियों से भी होगी पूछताछ
25 जून को FIR दर्ज होने के बाद इन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया. SIT ने उनसे 16 से 21 जून के बीच पूछताछ की थी. इसके बाद सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेज़ के सुपरवाइज़र समेत शुरुआती स्तर के कर्मचारियों से पूछताछ की जाएगी. SBI ने दान में मिले पैसे की गिनती और उसे बैंक ब्रांच तक पहुंचाने के काम के लिए इन कर्मचारियों को सिक्योरिटी और मैनपावर के तौर पर नियुक्त किया था.

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Prashant RaiChief Sub Editor

Prashant Rai am currently working as Chief Sub Editor at News18 Hindi Digital, where he lead the creation of hyper-local news stories focusing on politics, crime, and viral developments that directly impact loc…

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