बरसात में पशुपालक हो जाएं अलर्ट! लापरवाही से बीमार पड़ सकते हैं पशु, ये टीके हैं जरूरी

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बरसात में पशुपालक हो जाएं अलर्ट! जरा-सी लापरवाही से बीमार पड़ सकते हैं पशु

Last Updated:July 02, 2026, 16:50 IST

Monsoon Animal Care Tips: बरसात का मौसम अपने साथ पशुओं के लिए बीमारियों का खतरा भी लाता है, जिससे बचने के लिए पशुपालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. पशु चिकित्सक डॉ. राकेश कुमार तिवारी के अनुसार, इस दौरान पशुओं को साफ-सूखी जगह पर रखने, उन्हें स्वच्छ पानी और ताजा आहार देने के साथ ही टीकाकरण पर ध्यान देना बेहद जरूरी है. गलघोटू और लंगड़ा बुखार जैसे रोगों से बचाव के लिए सही समय पर टीके लगवाना पशुओं को गंभीर बीमारियों से बचाने का सबसे प्रभावी तरीका है.

गोंडा: बरसात का मौसम किसानों के लिए राहत लेकर आता है, लेकिन यही मौसम पशुओं में कई तरह की बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है. अगर इस समय पशुओं की सही देखभाल न की जाए, तो वे जल्दी बीमार पड़ सकते हैं. इससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है. लेकिन आप कुछ उपाय अपनाकर इस मानसून के सीजन में अपने पशुओं को बीमारियों से बचाकर नुकसान रोक सकते हैं.

लोकल 18 से बातचीत में पशु चिकित्सक डॉ. राकेश कुमार तिवारी ने बताया कि बरसात के दिनों में पशुओं को हमेशा साफ और सूखी जगह पर रखना चाहिए. गौशाला में पानी जमा नहीं होने देना चाहिए. क्योंकि, गंदगी और नमी के कारण बैक्टीरिया, वायरस और परजीवी तेजी से फैलते हैं, जिससे पशुओं में संक्रामक बीमारियां होने की आशंका बढ़ जाती है.

पशुओं को संतुलित आहार देना है जरूरी
डॉ. राकेश कुमार तिवारी ने बताया कि बरसात के दिनों में पशुओं को सड़ा-गला या फफूंद लगा चारा बिल्कुल नहीं खिलाना चाहिए. उन्हें ताजा हरा चारा, सूखा चारा और संतुलित आहार देना चाहिए. साथ ही पीने के लिए हमेशा साफ और स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना जरूरी है. बरसात में पशुओं के शरीर पर जूं, किलनी और अन्य बाहरी परजीवी भी बढ़ जाते हैं. इसलिए समय-समय पर उनकी सफाई करें और जरूरत पड़ने पर पशु चिकित्सक की सलाह से दवा का उपयोग करें.

पशुओं को समय पर लगवाएं ये टीके
बरसात शुरू होने से पहले या मौसम के दौरान पशुओं का समय पर टीकाकरण कराना बहुत जरूरी है. इस दौरान गलघोटू (एचएस) और लंगड़ा बुखार (बीक्यू) जैसे रोगों के टीके जरूर लगवाने चाहिए. जिन क्षेत्रों में खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) का टीकाकरण अभियान चल रहा हो, वहां पशुओं को यह टीका भी समय पर लगवाएं. इससे गंभीर बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है.

लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
अगर पशु में तेज बुखार, खाना छोड़ देना, सांस लेने में परेशानी, मुंह या नाक से पानी आना, बार-बार दस्त होना या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इलाज में देरी न करें. तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सालय या पशु चिकित्सक से संपर्क करें. बरसात के मौसम में थोड़ी सी सावधानी और समय पर टीकाकरण से पशुओं को कई गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है. इससे पशु स्वस्थ रहेंगे और पशुपालकों की आय पर भी कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा.

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Seema Nath

सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें

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