फीफा वर्ल्ड कप से पहले बवाल… लियोनल मेसी का पासपोर्ट डेटा लीक

Last Updated:June 10, 2026, 23:32 IST

Lionel Messi passport data leak: फीफा वर्ल्ड कप की शुरुआत से पहले ही विवादों का सैलाब आ गया है. एक बड़ी सुरक्षा चूक में लियोनल मेसी सहित अर्जेंटीना की पूरी टीम का पासपोर्ट डेटा लीक हो गया है. वहीं, सेनेगल टीम के साथ एयरपोर्ट पर अत्यधिक सुरक्षा जांच और सोमालिया के शीर्ष रेफरी उमर अरतान को अमेरिका में एंट्री न मिलने से फीफा पर सवाल उठ रहे हैं.

मेसी का पासपोर्ट डाटा लीक हो गया है.

नई दिल्ली. फीफा वर्ल्ड कप 2026 शुरू होने से ठीक पहले ही विवादों और सुरक्षा चूकों के भंवर में फंस गया है. मैदान पर जहां टीमें पसीना बहा रही हैं, वहीं मैदान के बाहर सुरक्षा, भेदभाव और प्रशासनिक लापरवाही की खबरों ने टूर्नामेंट की साख पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. लियोनल मेसी की डेटा लीक से लेकर अफ्रीकी खिलाड़ियों के साथ कथित भेदभाव और एक टॉप रेफरी को अमेरिका में एंट्री न मिलने तक, इस समय वर्ल्ड कप की सुर्खियां फुटबॉल से ज्यादा विवादों से भरी हैं.

टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले ही एक बहुत बड़ी सुरक्षा चूक (Data Breach) सामने आई है. न्यूज़ एजेंसी ‘रॉयटर्स’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक गंभीर प्रशासनिक लापरवाही के कारण मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना की पूरी टीम के पासपोर्ट विवरण सार्वजनिक हो गए. मंगलवार को आइसलैंड के खिलाफ खेले गए प्री-वर्ल्ड कप वॉर्म-अप फ्रेंडली मैच के दौरान आधिकारिक टीम शीट पर खिलाड़ियों के पासपोर्ट नंबर लिखे हुए थे. नियमतः मीडिया और जनता के बीच जारी करने से पहले इन नंबरों को ब्लर (धुंधला) किया जाना चाहिए था, लेकिन अलबामा के जॉर्डन-हारे स्टेडियम (Jordan-Hare Stadium) में बिना किसी कांट-छांट या रेडैक्शन के यह शीट हर जगह सर्कुलेट हो गई. इस लीक में सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में शुमार लियोनल मेसी का पासपोर्ट डेटा भी शामिल है. हालांकि, विरोधी टीम आइसलैंड के खिलाड़ियों की जानकारी सुरक्षित रही, क्योंकि उन्होंने अपनी टीम शीट में पासपोर्ट नंबर जमा ही नहीं किए थे. इस बेहद संवेदनशील मामले पर रॉयटर्स ने अर्जेंटीना फुटबॉल फेडरेशन और फीफा (FIFA) से संपर्क किया है, लेकिन खेल जगत में इस सुरक्षा चूक को लेकर भारी नाराजगी है.

मेसी का पासपोर्ट डाटा लीक हो गया है.

हवाईअड्डे पर सेनेगल की टीम के साथ ‘भेदभाव’ का आरोप
विवादों की फेहरिस्त यहीं खत्म नहीं होती। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों और फीफा के प्रबंधकों को कटघरे में खड़ा कर दिया है. वीडियो में दावा किया जा रहा है कि साडियो माने और कालिदौ कौलीबाली जैसे वैश्विक सुपरस्टार्स से सजी सेनेगल की फुटबॉल टीम को अमेरिका के सैन एंटोनियो हवाईअड्डे पर अत्यधिक और असामान्य सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ा. उड़ान से उतरते ही टीम के खिलाड़ियों को एयरपोर्ट के टरमैक (रनवे के पास) पर ही मेटल डिटेक्टरों से चेक किया जा रहा था. सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर भारी गुस्सा है कि स्पेन जैसी यूरोपीय टीमों को इस तरह की किसी गहन जांच का सामना नहीं करना पड़ा, जबकि सेनेगल और उज्बेकिस्तान (जिसके साथ न्यूयॉर्क में कथित तौर पर ऐसा ही व्यवहार हुआ) जैसी टीमों को निशाना बनाया गया. फैंस और विशेषज्ञों द्वारा इसे नस्लीय और क्षेत्रीय भेदभाव का रूप माना जा रहा है.

सोमाली रेफरी उमर अरतान को अमेरिका में एंट्री से रोका
एक और चौंकाने वाले घटनाक्रम में, सोमालिया के शीर्ष रेफरी उमर अरतान को अमेरिका में प्रवेश देने से मना कर दिया गया. अरतान, जिन्हें साल 2025 में अफ्रीका का सर्वश्रेष्ठ पुरुष रेफरी चुना गया था, फीफा की अंतिम सूची में शामिल होकर वर्ल्ड कप में मैच ऑफिशियल बनने वाले सोमालिया के पहले रेफरी बनने जा रहे थे. केन्या स्थित सोमाली दूतावास द्वारा वीज़ा जारी किए जाने के बाद भी, शनिवार को मियामी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ‘यू.एस. कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन’ ने ‘वेटिंग चिंताओं’ (Vetting Concerns) का हवाला देकर उन्हें रोक दिया. इसके तुरंत बाद फीफा ने भी उन्हें टूर्नामेंट की रेफरी सूची से बाहर कर दिया. बुधवार को जब अरतान अपनी राजधानी मोगादिशु लौटे, तो समर्थकों और अधिकारियों की भारी भीड़ ने उनका स्वागत किया. मायूसी के बावजूद अरतान ने हौसला नहीं खोया और कहा, ‘ मैं अगले वर्ल्ड कप में जरूर रहूंगा. मैं सोमाली युवाओं से अपील करता हूं कि वे अपने देश पर हमेशा गर्व करें.’

मैदान पर लौटे मेसी, बनाया ऐतिहासिक रिकॉर्ड
तमाम विवादों के बीच, जब अर्जेंटीना की टीम आइसलैंड के खिलाफ मैदान पर उतरी, तो फैंस को लियोनेल मेसी का वही पुराना जादू देखने को मिला. हैमस्ट्रिंग की चोट से उबरकर वापसी कर रहे मेसी दूसरी छमाही (Second Half) में सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान में आए और आते ही इतिहास रच दिया. जॉर्डन-हारे स्टेडियम में मौजूद 88,000 से अधिक दर्शकों के सामने अर्जेंटीना ने यह मैच 3-0 से जीता. मैच के दौरान मेसी के एक बेहतरीन थ्रू-बॉल पर लुटारो मार्टिनेज को पेनल्टी बॉक्स में फाउल किया गया. इसके बाद
मेसी ने बिना किसी गलती के पेनल्टी को गोल में बदला और टीम को 2-0 से आगे कर दिया. इस गोल के साथ मेसी 38 वर्ष और 11 महीने की उम्र में अर्जेंटीना के इतिहास के सबसे उम्रदराज गोलस्कोरर (Oldest Goalscorer) बन गए. उन्होंने एंजेल लाब्रूना का 1957 से चला आ रहा रिकॉर्ड तोड़ दिया, जो मेसी से दो महीने छोटे थे.

About the Author

Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

कमलेश राय वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…

और पढ़ेंLocation :

New Delhi,Delhi

Source

dainikupeditor@gmail.com

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post
Next Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • योजनाये
  • राजनीति