अयोध्या के मछली भोज विवाद पर राजू दास का खुला इंटरव्यू, हर सवाल का दिया जवाब

अयोध्या : यूपी में अयोध्या हनुमानगढ़ी और महंत राजू दास इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर लोगों की जुबान पर छाए हुए हैं. अपने विवादित बयान की वजह से हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास एक बार फिर चर्चा में बने हुए हैं. राजू दास ने एक टीवी चैनल के डिबेट में कांग्रेस प्रवक्ता को लेकर अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया. इसके बाद वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. तो वहीं कांग्रेस के तमाम नेता राजू दास को लेकर तरह-तरह की बयान बाजी कर रहे हैं. इन तमाम मुद्दे पर जब लोकल 18 की टीम ने राजू दास से बातचीत की तो राजू दास ने हर सवाल का जवाब दिया चलिए इस रिपोर्ट में विस्तार से जानते हैं.

दरअसल, मामला सावन की एकादशी तिथि से जुड़ा है. सावन माह की एकादशी तिथि के मौके पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने राम मंदिर और सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी में दर्शन पूजन किया उसके बाद मछली भोज के कार्यक्रम में शामिल हुए. इसके बाद सनातन धर्म के लोगों को यह घटना आहत कर गई और इसी मुद्दे पर टीवी चैनल पर एक डिबेट हो रहा था. जहां पर सनातन धर्म हिंदू धर्म गुरु के तौर पर राजू दास भी उस डिबेट में बैठे थे. इस डिबेट में कांग्रेस प्रवक्ता से कहा सुनी होती है. इसके बाद मामला पूरे देश की सुर्खियों में आ जाता है.

रिपोर्टर : महाराज जी, आपका एक डिबेट होता है टीवी चैनल पर, क्या था पूरा मामला? इस समय बहुत चर्चा चल रही है उसकी

राजू दास: देखिए धर्मनगरी अयोध्या में कांग्रेस के नेताओं के द्वारा मछली पार्टी पर वह डिबेट था और मैं अपनी बात को रख रहा था कि पुण्यनगरी अयोध्या, सावन सोमवार और इस प्रकार से मछली का भोज नहीं होना चाहिए था. क्योंकि यह धर्मनगरी है और धर्मनगरी अयोध्या में व्यक्ति भाव और भावना के साथ आता है और मुझको लगता है कि जो लोग उसमें आए हुए थे. वह लोग मांसाहार करने वाले लोग नहीं थे. तो मांसाहार करने वाले लोग नहीं थे क्योंकि अक्सर मैं देखता हूँ राम मंदिर, हनुमानगढ़ी का दर्शन करना, हनुमान चालीसा का पाठ करना. तो इस भाव और भावना के साथ एक तरफ आते हैं, दूसरी तरफ तत्काल मछली की पार्टी होती है, यही बात चल रही थी.

उसी बीच में कांग्रेस के प्रवक्ता मैं जानता भी नहीं था कि किस समाज से वह हैं कांग्रेस के प्रवक्ता बोले कि “चुप हो जा, ए चुप हो जा” तो मैंने कहा कि “मैं तो यार शालीनता से बात कर रहा हूँ, तुम जूता की बात कर रहे हो?” बस, वह तत्काल जूता उठा लिया मारने के लिए. तब तो भाई अब हम लोग नागा साधु हैं, तो फिर स्वाभाविक है, बर्दाश्त से बाहर है.

रिपोर्टर : महाराज जी लोग यह भी आरोप लगा रहे हैं कि आप एक सन्यासी साधु हैं और इस तरह की गाली देना. इस पर क्या कहेंगे?

राजू दास: अरे भाई सन्यासी साधु हैं तो कोई साधु को जूता ले के मारेगा, गरियाएगा, साधु शांत रहेगा चुप रहेगा क्या? भगवान राम प्रतीक्षा कर रहे थे कि रावण जो है वह त्रिकालदर्शी पंडित है, भगवान भोले का भक्त है, उसको नहीं मारना चाहिए? जो पापी दारू पी के मस्त था, उसको पता ही नहीं है कि अगला बैठा कौन है साधु है, महात्मा है, किस भेष का है हमने तो कुछ प्रयोग भी नहीं किया.तो इसके नाते स्वाभाविक है कि हम लोग नागा साधु हैं, धर्म रक्षक हैं, फौज हैं, सेना हैं, मिलिट्री हैं सनातन धर्म के तो भाई ‘जे मोहि मारा, तेहि मैं मारूँ’ तो जो जिस भाषा में समझेगा, उसको उस भाषा में समझाया जाएगा.वह उसी भाषा के पात्र था, तो मैं क्या करता भाई.

रिपोर्टर: महाराज जी, इसके अलावा उत्तर प्रदेश कांग्रेस पार्टी ने एक पत्र जारी किया है और उस पत्र में लिखा है कि जहां भी राजू दास महाराज टीवी चैनल पर डिबेट में बैठेंगे, वहां कांग्रेस का कोई भी प्रवक्ता नहीं जाएगा इस पर क्या कहेंगे?

राजू दास: अब देखिए, लोकतंत्र है और लोकतंत्र में विचारों को रखना चाहिए. अब इस प्रकार से भागने से कायरों की तरह काम नहीं चलेगा और विचार शालीनता से रखना चाहिए.अगर कोई व्यक्ति आपको जवाब दे रहा है तो आप सुनिए उस चीज़ को.आप वहाँ ‘तू-तड़ाक’ पर आ जाएँगे, तो अगला भी तो ‘तू-तड़ाक’ करेगा.ऐसा है नहीं कि अगला नहीं करेगा. तो इसके नाते यह गलत बात है और दूसरी तरफ आप देख सकते हो कि जिस प्रकार से वह हमको गाली दे रहे हैं. जिस प्रकार से हमारे ऊपर कोई एक लाख, कोई एक करोड़ हत्या की सुपारी दे रहे हैं तो क्या वो सब के सब राक्षस हैं और कुछ नहीं

रिपोर्टर: अच्छा महाराज जी, सोशल मीडिया पर यह भी चर्चा चल रही है कि कई लोगों ने आपके ऊपर कि आपको कोई जूता मारेगा तो उसको ₹51,000 इनाम दिया जाएगा, इसको आप कैसे देखते हैं?

राजू दास:- अब देखिए कितनी दुर्भाग्य की बात है लोकतंत्र में, प्रजातंत्र में, डेमोक्रेसी में इस प्रकार से हत्या के लिए बस इतनी नीचता स्तर पर कांग्रेस गिर गई है. कांग्रेस शुरू से सनातन विरोधी रही है और इतना भी मुझको नहीं विश्वास था कि इतना गिर जाएगी कि साधु की हत्या के लिए किसी को ₹21 लाख दे रहा है, किसी को ₹51,000 दे रहा है, किसी को जो है ₹1 लाख दे रहा है किसी को ₹10 लाख दे रहा है. किसी को ₹11 लाख दे रहा है किसी को ₹21 लाख दे रहा है… ऐसे करके इनाम घोषित किया जा रहा है मारने के लिए, हत्या के लिए.

तो यह कांग्रेस प्लानिंग कर चुकी है क्योंकि शुरू से ही कांग्रेस साधु के पक्ष में नहीं रही है. आपने देखा होगा कि दिल्ली में गोली चलवाना, गौ माता पर पूज्य करपात्री जी महाराज और कई संतों की शुरू से ही वह हत्या करवा चुकी है, तो मुझको विश्वास नहीं है और मुझको लगता है कि लगातार आप देखोगे कि फोन, गाली मतलब इस प्रकार से, और दुर्भाग्यपूर्ण है कि जाति से जोड़ना मैं तो जानता भी नहीं था, वह व्यक्ति ‘सिंह’ लिखा हुआ था, किस जाति से है और कोई अपना कोई यह भाव भी नहीं था, लेकिन उसको जाति से जोड़कर जिस प्रकार से कांग्रेसियों ने और कुछ कालनेमि टाइप के लोगों ने इस प्रकार से प्रचारित और प्रसारित कर रहे हैं कि जो भोले-भाले निषाद समाज के लोग हैं. आप सोचो कि मैं 2008 में निषाद समाज का एक बच्चा था, उसको छात्र संघ का चुनाव लड़ाया और लोग मुझको समझते थे कि राजू दास निषाद समाज से हैं जब उसको चुनाव लड़ाया, तो कई लोगों ने विरोध किया. तो कभी इस भाव… और भाषा हमारी किसी जाति के लिए रहती ही नहीं.हां, धर्म विरोधी जो हैं, उसकी मैं सीधे मुंह में गोबर कर देता हूं, जितने धर्म विरोधी हैं.

रिपोर्टर: अब इस पूरे मामले को आप कैसे देखते हैं, सोशल मीडिया पर जो चर्चाएं चल रही हैं?

राजू दास: यह तो देखिए, क्या है कि सोशल मीडिया पर जिस प्रकार से इन कांग्रेसियों ने निषाद समुदाय के भाइयों को एक इस प्रकार से मनोदशा उत्पन्न कर दिया है कि उल्टी-सीधी बातें कर रहे हैं. जबकि हमारा कोई यह भाव-भावना नहीं है और कांग्रेस चाहती है कि हमारी हत्या हो जाए और हत्या कराने की प्लानिंग में कांग्रेस लगी हुई है.

Source

dainikupeditor@gmail.com

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post
Next Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • योजनाये
  • राजनीति