Last Updated:September 04, 2026, 11:56 IST
Keyaa Banerjee viral video: 21 साल की भारतीय पावरलिफ्टर कीया कुणाल बनर्जी को उनकी 140kg की डेडलिफ्ट ने घर-घर में मशहूर कर दिया है. पूरा इंटरनेट उनके हुनर की तारीफ कर रहा है. साउथ अफ़्रीका में कीया ने यह शानदार कारनामा किया, जहां उन्होंने जूनियर महिला 47kg कैटेगरी के इंडिविजुअल डेडलिफ्ट इवेंट में सिल्वर मेडल जीता.
भारत की 21 साल की कीया बनर्जी ने अपनी पावरलिफ्टिंग से हर किसी को हिला दिया है.
नई दिल्ली: पावरलिफ्टिंग को अक्सर सिर्फ भारी वजन उठाने का गेम समझा जाता है, लेकिन भारत की रहने वाली कीया बनर्जी (Keyaa Banerji) की कहानी इससे जुदा है. सोशल मीडिया पर वह नई सनसनी बन चुकीं हैं. दुनिया इस छरहरी काया की लड़की को देखकर हैरान है कि कैसे सिर्फ 45.7 किलो की लड़की 140 किलो वजन उठा रहीं हैं.
दरअसल, बीते दिनों दक्षिण अफ्रीका के सन सिटी में वर्ल्ड सब-जूनियर एंड जूनियर क्लासिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप (IPF World Sub-Junior and Junior Classic Powerlifting Championships) हुई. यहां भारत की 21 साल की कीया बनर्जी ने महिलाओं की 47kg कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता. इसके बाद से ही इंटरनेट पर हर कोई इस भारतीय ‘पावर गर्ल’ की ताकत की चर्चा करने लगा है.
인도 출신의 21세 케야 쿠날 바네르지(Keyaa Kunal Banerji)
남아프리카공화국 선시티에서 열린 2026 IPF 세계 서브주니어 및 주니어 클래식 파워리프팅 선수권 대회에 출전
45.7kg 몸으로 140kg를 들어올리고 데드리프트 종목 은메달 획득
लेकिन कीया बनर्जी कौन हैं?
कीया बनर्जी एक भारतीय पावरलिफ्टर हैं, जो जूनियर महिला 47kg डिवीजन में हिस्सा लेती हैं. साउथ अफ्रीका में उनका कुल स्कोर 280kg रहा, जिसमें उनके सबसे अच्छे लिफ्ट में 90kg स्क्वाट, 50kg बेंच प्रेस और 140kg डेडलिफ्ट शामिल थे. हालांकि 47kg जूनियर मुकाबले में वह कुल मिलाकर पांचवें नंबर पर रहीं, लेकिन डेडलिफ्ट उनका सबसे शानदार इवेंट साबित हुआ. उनका 140kg का लिफ्ट इस इवेंट में दूसरा स्थान हासिल करने के लिए काफी था.
मासूम चेहरा, नाजुक शरीर और अदम्य ताकत
कीया बनर्जी की कामयाबी की सबसे बड़ी बात उनके शरीर के वजन और बार (bar) पर लगे वजन के बीच का अंतर है. दिखने में वह किसी एनिमे (Anime) कैरेक्टर की तरह लगती हैं. सिर्फ 45.70kg वजन होने के बावजूद, उन्होंने अपने शरीर के वज़न से तीन गुना ज्यादा वजन उठाया. यह कारनामा जल्द ही उनके पूरे टूर्नामेंट की सबसे बड़ी बात बन गया और सोशल मीडिया पर छा गया.
17 साल की छात्रा मधुरा कर ने भी छोड़ी छाप
दक्षिण अफ्रीका में छाप छोड़ने वाली अकेली भारतीय एथलीट बनर्जी नहीं थीं. इस चैंपियनशिप में मधुरा कर देश की बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक बनकर उभरीं. जलपाईगुड़ी की रहने वाली और 12वीं क्लास की स्टूडेंड मधुरा ने सब-जूनियर महिला 52 किलो कैटेगरी में चार गोल्ड मेडल जीते. 49.35 किलो वजन वाली इस पावरलिफ्टर ने स्क्वाट में 107.5 किलो, बेंच प्रेस में 60 किलो और डेडलिफ्ट में 125 किलो वजन उठाया, उनका कुल स्कोर 292.5 किलो रहा, जिससे उन्हें चारों इवेंट्स में गोल्ड मेडल मिला.
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Anshul TalmaleDeputy News Editor
अंशुल तलमले फरवरी 2025 से नेटवर्क18 ग्रुप में डिप्टी न्यूज एडिटर की जर्सी पहनकर स्पोर्ट्स डेस्क की कप्तानी कर रहे हैं. यहां स्पोर्ट्स कंटेंट प्लानिंग, एडिटोरियल डायरेक्शन एंड स्ट्रे…
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New Delhi,New Delhi,Delhi
First Published :
September 04, 2026, 11:56 IST











