लखनऊ: शिवा शर्मा की मौत के मामले में गिरफ्तार श्रद्धा दुबे पुलिस के सामने मीडिया को लेकर नाराजगी जताती दिखी. नागपुर में उसे कोर्ट ले जाने के दौरान पुलिसकर्मी और श्रद्धा के बीच हुई बातचीत सामने आई है. पुलिसकर्मी ने कहा कि मीडिया ने उसकी भद पिटवा दी. जिसके बाद श्रद्धा ने पुलिस को जो जवाब दिया वह सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. यूपी एसटीएफ ने श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश को नागपुर से गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी से बचने के लिए श्रद्धा लगातार ठिकाने बदल रही थी. वह एक जगह ज्यादा देर नहीं रुकती थी और पुलिस के पहुंचने से पहले ही वहां से निकल जाती थी.
पुलिस और श्रद्धा के बीच क्या बातचीत हुई?
पुलिसवाला: मीडिया तो कुछ भी निकालती है..
श्रद्धा: मीडिया की वजह से तो सारा!!
पुलिसवाला: मीडिया ने ही तो भद पीट दी तुम्हारी.. ठीक है तुम्हारा अपना, तुमने जो किया वो ठीक है.. आओ बैठो ..चलो, पीछे बैठो..
श्रद्धा: (अपनी बहन से..) आगे बैठ जाओ.. सांस लेने में प्रॉब्लम होती है..
पुलिसवाला: अरे कोई नहीं, हम दवाई दिला देंगे..
यह बातचीत ऐसे समय हुई, जब श्रद्धा और उसके साथियों को गिरफ्तार कर पुलिस आगे की कार्रवाई के लिए कोर्ट ले जा रही थी. मामले में उसकी गिरफ्तारी के साथ ही फरारी के दौरान एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचने की कहानी भी सामने आई है.
नागपुर तक पहुंचने के लिए बदले कई ठिकाने
यूपी एसटीएफ ने 20 अक्टूबर को नागपुर से श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश को गिरफ्तार किया. यूपी पुलिस 11 दिनों से तीनों को तलाश रही थी. एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश के मुताबिक, पुलिस को चकमा देने के लिए श्रद्धा लगातार अपने ठिकाने बदल रही थी. पुलिस के मुताबिक, श्रद्धा रविवार को लखनऊ से निकली थी. उसने लखनऊ से कानपुर, फिर फतेहपुर और सतना होते हुए नागपुर तक का सफर तय किया. इस दौरान उसने अलग-अलग गाड़ियों का इस्तेमाल किया, ताकि पुलिस को उसकी सही लोकेशन का पता लगाने में परेशानी हो.
जानकारी के मुताबिक, लखनऊ से कानपुर तक UP TT 4862 नंबर की अर्टिगा से सफर किया गया. इसके बाद UP 78 नंबर की ट्रैवल्स अर्टिगा से आगे का सफर तय किया गया. नागपुर पहुंचने के बाद स्थानीय संपर्क के जरिए फ्लैट लेने की बात भी सामने आई है.
पहले नेपाल गई, फिर यूपी लौटकर दिया इंटरव्यू
एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि पुलिस को चकमा देने के लिए श्रद्धा ने कई तरीके अपनाए. पुलिस के मुताबिक, वह पहले नेपाल गई और फिर वापस उत्तर प्रदेश में दाखिल हुई. इसके बाद लखनऊ पहुंचकर एक न्यूज चैनल को बाइट दी और फिर तुरंत यूपी से बाहर निकल गई. पुलिस का कहना है कि श्रद्धा के इस तरह लौटने और फिर बाहर जाने से उसकी लोकेशन को लेकर भ्रम की स्थिति बन सकती थी. पुलिस को लग सकता था कि वह अभी नेपाल में ही है, जबकि वह वापस यूपी आ चुकी थी. पुलिस के मुताबिक, श्रद्धा सफर के दौरान बुर्के का इस्तेमाल करती थी. वह छोटे होटलों में रुकती थी, जहां पहचान से जुड़ी जानकारी साझा करने की जरूरत कम पड़ सकती थी. वह मोबाइल और दूसरे संचार माध्यमों का इस्तेमाल भी कम से कम करती थी.
पुलिस के पहुंचने से 10-12 घंटे पहले छोड़ देती थी ठिकाना
एडीजी अमिताभ यश के मुताबिक, श्रद्धा किसी एक जगह पर ज्यादा समय तक नहीं रुकती थी. पुलिस जब तक उसकी लोकेशन तक पहुंचने की कोशिश करती, वह वहां से निकल चुकी होती थी. उन्होंने बताया कि श्रद्धा पुलिस से करीब 10 से 12 घंटे आगे चल रही थी. यानी पुलिस के किसी ठिकाने पर पहुंचने से पहले ही वह वहां से निकल जाती थी. इस वजह से उसे पकड़ने में समय लगा. नागपुर पहुंचने के लिए भी टैक्सी का इस्तेमाल किया गया. पुलिस के मुताबिक, श्रद्धा सफर के दौरान गाड़ी बदलती रहती थी. एक वाहन छोड़कर दूसरे वाहन से आगे बढ़ने का मकसद पुलिस की तलाश से बचना था.











