नई दिल्ली. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) और उसकी अस्थिर रणनीतियों पर पूर्व ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज जेसन गिलेस्पी ( Jason Gillespie ) और पाकिस्तान के पूर्व मुख्य कोच जेसन गिलेस्पी ने तीखा हमला बोला है. इंग्लैंड दौरे पर लगातार दो टेस्ट हारने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में मचे अभूतपूर्व घमासान के बीच गिलेस्पी ने कहा कि चयन समिति के अध्यक्ष आकिब जावेद को किसी और पर आरोप मढ़ने के बजाय ‘शीशे में अपना चेहरा देखना चाहिए.’
पाकिस्तान ने हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ चल रही तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के बीच में बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है. लीड्स (हेडिंग्ले) में खेले गए पहले टेस्ट में पारी और 103 रन की करारी शिकस्त और फिर लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट में 194 रन की बड़ी हार के बाद बोर्ड ने मुख्य कोच सरफराज अहमद और तेज गेंदबाजी कोच उमर गुल को अचानक पद से हटा दिया. इतना ही नहीं, टीम प्रबंधन ने सात खिलाड़ियों को बीच दौरे से ही स्वदेश वापस भेज दिया.
आकिब जावेद को गिलेस्पी ने जमकर लताड़ा.
खिलाड़ियों में खौफ और सलमान अली आगा का मामला
वर्ष 2024 में आठ महीने तक पाकिस्तान के कोच रहे जेसन गिलेस्पी ने ‘द ऑस्ट्रेलियन’ अखबार से बातचीत में इस पूरे घटनाक्रम पर दुख और नाराजगी जताई. गिलेस्पी, जिनके मार्गदर्शन में पाकिस्तान ने इंग्लैंड को 2-1 से टेस्ट सीरीज हराने में सफलता हासिल की थी, ने कहा कि बाहरी नजरिए से देखने पर ऐसा लगता है कि पाकिस्तानी खिलाड़ी मैदान पर बेहद डर और खौफ के साए में खेल रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘मुझे खिलाड़ियों के लिए बहुत बुरा लग रहा है क्योंकि यह उनकी आजीविका का सवाल है. सलमान अली आगा पहले टेस्ट में टीम की कप्तानी कर रहे थे, दूसरे टेस्ट में उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया और तीसरे टेस्ट से पहले उन्हें घर वापस भेजने वाले विमान में बैठा दिया गया. यह व्यवस्था किस तरह काम कर रही है?’
बिना रणनीति के चल रही चयन समिति
गिलेस्पी ने इस बिखराव का मुख्य जिम्मेदार सीधे तौर पर चयन समिति के प्रमुख आकिब जावेद को ठहराया. उन्होंने कहा कि टीम के पास चयन की कोई स्पष्ट रणनीति या दूरदर्शिता नहीं है. चयनकर्ता जिस तरह से रोजाना अपनी सोच बदल रहे हैं, उससे क्रिकेट के भविष्य पर अनिश्चितता का बादल मंडरा रहा है.
गिलेस्पी का पलटवार, ‘दूसरों पर दोष मढ़ना बंद करें आकिब’
हाल ही में आकिब जावेद ने टीम के इस निराशाजनक प्रदर्शन का ठीकरा जेसन गिलेस्पी और पूर्व व्हाइट-बॉल कोच गैरी कर्स्टन पर फोड़ा था. इस पर पलटवार करते हुए गिलेस्पी ने कहा कि आकिब पिछले दो सालों से चयन समिति के अध्यक्ष के पद पर बने हुए हैं, जबकि वह और कर्स्टन तो अब उस सेटअप का हिस्सा भी नहीं हैं. इसके बावजूद हर असफलता का दोष पुराने कोचों के सिर मढ़ना बेतुका और तर्कहीन है. गिलेस्पी ने कड़े शब्दों में कहा कि आकिब को दूसरों को दोष देने के बजाय खुद के फैसलों और कार्यशैली का निष्पक्ष विश्लेषण करना चाहिए.
संवादहीनता और खिलाड़ियों का अपमान
पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कोच ने खिलाड़ियों के साथ हो रहे व्यवहार और संवादहीनता पर भी गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने बताया कि आकिब जावेद और टीम के खिलाड़ियों के बीच बातचीत का जरिया पूरी तरह खत्म हो चुका है. जिन खिलाड़ियों को अचानक टीम से निकाला गया, उन्हें बोर्ड या चयनकर्ताओं से कोई सीधी जानकारी नहीं मिली. उन्हें अपने बाहर होने की खबर मीडिया, दोस्तों और परिवार के जरिए पता चली, जो खिलाड़ियों के प्रति बेहद अपमानजनक और गैर-पेशेवर रवैया है.
क्रिकेट जगत हैरान, दिग्गजों ने उठाए सवाल
इस विवादित कदम के बाद केवल गिलेस्पी ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत के कई दिग्गज हैरान हैं. पूर्व पाकिस्तानी कप्तान शाहिद अफरीदी और शोएब मलिक जैसे वरिष्ठ खिलाड़ियों ने इस फैसले पर गहरा अचरज व्यक्त किया है. वहीं पूर्व कोच मिकी आर्थर ने पूरी स्थिति को ‘पूरी तरह से हास्यास्पद’ करार दिया है.
अब हेसन और नोफके के कंधों पर जिम्मेदारी
इंग्लैंड दौरे के इस अंतिम पड़ाव पर पाकिस्तान की कमान अब न्यूजीलैंड के माइक हेसन को सौंपी गई है, जो पहले से ही टीम के व्हाइट-बॉल कोच की भूमिका निभा रहे थे. उनके साथ ऑस्ट्रेलिया के एशले नोफके को सहयोगी की जिम्मेदारी दी गई है. यह नई कोचिंग जोड़ी ऐसे समय में जिम्मेदारी संभाल रही है जब सीरीज का तीसरा और अंतिम टेस्ट 9 सितंबर से एजबेस्टन में शुरू होने जा रहा है और पाकिस्तान की साख पूरी तरह से दांव पर लगी हुई है.









