टिड्डियों ने कर दिया नाक में दम? ये आसान देसी जुगाड़ करें ट्राई, भागेंगी दुम दबाकर

Last Updated:August 25, 2026, 16:09 IST

How to get rid locusts : बारिश के मौसम में खेतों में हरियाली बढ़ जाती है. इसी के साथ कई तरह के कीट भी सक्रिय हो जाते हैं. टिड्डी सबसे घातक कीटों में से एक है, जो मिनटों में पूरी फसल चट कर सकते हैं. बारिश में इनका प्रकोप बढ़ जाता है. कोमल पत्तियों वाली फसलों पर इनका असर ज्यादा दिखता है, इसलिए खेत के आसपास अचानक टिड्डियां दिखें तो उन्हें नजरअंदाज करने की जगह तुरंत बचाव के उपाय शुरू करें. दिन ढलने के बाद टिड्डियां कई जगहों पर बैठ जाती हैं और सुबह फिर सक्रिय होकर उड़ने लगती हैं. इसलिए किसान शाम को खेत का एक चक्कर जरूर लगा लें.

बरसात के मौसम में खेतों में हरियाली बढ़ते ही कई तरह के कीट सक्रिय हो जाते हैं. अगर आपके इलाके में टिड्डियों की हलचल दिखाई दे रही है तो किसान थोड़ी सावधानी पहले से बरतें. टिड्डियों का झुंड खेत में पहुंच जाए तो हरी फसल को तेजी से नुकसान पहुंचा सकता है. खासकर कोमल पत्तियों वाली फसलों पर इनका असर ज्यादा दिख सकता है, इसलिए खेत के आसपास अचानक टिड्डियां दिखें तो उन्हें नजरअंदाज न करें और तुरंत बचाव के उपाय शुरू करें.

अगर सुबह या शाम खेत के आसपास टिड्डियों का झुंड दिखाई दे रहा है तो शुरुआत में ही उन्हें खेत में बैठने से रोकना बेहतर है. इसके लिए किसान खेत के आसपास टीन के डिब्बे, थाली या दूसरे सामान बजाकर तेज आवाज कर सकते हैं. कई बार अचानक तेज आवाज और लोगों की हलचल से टिड्डियां वहां से उड़ जाती हैं. यह आसान तरीका खासकर शुरुआती स्थिति में काम आ सकता है. आसपास के किसान भी मिलकर खेतों की निगरानी करें तो झुंड को समय रहते रोका जा सकता है.

टिड्डियों की गतिविधि पर नजर रखने के लिए शाम का समय काफी अहम हो सकता है. दिन ढलने के बाद टिड्डियां कई जगहों पर बैठ जाती हैं और सुबह फिर सक्रिय होकर उड़ने लगती हैं. इसलिए किसान शाम को खेत का एक चक्कर जरूर लगा लें. अगर पत्तियों पर बड़ी संख्या में टिड्डियां बैठी मिलें तो तुरंत बचाव की तैयारी करें. रात में उनकी मौजूदगी का पता चल जाए तो सुबह तक इंतजार करने के बजाय स्थानीय कृषि विशेषज्ञ से सही नियंत्रण उपाय की जानकारी लेना ज्यादा समझदारी है.

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जब टिड्डियों की संख्या ज्यादा हो और फसल पर नुकसान का खतरा दिखाई दे तब कीटनाशक नियंत्रण का विकल्प हो सकता है. मेलाथियान, क्विनालफोस और क्लोरपाइरिफोस का छिड़काव कर सकते हैं, लेकिन दवा का चुनाव फसल और स्थानीय स्वीकृत उपयोग के हिसाब से होना चाहिए. इसलिए पैकेट पर लिखी जानकारी देखकर ही मात्रा तय करें और जरूरत हो तो कृषि विशेषज्ञ से सलाह लें. छिड़काव के समय मास्क, दस्ताने और पूरे कपड़े पहनना भी सुरक्षा के लिहाज से जरूरी है.

अगर घर के अंदर टिड्डियां आ गई हों तो रसोई में मौजूद लहसुन से बना घरेलू स्प्रे आजमाया जा सकता है. इसके लिए लहसुन की कलियां पीसकर पानी में कुछ घंटे भिगो दें. फिर पानी को अच्छी तरह छानकर स्प्रे बोतल में भर लें और जहां टिड्डियों की आवाजाही ज्यादा हो, वहां हल्का छिड़काव करें. लहसुन की तेज गंध कीटों को दूर रखने में मदद कर सकती है. खिड़की दरवाजों के आसपास सफाई रखने से भी घर को व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी.

घर के आसपास टिड्डियों की हलचल ज्यादा है तो नीम के तेल वाला पानी एक आसान घरेलू विकल्प हो सकता है. थोड़े पानी में नीम तेल को अच्छी तरह मिलाकर घर के पौधों गार्डन और घर के बाहरी हिस्से में हल्का स्प्रे किया जा सकता है. नीम की गंध कई कीटों को दूर रखने में मदद करती है. अगर घर में पौधे हैं तो इस्तेमाल से पहले छोटे हिस्से पर इसे आजमाना बेहतर रहता है. खिड़कियों पर मेश स्क्रीन लगाने से टिड्डियों के अंदर आने की संभावना कम की जा सकती है.

टिड्डियों का झुंड किसी एक खेत तक सीमित रहे यह जरूरी नहीं है. अगर आपके खेत के आसपास बड़ी संख्या में टिड्डियां दिखाई दे रही हैं, तो पड़ोसी किसानों को भी तुरंत बता दें. सभी लोग मिलकर खेतों की निगरानी करें और जहां गतिविधि ज्यादा दिखे, वहां समय रहते उचित कदम उठाएं. किसी भी कीटनाशक का इस्तेमाल स्थानीय कृषि विशेषज्ञ या विभाग की सलाह और उत्पाद के लेबल के मुताबिक ही करें. समय पर जानकारी साझा करने से नुकसान बढ़ने से पहले ही बचाव हो सकता है.

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August 25, 2026, 16:09 IST

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