Last Updated:September 17, 2026, 04:03 IST
पीएम मोदी 17 सितंबर को 76वां जन्मदिन मनाएंगे. लता मंगेशकर उन्हें ‘नरेंद्र भाई’ कहती थीं, दोनों का भाई-बहन जैसा रिश्ता था. लता मंगेशकर हर साल पीएम को राखी भेजना कभी नहीं भूलती थीं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को अपना 76वां जन्मदिन मनाएंगे. इस मौके पर उनसे जुड़ी कई यादें और किस्से एक बार फिर चर्चा में हैं. इनमें भारत रत्न स्वर्गीय लता मंगेशकर के साथ उनका किस्सा भी शामिल है. लता मंगेशकर उन्हें ‘नरेंद्र भाई’ कहकर संबोधित करती थीं. दोनों के बीच भाई-बहन जैसा रिश्ता था और लता मंगेशकर हर साल रक्षाबंधन पर उन्हें राखी भी भेजती थीं. लता मंगेशकर ने एक लेख में बताया था कि वह पीएम मोदी के काम करने के तरीके और उनके इरादों से काफी प्रभावित थी.
लता मंगेशकर ने ‘मोदी एट 20: ड्रीम्स मीट डिलीवरी’ किताब की प्रस्तावना में पीएम मोदी को लेकर अपने विचार लिखे थे. इसमें उन्होंने लिखा कि मैं उनको कई सालों से जानती थीं और लोगों के लिए किए गए उनके काम को काफी दिलचस्पी से देखती थीं. उनकी प्राथमिकताएं कुछ अलग दिखाई देती हैं और उनकी बातचीत से मुझे यह महसूस हुआ कि उनका ध्यान सत्ता से ज्यादा लोगों के लिए कुछ करने पर है.
महात्मा गांधी से की थी तुलना
लता मंगेशकर ने महात्मा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा था कि जिस तरह गांधीजी ने आजादी की लड़ाई को जन आंदोलन बनाया और आम लोगों को उससे जोड़ा, उसी तरह नरेंद्र भाई देश की विकास यात्रा को भी एक जन आंदोलन से जोड़ने की कोशिश कर रहे थे. अपने इस आकलन को उन्होंने किताब की प्रस्तावना में दर्ज किया था.
पीएम मोदी को मानती थीं भाई, वह भी आते थे मिलने
लता मंगेशकर, पीएम मोदी को अपना भाई मानती थीं और वह भी उन्हें अपनी बड़ी बहन कहते थे. लता मंगेशकर के भाई हृदयनाथ मंगेशकर ने बताया था कि उनकी बहन और पीएम मोदी के बीच कई दशकों से सम्मान और अपनापन था. लता दीदी रक्षाबंधन पर उन्हें राखी भेजती थीं और वह भी फोन या चिट्ठी के जरिए जवाब देते थे. जब वह उनसे मिलने जाते थे तो लता उन्हें गुजराती खाना भी खिलाती थीं.
कितना भी बिजी रहते लेकिन फोन करते
2019 में लता मंगेशकर के 90वें जन्मदिन के मौके पर उन्होंने अमेरिका रवाना होने से पहले फोन कर जन्मदिन की शुभकामनाएं दी थीं. उस बातचीत में लता मंगेशकर ने देश में हो रहे बदलावों को लेकर अपनी खुशी जताई थी. उन्होंने कहा था कि उन्हें लगता है कि देश की तस्वीर बदल रही है और इससे उन्हें खुशी मिलती है. इस बातचीत को बाद में रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में भी साझा किया गया.
लता मंगेशकर क्या चाहती थीं
नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने से पहले भी लता मंगेशकर ने उनके लिए अपनी इच्छा सार्वजनिक रूप से जाहिर की थी. नवंबर 2013 में पुणे में दीनानाथ मंगेशकर सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल के उद्घाटन कार्यक्रम में, जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे और भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार थे, लता ने कहा था कि वह उन्हें देश के प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहती हैं.
निधन पर क्या कहा था
2022 में लता मंगेशकर के निधन पर श्रद्धांजलि देते हुए पीएम मोदी ने पोस्ट में लिखा था, ”मैं ये दुख शब्दों में बयां नहीं कर पा रहा हूं. दयालु और देखभाल करने वाली लता दीदी हमें छोड़कर चली गईं. वह हमारे देश में एक खालीपन छोड़ गई हैं, जिसे भरा नहीं जा सकता. आने वाली पीढ़ियां उन्हें भारतीय संस्कृति के एक दिग्गज के रूप में याद रखेंगी, जिनकी सुरीली आवाज में लोगों को मंत्रमुग्ध करने की अद्वितीय क्षमता थी.”
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VarshaSenior Sub Editor
वर्षा पिछले 9 सालों से डिजिटल मीडिया की दुनिया में सक्रिय हैं. वह वर्तमान में News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। बॉलीवुड की चमक-दमक से लेकर ओटीटी की नई दुनिया और टीवी इंडस्ट्री की हलचल तक, …
September 17, 2026, 04:03 IST









