Last Updated:July 17, 2026, 16:11 IST
Happy Birthday Ravi Kishan: सफलता की चमक के पीछे कई बार ऐसे किस्से छिपे होते हैं, जिन पर यकीन करना मुश्किल होता है. आज करोड़ों दिलों पर राज करने वाले इस एक्टर की जिंदगी भी कुछ ऐसी ही रही. बचपन में शरारतों के चलते मंदिर और दुकानों से चोरी तक की, लेकिन वक्त के साथ उसी लड़के ने अपने सपनों को नई दिशा दी. मिथुन चक्रवर्ती से प्रेरित होकर अभिनय की दुनिया में कदम रखने वाले इस सितारे को शुरुआत में असफलता का सामना करना पड़ा, मगर उसने हार नहीं मानी.
नई दिल्ली. स्टार बनने का सपना हर कोई देखता है, लेकिन उसे पूरा करने के लिए संघर्ष की जिस आग से गुजरना पड़ता है, वह हर किसी के बस की बात नहीं होती. आज जिस एक्टर का नाम हर सिनेमा जगत में सम्मान के साथ लिया जाता है. उसका बचपन गरीबी, शरारतों और गलतियों से भरा रहा. एक दौर ऐसा भी था, जब उसने अपने पसंदीदा स्टार मिथुन चक्रवर्ती की तरह बड़ा एक्टर बनने का सपना देखा. पिता ने साड़ी पहने देखा तो खूब पीटा. पति बेटे को मार डालेगा इस डर से मां ने 500 रुपये देकर घर से भगा दिया. एक्टिंग के जुनून में घर छोड़कर इस देसी छोरे ने मायानगरी का रुख कर लिया. शुरुआती सफर आसान नहीं था. पहली फिल्म फ्लॉप रही, लेकिन हौसला नहीं टूटा. संघर्ष, असफलताओं और कड़ी मेहनत के दम पर उसने ऐसी पहचान बनाई कि आज वह कई फिल्म इंडस्ट्री का जाना-पहचाना चेहरा है. दिलचस्प बात यह है कि अपने बचपन की गलतियों का जिक्र भी वह बिना किसी झिझक के कर चुका है. क्या आप समझे ये कौन हैं?
ये कोई और नहीं बल्कि भारतीय सिनेमा के सबसे बहुमुखी और चहेते एक्टिंग में से एक रवि किशन हैं. जो आज अपना 57वां जन्मदिन मना रहे हैं. 17 जुलाई 1969 को उत्तर प्रदेश के जौनपुर के एक छोटे से गांव से निकलकर देश के सबसे बड़े फिल्म स्टार्स और राजनेताओं में शुमार होने तक का उनका सफर किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. रवि किशन का असली नाम रवि किशन शुक्ला है. उनका बचपन आर्थिक तंगी में बीता. फोटो साभार-@ravikishann/Instagram
रवि किशन को बचपन से ही एक्टिंग और डांस का शौक था. बचपन में पिता की नजरों से बचकर वह रामलीला में सीता का रोल किया करते थे. पिता चाहते थे कि बेटा पढ़-लिखकर सरकारी बाबू बन जाए. लेकिन रवि किशन ये नहीं चाहते थे. एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि पिता को मेरा एक्टिंग करना बिलकुल पसंद नहीं था. मां इस बात को जानती थी, लेकिन उन्होंने कभी पिता जी के सामने इस बात का जिक्र नहीं किया. एक दिन रामलीला में साड़ी पहने पिता जी ने देख लिया. जब मैं घर लौटा तो उन्होंने मुझे चमड़े की बेल्ट से पीटा. मुझे याद है जिस तरह से उन्होंने चमड़े की बेल्ट से पीटा था कि मेरी चमड़ी निकल गई थी. मुझे ऐसा लगा कि जैसे उन्होंने सोच लिया था कि अब वह मुझे मार ही डालेंगे. फोटो साभार-@ravikishann/Instagram
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रवि किशन ने बताया कि पिता ने उन्हें लेदर की बेल्ट से बहुत पीटा था. इसके बाद मां ने उन्हें 500 रुपये दिए दिए. उन्होंने कहा था, ‘बच्ची भाग जा… वरना तू ना बचवे’. उस वक्त रवि किशन महज 14-15 साल के थे और फिर वह भागकर मुंबई पहुंच गए थे. उन्होंने बताया कि उस दौर में लोगों की पहली पसंद राजेश खन्ना, जीतेंद्र, अमिताभ बच्चन या ऋषि कपूर हुआ करते थे. लेकिन मैं मिथुन चक्रवर्ती बनना चाहता था. फोटो साभार-@ravikishann/Instagram
उन्होंने बताया कि मेरे तब लंबे बाल थे. लोग मेरे को बोलते थे कि मैं मिथुन चक्रवर्ती की तरह दिखता हूं. रवि ने आगे कहा कि मैं थोड़े टेड़ा चलता था और बोलता भी उनके अंदाज में था. क्योंकि मुझे लगता था कि मैं सुंदर नहीं हूं और मिथुन मेरे ही बिरादरी के हैं. उन्होंने बताया कि लोगों ने समझाया कि दादा तो सुपरस्टार हैं. उनकी नकल करेगा तो कहां चलेगा.’ फोटो साभार-@ravikishann/Instagram
मुंबई आने के बाद रवि किशन का संघर्ष आसान नहीं था. उन्होंने साल 1992 में फिल्म ‘पीतांबर’ से बॉलीवुड में कदम रखा. शुरुआत में उन्हें कुछ खास कामयाबी नहीं मिली और शुरुआती फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रहीं. इसके बाद उन्होंने कई बड़ी हिंदी फिल्मों जैसे ‘आर्मी’ (1996) और ‘कीमत’ (1998) में छोटे-मोटे और सहायक रोल किए. उन्होंने साउथ की फिल्मों तेलुगु और कन्नड़ में भी काम किया. विशेष रूप से अल्लू अर्जुन की सुपरहिट फिल्म ‘रेस गुर्रम’ (2014) में उनके विलेन ‘शिवा रेड्डी’ के किरदार को दर्शकों ने खूब पसंद किया. इसके अलावा उन्होंने कन्नड़ फिल्म ‘हेब्बुली’ में भी काम किया. फोटो साभार-@ravikishann/Instagram
2003 में रिलीज हुई भोजपुरी फिल्म ‘सैयां हमार’ ने रवि किशन की किस्मत बदल दी. इसके बाद उन्होंने ‘पंडित जी बताईं ना बियाह कब होई’, ‘धरती कहे पुकार के’, ‘देवरा बड़ा सतावेला’ जैसी कई हिट फिल्मों से भोजपुरी सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में अपनी जगह बना ली. रवि किशन ‘बिग बॉस’ के पहले सीजन का हिस्सा रहे. इसके अलावा उन्होंने कई टीवी शो होस्ट किए. फोटो साभार-@ravikishann/Instagram
रवि किशन ने ‘आप की अदालत’ में रजत शर्मा के सामने अपने बचपन का एक बेहद दिलचस्प शेयर किया था. उन्होंने स्वीकार किया था कि बचपन में वह मंदिर और अपने पिता की डेयरी की दुकान से पैसे चुराया करते थे. उन्होंने बताया था, ‘मेरे पिता एक पुजारी थे और उनकी दूध की दुकान भी थी. मैं हर मंगलवार और शनिवार हनुमान मंदिर जाया करता था. शनिवार को लोग हनुमान जी की मूर्ति के माथे पर सिक्के चिपकाते थे. मैं परिक्रमा करते समय वहां से 5, 10 या 20 पैसे निकाल लेता था. इसी बातचीत में उन्होंने बताया था कि वह पिता की दुकान के गल्ले से भी पैसे चुराते थे.’ फोटो साभार-@ravikishann/Instagram
सिनेमा में अपार सफलता हासिल करने के बाद रवि किशन ने राजनीति का रुख किया. वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की गोरखपुर लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के सांसद हैं. मिथुन दा के जैसे कपड़े पहनकर और उनके डांस स्टेप्स कॉपी करके अपने सफर की शुरुआत करने वाले रवि किशन आज खुद करोड़ों युवाओं के लिए एक प्रेरणा हैं. न्यूज18 की ओर से इस बेमिसाल एक्टर और जनसेवक को जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं. फोटो साभार-@ravikishann/Instagram
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