Last Updated:August 27, 2026, 07:11 IST
सहारनपुर के अंबेहटा पीर के रहने वाले अंकुर कुमार ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि हम लोग जो झूला बनाते हैं, यह कान्हा जी का सिंहासन, झूला और बेड है. इनको हम पिछले 6 साल से बनाते आ रहे हैं. इससे पहले हम लोग फर्नीचर का काम किया करते थे. उस समय घर की स्थिति ठीक नहीं थी और हम वृंदावन गए थे वहां से हम कान्हा जी को लेकर के आए थे. जब से कान्हा जी हमारे घर में आए तभी से हमने इस काम को शुरू किया.
सहारनपुर: जन्माष्टमी का पर्व नजदीक है, जिसको देखते हुए अभी से ही लोगों ने लड्डू गोपाल के लिए विभिन्न तरह की ड्रेस, झूले, बेड और सिंहासन को खरीदना शुरू कर दिया है. कान्हा जी पर जिसकी कृपया बरसी है उनकी किस्मत ही बदल गई है. ऐसी ही कहानी सहारनपुर के अंबेहटा पीर के रहने वाले अंकुर कुमार की है. जो की अपने पिताजी के साथ फर्नीचर बनाने का काम किया करते थे. लेकिन उससे घर का खर्च चलना भी मुश्किल हो रहा था. वह शुरू से ही कान्हा जी में उनकी आस्था थी.
7 साल पहले कान्हा के लिए बनाया सिंहासन
अंकुर के परिवार के लोग वृंदावन कान्हा जी के दर्शन करने के लिए गए. वहां से वह लोग 7 साल पहले कान्हा जी को लेकर के आए और उन्होंने अपने फर्नीचर के उस काम में से बचे रा मटेरियल से कान्हा जी के लिए सिंहासन बनाया. लेकिन उनको शायद नहीं पता था कि कान्हा जी का यह सिंहासन ही उनको लखपति बनाएगा. इसके बाद जिन्होंने भी उस सिंहासन को देखा उसी तरह के सिंहासन की डिमांड की और धीरे-धीरे अब डिमांड इतनी बढ़ गई है कि आसपास के राज्यों से भी बंपर ऑर्डर आते हैं. अंकुर कुमार और उनके परिवार के लोगों ने उस फर्नीचर के काम को बंद कर कान्हा जी के बेड, सिंहासन और झूठों को बनाना शुरू कर दिया. उनके काम पर कान्हा जी ऐसी कृपया बरसी की घर के सभी लोग मिलकर भी उस काम को पूरा नहीं कर पा रहे हैं, और महीने में लाखों रुपए की इनकम हो रही है. वो कहा जाता है ना ऊपर वाले की यहां देर है अंधेर नहीं और जब वह देने पर आता है तो हर एक छोटी सी चीज को वहां पर लाकर खड़ा कर देता है जहां तक इंसान की सोच नहीं जा पाती. ऐसा ही कुछ अंकुर कुमार और उनके परिवार के साथ हुआ कान्हा जी की कृपया अब लाखों में बरस रही है.
पड़ोसी को झूला आया पसंद
अंबेहटा पीर के रहने वाले अंकुर कुमार ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि हम लोग जो बनाते हैं यह कान्हा जी का सिंहासन, झूला और बेड है. इनको हम पिछले 6 साल से बनाते आ रहे हैं. इससे पहले हम लोग फर्नीचर का काम किया करते थे. उस समय घर की स्थिति ठीक नहीं थी और हम वृंदावन गए थे वहां से हम कान्हा जी को लेकर के आए थे. जब से कान्हा जी हमारे घर में आए तभी से हमने इस काम को शुरू किया. सबसे पहले हमने अपने रॉ मटेरियल से अपने खुद के घर में लाए हुए कान्हा जी के लिए एक झूला तैयार किया. पड़ोसियों को वह झूला काफी पसंद आया तो उन्होंने भी हमसे इसी तरीके का एक और झूला तैयार करने के लिए कहा. जब हमने उनको भी इसी तरीके का झूला बना कर दिया तो यह बात और लोगों तक गई और लोगों ने इसी तरीके के झूले, बेड और सिंहासन की मांग की.
जिसके बाद हमने धीरे-धीरे उनको बना कर देना शुरू कर दिया और यह हमारा काम बढ़ता चला गया और हमने फर्नीचर के उस काम को बंद करके कान्हा जी के सिंहासन, बेड और झूठों को बनाना शुरू कर आज अपना बिजनेस बना लिया. अब हमारे इस सामान की डिमांड ऋषिकेश, दिल्ली, करनाल में काफी है और सीजन में तो माल हम पूरा भी नहीं कर पाते. अभी भी जो यहां पर सामान लगा हुआ है उसका भी आर्डर आ चुका है और सारा माल पहले ही बुक हो चुका है. वहीं अगर डिजाइन की बात करें तो कई तरह के डिजाइन है और 7 इंच से लेकर के तीन-चार फीट तक का झूला और सिंहासन हम तैयार करते हैं. जबकि डेढ़ सौ रुपए से स्टार्टिंग हो जाती है और 5-6 हजार रुपये तक हम बना कर देते हैं. इनको तैयार करने के लिए हम लोग लकड़ी, प्लाई, कपड़ा, शीशे, बिडिंग इन सभी चीजों का इस्तेमाल करते हैं.
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Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…
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Saharanpur,Saharanpur,Uttar Pradesh
First Published :
August 27, 2026, 07:11 IST










