75 हजार रुपये लगा कमाए 2 लाख, बहराइच के सियाराम ने की ऐसी खेती, हो रहे मालामाल
Last Updated:July 02, 2026, 11:24 IST
Farmer Siyaram Story: आजकल हर कोई पैसा कमाना चाहता है. किसी को जल्दी अमीर बनना है तो किसी को अपने घरवालों का पेट पालना है. पर समझ नहीं आता कि आखिर पैसे कैसे कमाए जाएं. अब यूपी के किसान से आप जान सकते हो हजार लगाकर लाखों कमाने की ट्रिक. बहराइच के किसान से जानिए उनकी सक्सेस स्टोरी.
बहराइच : यूपी के बहराइच जिले के एक छोटे से गांव के रहने वाले किसान सियाराम वर्ष 2018 से लगभग एक एकड़ भूमि पर केले की खेती करते आ रहे हैं. वह एक खास किस्म की ‘देसी वैरायटी’ की खेती कर रहे हैं, जिससे उन्हें हर साल लाखों का मुनाफा बड़े आराम से हो जाता है. आइए जानते हैं कि इस मुनाफेदार फसल की खेती कैसे की जाती है.
बाजार में देसी केले की सदाबहार मांग
पिछले साल जब सही भाव न मिल पाने की वजह से उत्तर प्रदेश के ज्यादातर केला उत्पादक किसानों को नुकसान उठाना पड़ा, तब भी बहराइच के इस किसान ने अच्छा मुनाफा कमाया. इसका मुख्य कारण यह है कि इन्होंने देसी केले की खेती की थी. इसकी बाजार में हमेशा भारी मांग रहती है. अन्य किस्म के केलों का उपयोग मुख्य रूप से केवल फल के रूप में खाने के लिए किया जाता है, जिससे बाजार में अधिक पैदावार बढ़ते ही उनके दाम तेजी से गिर जाते हैं. इसके विपरीत, देसी केले का उपयोग सब्जी, चिप्स और अन्य कई खाद्य उत्पाद बनाने में किया जाता है. यही वजह है कि इसका भाव बाजार में ज्यादा ऊपर-नीचे नहीं होता और इसकी डिमांड पूरे साल बनी रहती है.
देसी केले की जैविक खेती का सही तरीका
किसान सियाराम के अनुसार, देसी केले की खेती के लिए 15 जून से 15 जुलाई के बीच का समय रोपाई के लिए सबसे उत्तम होता है. इसकी खेती की प्रक्रिया इस प्रकार है,खेत की तैयारी,केले की रोपाई से पहले खेत की गहरी जुताई करना बेहद जरूरी है. इससे खरपतवार नियंत्रित रहते हैं और पौधों की जड़ों का विकास अच्छा होता है.जैविक खाद का प्रबंधन, जुताई के बाद खेत में अच्छी मात्रा में गोबर की खाद डालनी चाहिए.
इसके साथ ही, 40 किलो देसी खाद में ट्राइकोडरमा मिलाकर आखिरी जुताई के वक्त मिट्टी में मिला देना चाहिए. इसके अलावा पौधों की रोपाई करने के दूसरे या तीसरे दिन पहली सिंचाई करनी चाहिए. और रोपाई के एक हफ्ते बाद कृषि वैज्ञानिकों की सलाह के अनुसार उचित कीटनाशक या जैविक अर्क का छिड़काव करना चाहिए. इस तरह वैज्ञानिक और जैविक तरीके से की गई केले की खेती मात्र 12 महीने में तैयार होकर किसानों को बड़ा और सुरक्षित मुनाफा दे देती है.
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