हरी से बेहतर है लाल भिंडी, इस किसान ने की खेती, कमा रहा तगड़ा मुनाफा
Last Updated:July 02, 2026, 09:05 IST
Cultivation of Red Okra: किसान रामसागर का कहना है कि बाजार में लाल भिंडी की पकड़ बहुत मजबूत है. अक्सर जब हरी भिंडी की बंपर पैदावार होती है तो उसका भाव बाजार में काफी गिर जाता है. लेकिन उसी समय लाल भिंडी का दाम ऊंचा बना रहता है और इसकी कीमत में ज्यादा गिरावट नहीं आती. लाल भिंडी न सिर्फ देखने में आकर्षक होती है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए पौष्टिक और खाने में भी स्वादिष्ट होती है.
बहराइच: बदलते समय के साथ अब किसान भी नई-नई फसलों को अपनाकर आगे बढ़ रहे है. बहराइच जिले के एक प्रगतिशील किसान इन दिनों लाल भिंडी की खेती करके अच्छा मुनाफा कमा रहे है. बाजार में इस भिंडी की मांग और कीमत दोनों ही सामान्य हरी भिंडी से काफी बेहतर है. आइए जानते है कि इस युवा किसान को लाल भिंडी की खेती का विचार कहां से आया और उन्होंने इसकी शुरुआत कैसे की. दिल्ली से मंगाए बीज, शुरू की लाल भिंडी की खेती बहराइच के किसान रामसागर एक युवा और उत्साही किसान है. जिन्हें खेती में नए प्रयोग करना पसंद है.
उन्होंने यूट्यूब पर लाल भिंडी के बारे में जानकारी जुटाई और इसके फायदे जानने के बाद दिल्ली से इसके उन्नत बीज मंगवाए. रामसागर ने अपने खेत के करीब एक बीघा हिस्से में लाल भिंडी की खेती शुरू की. इस खेती में उनका अनुभव काफी अच्छा रहा. इसमें उनकी लागत लगभग ₹6,000 से ₹7,000 के बीच रही और पहली ही बार में उन्हें करीब ₹20,000 का मुनाफा हुआ.
हरी भिंडी से क्यों बेहतर है लाल भिंडी?
किसान रामसागर का कहना है कि बाजार में लाल भिंडी की पकड़ बहुत मजबूत है. अक्सर जब हरी भिंडी की बंपर पैदावार होती है तो उसका भाव बाजार में काफी गिर जाता है. लेकिन उसी समय लाल भिंडी का दाम ऊंचा बना रहता है और इसकी कीमत में ज्यादा गिरावट नहीं आती. लाल भिंडी न सिर्फ देखने में आकर्षक होती है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए पौष्टिक और खाने में भी स्वादिष्ट होती है. यही वजह है कि यह बाजार में प्रीमियम दाम पर जल्दी बिक जाती है, जिससे किसानों को कम समय में अच्छा और अपेक्षाकृत सुरक्षित मुनाफा मिल जाता है.
यूपी के जो किसान भाई भिंडी की खेती में कम मुनाफे से परेशान है उन्हें एक बार लाल भिंडी की खेती जरूर आजमानी चाहिए. इसकी खेती कोई जटिल प्रक्रिया नहीं है. इसे भी हरी भिंडी की तरह ही उगाया जाता है. बस शुरुआत में किसानों को बाहर से बीज मंगवाने पड़ते है. उसके बाद वे अपने खेत में कुछ भिंडी के पौधों को बीज के लिए छोड़कर आगे खुद बीज तैयार कर सकते है.
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