लखनऊः उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों में जोरदार बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है. गुरुवार की सुबह-सुबह नोएडा, गाजियाबाद सहित कई जिलों में आंधी के साथ-साथ बारिश भी हुई, जिससे लोगों को तपिश भरी गर्मी से राहत मिली है. वहीं बलिया में मानसून काल बनकर आ गया. बीते बुधवार को वज्रपात के कारण 5 लोगों की मौत हो गई. संभल में भी मौसम का मिजाज बदल गया है. आसमान में घने काले बादल छाए हुए हैं.
मंगलवार को यूपी में पहुंचा मॉनसून बुधवार को राज्य के कुछ और हिस्सों में फैल गया. भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, मॉनसून की उत्तरी सीमा यूपी में मिर्ज़ापुर, आज़मगढ़, अयोध्या, बदायूं और मेरठ से होकर गुजर रही थी. अगले दो दिनों में लखनऊ समेत यूपी के कुछ और हिस्सों में मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल हैं. कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. जबकि कुछ जगहों पर आसमान में बादल छाए रहे, जिससे पिछले कुछ हफ्तों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली. बहराइच में सबसे ज़्यादा 113 मिमी बारिश दर्ज की गई. इसके बाद बिजनौर में 95 मिमी, ललितपुर में 93 मिमी, बुलंदशहर में 72.4 मिमी और सोनभद्र में 58 मिमी बारिश हुई.
क्या बोले मौसम वैज्ञानिक
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश ने बताया कि गुरुवार को राज्य में कई जगहों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. उन्होंने कहा, “बारिश के इस दौर से दिन के तापमान पर नियंत्रण रहेगा, हालांकि राज्य के ज़्यादातर हिस्सों में उमस बनी रहने की संभावना है.” लखनऊ में दिन भर आसमान में बादल छाए रहे. जिले के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी हुई. अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से एक डिग्री कम था, जबकि न्यूनतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से दो डिग्री ज्यादा था. हवा में नमी ज़्यादा थी.
यूपी में 85 फीसदी कम हुई बारिश
यूपी में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 12 दिन की देरी से पहुंच चुका है, जिससे गर्मी और उमस भरे मौसम से कुछ राहत मिली है. लेकिन जून में कम बारिश की वजह से हुई भारी कमी को पूरा करने के लिए आने वाले दिनों में अच्छी बारिश की जरूरत है. 1 जून से 30 जून के बीच राज्य के लगभग 85% हिस्से में बारिश की कमी रही. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, जून के महीने में राज्य में प्रति जिला औसत बारिश 43.9 मिमी थी, जो सामान्य 95.9 मिमी से 54% कम थी. यह कमी मुख्य रूप से मॉनसून-पूर्व बारिश न होने और मॉनसून के देर से आने के कारण हुई है.
पूर्वी यूपी में 58 फीसदी कम हुई बारिश
मौसमी बारिश की कमी अभी भी ज्यादा बनी हुई है. पूर्वी यूपी में प्रति जिला औसत बारिश 45.6 मिमी हुई. जबकि सामान्य बारिश 108.3 मिमी होनी चाहिए थी, जिससे इस क्षेत्र में 58% की कमी रही. पश्चिमी यूपी में प्रति जिला औसत बारिश 41.6 मिमी दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 78.6 मिमी थी, जो 47% कम है. जिलेवार आंकड़ों से पता चला कि राज्य के 75 जिलों में से केवल 11 में जून में सामान्य बारिश हुई. जबकि 28 जिले कम बारिश वाली श्रेणी में थे और 35 जिलों में बहुत ज्यादा कमी दर्ज की गई. क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के मोहम्मद दानिश ने कहा, “जैसे-जैसे मॉनसून पूरे राज्य में आगे बढ़ रहा है, आने वाले हफ्तों में लगातार बारिश होना इस कमी को पूरा करने के लिए बहुत ज़रूरी होगा. हमें उम्मीद है कि जुलाई की बारिश जून की कमी को पूरा कर देगी.”
नोएडा-गाजियाबाद में भारी बारिश को लेकर चेतावनी
यूपी आईएमडी ने बताया कि सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, बागपत, मेरठ, ज्योतिबाफुले नगर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, महामायानगर, एटा, कांशीरामनगर, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, सीतापुर, बहराइच, गोंडा, बाराबंकी, लखनऊ, अमेठी, सुल्तानपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, कुशीनगर, गोरखपुर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, खीरी, संभल, बरेली जिले में भारी बारिश, आंधी और वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
आगरा, प्रयागराज, वाराणसी में भारी बारिश को लेकर चेतावनी
वहीं आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, औरेया, जालौन, झांसी, ललितपुर, इटावा, कन्नौज, कानपुर, कानपुर देहात, हमीरपुर, महोबा, बांदा, फतेहपुर, कौशांबी, चित्रकूट, प्रयागराज, मिर्जापुर, चंदौली, सोनभद्र, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, सुल्तानपुर, रायबरेली, उन्नाव, प्रतापगढ़ में आंधी, भारी बारिश और वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.










