Last Updated:July 18, 2026, 09:49 IST
Who Is Real Phunsukh Wangdu In 3 Idiots: ‘3 इडियट्स’ का रैंचो आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे चर्चित किरदारों में गिना जाता है. सालों तक लोग मानते रहे कि आमिर खान का यह किरदार सोनम वांगचुक से प्रेरित था, लेकिन हाल ही में अभिनेता के एक बयान ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया. इसके बाद एक बार फिर यह सवाल चर्चा में है कि आखिर रैंचो की असली प्रेरणा कौन था. दिलचस्प बात यह है कि इस किरदार को लेकर समय-समय पर कई अलग-अलग दावे भी सामने आते रहे हैं, जिसने इस रहस्य को और गहरा बना दिया है.
नई दिल्ली. ‘3 इडियट्स’ को रिलीज हुए 17 साल होने वाले हैं, लेकिन फिल्म का सबसे बड़ा रहस्य आज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. आमिर खान का निभाया ‘रैंचो’ उर्फ’ फुंसुख वांगडू’ आखिर किसकी जिंदगी से प्रेरित था? सालों तक ज्यादातर लोगों ने इसे सोनम वांगचुक की कहानी माना, लेकिन अब खुद आमिर खान के एक बयान ने इस धारणा को भी तोड़ दिया. इसके बाद सोशल मीडिया पर फिर वही सवाल गूंजने लगा है कि अगर ‘रैंचो’ सोनम वांगचुक नहीं थे तो आखिर वह शख्स कौन था जिसने बॉलीवुड के सबसे यादगार किरदारों में से एक को जन्म दिया?
आमिर खान के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें निर्देशक राजकुमार हिरानी ने इस किरदार की असली आत्मा के बारे में बताया है. फिल्म के मेकर्स के बयानों को खंगालें ‘तो’ रैंचो के किरदार के पीछे एक नहीं, बल्कि चार अलग-अलग दिलचस्प कहानियां सामने आती हैं.
ऑफिशियल तौर पर ‘3 इडियट्स’ लेखक चेतन भगत के चर्चित उपन्यास ‘फाइव पॉइंट समवन’ पर आधारित है. हालांकि, फिल्म रिलीज होने के बाद चेतन भगत ने आरोप लगाया था कि उन्हें फिल्म में उचित क्रेडिट नहीं दिया गया. इस विवाद ने भी काफी सुर्खियां बटोरी थीं.
Add News18 as
Preferred Source on Google
साल 2009 में जब ‘3 इडियट्स’ सिनेमाघरों में रिलीज हुई तो दर्शकों के बीच यह धारणा तेजी से बन गई कि फिल्म में आमिर खान का फुंसुख वांगडू वाला किरदार लद्दाख के इंजीनियर, शिक्षाविद और इनोवेटर सोनम वांगचुक की जिंदगी से प्रेरित है. शिक्षा व्यवस्था को लेकर उनके अलग नजरिए, इनोवेशन के लिए उनकी पहचान और लद्दाख से उनके जुड़ाव ने इस चर्चा को और हवा दी. हालांकि, खुद सोनम वांगचुक ने कई मौकों पर इस दावे को पूरी तरह खारिज किया.उन्होंने स्पष्ट कहा कि फिल्म का किरदार उनकी बायोपिक नहीं है. उनके मुताबिक, संभव है कि उनके व्यक्तित्व या काम के कुछ पहलुओं से प्रेरणा ली गई हो, लेकिन फुंसुख वांगडू की पूरी कहानी उनकी जिंदगी पर आधारित नहीं है.
अगर सोनम वांगचुक नहीं, तो फिर रांचो किस पर बेस्ड है? इसका जवाब फिल्म के निर्देशक राजकुमार हिरानी ने खुद दिया है. कोमल नाहता को दिए एक इंटरव्यू में राजकुमार हिरानी ने बताया कि रांचो का किरदार फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के एक छात्र से प्रेरित है. उन्होंने कहा, आमिर का किरदार हमारे फिल्म स्कूल के एक छात्र से प्रेरित था, जिसका नाम मैं नहीं बता सकता. वह फिल्ममेकर बनना चाहता था लेकिन उसे FTII में एडमिशन नहीं मिला.
उन्होंने आगे बताया था कि उसके एक दोस्त का सेलेक्शन हो गया, लेकिन उसके पिता ने उसे जॉइन करने से मना कर दिया. तब जिस छात्र को एडमिशन नहीं मिला था, उसने अपने दोस्त की पहचान मान ली और तीन साल तक FTII में फिल्ममेकिंग सीखी. सबसे दिलचस्प बात तब सामने आई जब ग्रेजुएशन के समय सच्चाई सामने आई. जब लोगों ने उसे बताया कि उसे सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा तो उसने जवाब दिया, ‘मुझे सर्टिफिकेट नहीं चाहिए था. मैं सिर्फ फिल्ममेकिंग सीखना चाहता था.’ हिरानी ने कहा कि यही वह पल था जिसने उन्हें प्रेरित किया क्योंकि शिक्षा सर्टिफिकेट के बारे में नहीं है.
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती. फिल्म के निर्माता विधु विनोद चोपड़ा ने सालों बाद एक बिल्कुल अलग दावा किया. NFDC फिल्म बाजार के दौरान दावा किया कि रैंचो का किरदार उनकी अपनी जिंदगी से प्रेरित है. उन्होंने बताया था कि वह कॉलेज के दौरान शायद ही कभी क्लास में जाते थे और अंतिम परीक्षा में फेल भी हो गए थे. बाद में जब उनकी फिल्म ऑस्कर के लिए नामांकित हुई, तब संस्थान ने उन्हें सम्मानित करते हुए उनका पासिंग सर्टिफिकेट सौंपा.
विधु विनोद चोपड़ा ने यह भी बताया कि उनका परिवार चाहता था कि वह डॉक्टर बनें, लेकिन उन्होंने अपने फिल्ममेकर बनने का सपना लंबे समय तक परिवार से छिपाकर रखा. जब उन्होंने ऑस्कर नामांकन के बाद अपने पिता को सच्चाई बताई तो उनके पिता ने प्यार से उन्हें थप्पड़ मारते हुए कहा, ‘तुमने मुझे बेवकूफ बना दिया.’
साल 2021 में लद्दाख में आयोजित पहले ‘हिमालयन फिल्म फेस्टिवल’ के दौरान विधु विनोद चोपड़ा ने एक और राज खोला. उन्होंने बताया कि फिल्म के अंत में जो ट्विस्ट आता है, जहां रैंचो का असली नाम ‘फुंसुख वांगडू’ निकलता है, वह नाम दरअसल उनके FTII के एक सहपाठी से प्रेरित था. विधु विनोद चोपड़ा के उस क्लासमेट का नाम फुंतसोक (Phuntsok) था, जिन्हें वे प्यार से ‘फुंतसोक लद्दाख’ कहकर बुलाते थे. इसी नाम को थोड़ा बदलकर फिल्म में इस्तेमाल किया गया.
इस कॉकटेल के बाद एक बात तो साफ है कि ये किरदार एक शख्स पर आधारित नहीं था, बल्कि कई वास्तविक अनुभवों, व्यक्तियों और घटनाओं का मिश्रण था. ‘3 इडियट्स’ सिनेमाघरों में रिलीज हुई और फिल्म ने लोगों के दिलों पर राज किया. 24 दिसंबर 2019 को रिलीज हुई इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के झंडे गाड़े. फिल्म का बजट 77 करोड़ था और फिल्म ने 460 करोड़ का शानदार कलेक्शन किया था.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
Source










