नई दिल्ली. क्रिकेट के गलियारों में जब कोई नया सितारा चमकता है, तो उसकी तुलना दिग्गजों से होना आम बात है. लेकिन जब तुलना सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जैसे महान खिलाड़ियों से हो, और तारीफ करने वाला दुनिया का सबसे खतरनाक तेज गेंदबाज रहा हो, तो समझ जाइए कि मामला कुछ अलग है. आईपीएल के इस सीजन राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए सिर्फ 14 साल के बाएं हाथ के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने जो किया, उसने न सिर्फ भारतीय चयनकर्ताओं को मजबूर किया, बल्कि विश्व क्रिकेट को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया है. इंटरनेशनल क्रिकेट में 699 विकेट चटकाने वाले दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन वैभव की बल्लेबाजी देखकर पूरी तरह दंग हैं.
डेल स्टेन (Dale Steyn) से ‘एसए20’ के पांचवें सीजन के कार्यक्रम के दौरान जब पूछा गया कि क्या कोई युवा दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) की बराबरी कर सकता है, तो स्टेन का जवाब बेहद सीधा और कड़क था. उन्होंने कहा, ‘ वैभव सूर्यवंशी एक अलग ही मिट्टी का बना है. वह इस समय दुनिया के अधिकांश इंटरनेशनल खिलाड़ियों से बेहतर खेल रहा है. वह भारतीय क्रिकेट का ‘बॉय वंडर’ और एक अनमोल खजाना हैं.’
डेल स्टेन ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर की बड़ी भविष्यवाणी.
वैभव ने आईपीएल में कई नए कीर्तिमान स्थापित किए
वैभव सूर्यवंशी का यह आईपीएल सीजन किसी परीकथा से कम नहीं था. उन्होंने इस सीजन में खेले 16 मैचों में कुल 776 रन कूट डाले. उनका यह प्रदर्शन सिर्फ रनों की संख्या तक सीमित नहीं था, बल्कि जिस अंदाज में ये रन बने, उसने सबको हैरान कर दिया. वैभव ने लगभग 48.50 के बेमिसाल औसत से बल्लेबाजी की. सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात उनका 237.30 का अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट रहा, जो टी20 क्रिकेट के इतिहास में बेहद दुर्लभ है. अपनी इस तूफानी बल्लेबाजी के दौरान इस किशोर खिलाड़ी ने बाउंड्री की झड़ी लगा दी. उन्होंने पूरे सीजन में कुल 72 छक्के जड़े और इसके साथ ही ‘यूनिवर्स बॉस’ क्रिस गेल के एक आईपीएल सीजन में सबसे ज्यादा छक्कों के सर्वकालिक रिकॉर्ड को भी ध्वस्त कर दिया.
‘करियर के अंत तक वैभव का कद सचिन-विराट से बड़ा होगा’
स्टेन यहीं नहीं रुके, उन्होंने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि जब आप सचिन तेंदुलकर या विराट कोहली जैसे महान खिलाड़ियों के बारे में सोचते हैं, तो आपको लगता है कि इससे बड़ा कोई नहीं हो सकता. लेकिन यह बच्चा आने वाले समय में एक ऐसा धमाका करने वाला है कि अपने करियर के अंत तक वह इन दोनों दिग्गजों के कद से भी बड़ा नाम बन जाएगा.
‘संभाल कर रखना होगा यह हीरा’
जहां एक तरफ स्टेन युवा विस्फोटक ओपनर वैभव सूर्यवंशी की तारीफों के पुल बांध रहे थे, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने भारतीय क्रिकेट बोर्ड और प्रशंसकों को एक गंभीर चेतावनी भी दी. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, सनराइजर्स हैदराबाद, डेक्कन चार्जर्स और गुजरात लायंस जैसी टीमों के लिए आईपीएल खेल चुके स्टेन ने कहा कि इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी सफलता मिलना एक दोधारी तलवार की तरह है.
स्टेन के मुताबिक, जब इतनी बड़ी जिम्मेदारी आती है, तो बड़े इनाम भी मिलते हैं, लेकिन खतरा भी उतना ही बड़ा होता है. अगर वैभव को सही तरीके से संभाला नहीं गया, उनका सही प्रबंधन नहीं हुआ, तो भारतीय क्रिकेट इस अनमोल हीरे को बीच रास्ते में ही खो सकता है. इसलिए उन्हें बहुत ही सावधानी और देखरेख के साथ आगे बढ़ाना होगा.
सचिन के 37 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ देंगे वैभव
आईपीएल में धमाकेदार प्रदर्शन का इनाम वैभव को तुरंत मिला. भारतीय चयनकर्ताओं ने बिना वक्त गंवाए उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली आगामी टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल कर लिया है. यदि वह इस दौरे पर मैदान पर उतरते हैं, तो वह सचिन तेंदुलकर के 37 साल पुराने सबसे युवा भारतीय डेब्यूटेंट के रिकॉर्ड को तोड़ देंगे. खुद क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर ने इस युवा खिलाड़ी की प्रतिभा की जमकर सराहना की है.
कैसे आउट होंगे वैभव सूय्रवंशी? स्टेन का ‘मास्टरप्लान’
आईपीएल 2026 में दुनिया के बड़े से बड़े गेंदबाज वैभव के सामने बेबस नजर आए. तो आखिर इस 15 साल के तूफान को रोकने का तरीका क्या है? डेल स्टेन से बेहतर इसका जवाब कौन दे सकता था. स्टेन ने हंसते हुए स्वीकार किया कि उन्होंने वैभव को बहुत ज्यादा खेलते हुए नहीं देखा है कि वह कोई सटीक रणनीति बना सकें, लेकिन उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के मौजूदा तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा की रणनीति का समर्थन किया. स्टेन ने अपने दिमाग की तरफ इशारा करते हुए कहा कि वैभव को मानसिक रूप से परखना होगा.
‘वैभव को आउट करने के लिए ‘शॉर्ट पिच’गेंदें सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है’
स्टेन के अनुसार, क्रिकेट डर का खेल है. वैभव अभी सिर्फ 15 साल का बच्चा है. अगर कोई गेंदबाज उनके मन में थोड़ा सा भी डर पैदा कर दे, तो दबाव में इंसान गलतियां करता है. इसलिए वैभव के खिलाफ शरीर को निशाना बनाती हुई तेज ‘शॉर्ट पिच’ गेंदें (बाउंसर) फेंकना सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है. यदि आप उन्हें ऊपरी स्तर पर टेस्ट करेंगे, तो उनके पैर और दिमाग को जल्दी फैसले लेने होंगे, जो इस उम्र में किसी भी बल्लेबाज के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है. बहरहाल, रणनीति चाहे जो भी हो, वैभव सूर्यवंशी ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती. अब पूरी दुनिया की नजरें उनके अंतरराष्ट्रीय डेब्यू पर टिकी हैं, जहां वह नीली जर्सी में एक नया इतिहास रचने के लिए तैयार हैं.









