पद छोड़ते ही PCB पर भड़के मिस्बाह उल हक, पाकिस्तान क्रिकेट की उड़ाई धज्जियां
Last Updated:September 07, 2026, 10:29 IST
पाकिस्तान क्रिकेट में इस समय उथल-पुछल का माहौल है. इग्लैंड दौरे के बीच हुए अचनाक बदलाव के बाद सिलेक्टर पद को छोड़ने वाले मिस्बाह उल हक ने पीसीबी पर अपना गुस्सा निकाला है. मिस्बाह उल हक ने कहा है कि बदलाव के लिए कास्मेटिक सर्जरी से कुछ भी ठीक नहीं होगा. मिस्बाह उल हक ने पीसीबी के दोहरे रवैये पर भी सवाल खड़े किए हैं.
मिस्बाह उल हक
नई दिल्ली: पाकिस्तान क्रिकेट टीम इस समय संकट में है. क्रिकेट बोर्ड ने आनन-फानन में इंग्लैंड दौरे के बीच से 7 खिलाड़ियों को टीम से बाहर निकाल दिया. सरफराज अहमद और उमर गुल को कोचिंग पद से हटाया और फिर सिलेक्टर मिस्बाह उल हक की भी छुट्टी हुई. अचानक हुए इस बदलाव के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में भगदड़ जैसा माहौल है. ऐसे में अब सिलेक्टर का पद छोड़ने के बाद मिस्बाह उल हक ने पीसीबी पर जमकर भड़ास निकाली है.
पाकिस्तान के टीवी चैनल पर मिस्बाह ने पीसीबी की जमकर आलोचना की. एक टेलीविजन शो में बोलते हुए, मिसबाह ने पाकिस्तान क्रिकेट में देसी कोचों के साथ विदेशी कोचों की तुलना में किए जाने वाले व्यवहार पर सवाल उठाया. मिस्बाह का मानना है कि पाकिस्तान क्रिकेट में विदेशी कोचों को अधिक अधिकार दिए जाते हैं और जब परिणाम उनके अनुकूल नहीं होते हैं तो उनकी जवाबदेही और छानबीन भी काफी कम होती है.
विदेशी कोच को मिलती है ज्यदा इज्जत-मिस्बाह
मिस्बाह उल हक का मानना है कि पाकिस्तान क्रिकेट में विदेशी कोच को ज्यादा इज्जत मिलती है. उन्होंने कहा, “यह सच है कि पाकिस्तान क्रिकेट में स्थानीय और विदेशी कोचों के साथ अलग-अलग व्यवहार किया जाता है. विदेशी कोचों की तुलना में स्थानीय कोचों को अधिक जांच और आलोचना का सामना करना पड़ता है. विदेशी कोच पाकिस्तान में ज्यादा इज्जत भी मिलती है.”
उन्होंने आगे कहा, “मुझे नहीं लगता कि विदेशी कोचों को रखने में कुछ भी गलत है, लेकिन जो बात मुझे परेशान करती है वह यह है कि हम विदेशी कोचों के प्रति नरम रुख रखते हैं. हम विदेशी कोचों को अधिक अधिकार और शक्ति देते हैं और टीम के खराब प्रदर्शन पर उनसे कम पूछताछ की जाती है. इसके उलट स्थानीय कोचों को हमेशा हर किसी की आलोचना का सामना करना पड़ता है.”
कॉस्मेटिक सर्जरी से कुछ नहीं बदलेगा-मिस्बाह
मिस्बाह ने साफ तौर पर कहा है सतही बदलाव (कॉस्मेटिक सर्जरी) से कुछ नहीं बदल ने वाला है. उन्होंने कहा, “हमें दबाव में आकर घबराना नहीं चाहिए और सतही बदलाव नहीं करने चाहिए. हमें प्रदर्शन और स्थिति का विश्लेषण करने की आवश्यकता है और फिर यह तय करना चाहिए कि आगे कैसे बढ़ना है.” पाकिस्तान के पूर्व कप्तान ने देश के क्रिकेट ढांचे की तुलना भारत से भी की बताया कि बीसीसीआई का इकोसिस्टम क्या है.
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जितेंद्र कुमार डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में बीते 10 सालों से सक्रिय हैं. वर्तमान में वह नेटवर्क 18 समूह के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हैं और हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में अपनी…
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New Delhi,Delhi
First Published :
September 07, 2026, 10:29 IST











