नोएडा से सफर हुआ सस्ता, अधिकतम किराया ₹413 और न्यूनतम सिर्फ ₹7

नोएडा: यदि आप नोएडा या ग्रेटर नोएडा में रहते हैं और अक्सर यूपी रोडवेज (UPSRTC) की बसों से सफर करते हैं, तो आपके लिए एक शानदार खबर है. उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने नोएडा से अलग-अलग रूटों पर चलने वाली रोडवेज बसों के किराए में बड़ा संशोधन किया है, जिससे आम यात्रियों को बहुत बड़ी राहत मिली है. नए किराया निर्धारण के बाद अब कई प्रमुख रूटों पर सफर करना पहले के मुकाबले काफी सस्ता हो गया है. पहले जहां नोएडा से अधिकतम किराया 500 रुपये तक था, वहीं अब इसे घटाकर अधिकतम 413 रुपये कर दिया गया है. इतना ही नहीं, स्थानीय या बेहद कम दूरी के सफर के लिए न्यूनतम किराया महज 7 रुपये तय किया गया है.

हर साल होती है किराए की समीक्षा
मोरना डिपो के एआरएम रोहताश कुमार ने इस बाबत जानकारी देते हुए बताया कि परिवहन निगम हर साल किलोमीटर के आधार पर बसों के किरायों की समीक्षा करता है. इसी वार्षिक समीक्षा प्रक्रिया के तहत इस साल भी किरायों में बदलाव (कटौती) किया गया है. अधिकारियों द्वारा जारी की गई वर्तमान किराया सूची के अनुसार, अब नोएडा से देहरादून का किराया सबसे अधिक यानी 413 रुपये निर्धारित किया गया है. वहीं, अगर सबसे कम किराए की बात करें, तो नोएडा से सेक्टर-37 का किराया सबसे कम महज 7 रुपये रहेगा.

मोरना-आगरा रूट की नई किराया सूची
यात्रियों की सुविधा के लिए प्रशासन ने मोरना-आगरा रूट के विभिन्न स्टेशनों और स्टॉपेज का नया किराया जारी कर दिया है. आप नीचे दी गई सूची में अपने गंतव्य का नया किराया देख सकते हैं:

  • सेक्टर-37: ₹7
  • परी चौक: ₹39
  • जेवर कट: ₹94
  • पलवल कट: ₹122
  • बाजना: ₹150
  • सुरिर: ₹171
  • टैंटी: ₹182
  • मल्ट फैक्टरी: ₹207
  • मथुरा: ₹226
  • बलदेव मंदिर: ₹244

इसके अलावा नोएडा-मेरठ-हरिद्वार, नोएडा-बुलंदशहर-चन्दौसी, नोएडा-बुलंदशहर-एटा, नोएडा-मथुरा-बरसाना, नोएडा-शिकोहबाद और नोएडा-बुलंदशहर-बदायूं जैसे प्रमुख रूटों पर भी किराए के रेट कम किए गए हैं.

ग्रेटर नोएडा में ई-बसों के लिए लगेंगे 8 नए चार्जिंग स्टेशन
किराए में कटौती के साथ-साथ इलेक्ट्रिक बसों का सफर करने वाले यात्रियों के लिए भी एक और खुशखबरी है. शहर में संचालित होने वाली ई-बसों की चार्जिंग व्यवस्था को मजबूत और बेहतर बनाने के लिए ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने एक बेहतरीन पहल की है. वर्तमान में शहर में चार्जिंग सुविधाओं की कमी है, जिसके कारण बसों को चार्ज करने के लिए नोएडा और गाजियाबाद तक भेजना पड़ता है. इससे न सिर्फ समय की बर्बादी होती है, बल्कि बसों के सुचारू संचालन पर भी बुरा असर पड़ता है. इसी समस्या का स्थाई समाधान निकालते हुए अथॉरिटी ने सिटी पार्क और कासना बस डिपो में 8 नए फास्ट चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की तैयारी शुरू कर दी है. इसके लिए नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड को आगे की कार्रवाई के सख्त निर्देश दे दिए गए हैं.

नोएडा-गाजियाबाद भेजने का झंझट खत्म, अब डबल पावर से चार्ज होंगी बसें
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के सीईओ (CEO) एनजी रवि कुमार ने इस परियोजना पर बात करते हुए कहा कि ई-बसों को केवल चार्जिंग के उद्देश्य से नोएडा या गाजियाबाद भेजना व्यावहारिक नहीं है. इससे रूट पर बसों की कमी हो जाती है. इसीलिए ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटेंशन) में ही पर्याप्त चार्जिंग सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, ताकि बसों का संचालन अधिक सुचारू, समयबद्ध और प्रभावी हो सके.

इसके साथ ही एक और बड़ी तकनीकी अपग्रेडेशन की जा रही है. वरिष्ठ प्रबंधक (अर्बन सर्विस) सनी यादव ने बताया कि वर्तमान में शहर में जो चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध हैं, उनकी क्षमता केवल 120 किलोवाट है. कम क्षमता होने के कारण बसों को फुल चार्ज होने में अपेक्षाकृत काफी अधिक समय लगता है. लेकिन अब जो नई व्यवस्था की जा रही है, उसके तहत लगाए जाने वाले सभी 8 चार्जिंग स्टेशन 240 किलोवाट क्षमता के होंगे. हाई-पावर क्षमता होने की वजह से ई-बसों की बैटरियां बहुत ही कम समय में चार्ज हो सकेंगी और सड़कों पर बसों के फेरे बढ़ेंगे.

Source

dainikupeditor@gmail.com

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