चित्रकूट DM की अनोखी पहल, बिना सरकारी खर्च के जिंदा होंगे तालाब, मड़ैयन गांव से होगी शुरुआ

Last Updated:July 03, 2026, 08:35 IST

Chitrakoot News: चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने लोकल 18 को बताया कि यह काम एयरपोर्ट अथॉरिटी की ठेकेदार संस्था RITES द्वारा कराया जा रहा है. संस्था को खुदाई से निकलने वाली मिट्टी मुफ्त में दी जा रही है, जबकि तालाब का निर्माण और पुनरुद्धार संस्था अपने संसाधनों से कर रही है. इस तरह यह काम पूरी तरह बिना सरकारी खर्च के पूरा होगा. उन्होंने आगे बताया कि एयरपोर्ट परियोजना के तहत सड़क चौड़ीकरण के लिए बड़ी मात्रा में मिट्टी की जरूरत थी.

चित्रकूट: आमतौर पर तालाबों की खुदाई और उनके सुधार पर लाखों रुपये का सरकारी खर्च होता है. लेकिन बुंदेलखंड के जल संकट से जूझ रहे चित्रकूट जिले में अब एक ऐसा नया तरीका अपनाया गया है. जिसमें तालाबों के निर्माण और पुनरुद्धार पर सरकार का एक भी रुपया खर्च नहीं होगा. जिलाधिकारी पुलकित गर्ग की इस अनोखी पहल की पूरे जिले में खूब चर्चा हो रही है.

क्या है यह नया मॉडल?
पानी की समस्या से जूझ रहे पाठा क्षेत्र में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन ने एक नई व्यवस्था लागू की है. इसके तहत, कोई भी संस्था या ठेकेदार जिला प्रशासन से अनुमति लेकर सरकारी तालाबों की खुदाई कर सकता है. खुदाई से निकलने वाली मिट्टी का उपयोग वे अपने निर्माण कार्यों में मुफ्त में कर सकते है. बदले में संबंधित संस्था को तालाब का पुनरुद्धार अपने खर्च पर करना होगा. इससे प्रशासन का पैसा भी बचेगा और जिले के पुराने तालाब फिर से जीवित हो उठेंगे, जिससे उनमें पानी जमा हो सकेगा.

मड़ैयन गांव से हुई शुरुआत
इस पहल की शुरुआत मानिकपुर तहसील के मड़ैयन गांव से की गई है. यहां गाटा संख्या 513, रकबा 1.819 हेक्टेयर भूमि पर स्थित एक पुराने तालाब का पुनरुद्धार शुरू हो चुका है. जेसीबी मशीनों से तालाब की खुदाई की जा रही है. यह तालाब कभी गांव की पानी की जरूरतों का मुख्य स्रोत था, लेकिन समय के साथ मिट्टी भरने से यह पूरी तरह समतल हो गया था. अब इसे फिर से पुराने स्वरूप में लाया जा रहा है. जिससे आसपास के ग्रामीणों को जल संरक्षण और भूजल स्तर बढ़ाने में मदद मिलेगी.

DM ने दी जानकारी
चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने लोकल 18 को बताया कि यह काम एयरपोर्ट अथॉरिटी की ठेकेदार संस्था RITES द्वारा कराया जा रहा है. संस्था को खुदाई से निकलने वाली मिट्टी मुफ्त में दी जा रही है, जबकि तालाब का निर्माण और पुनरुद्धार संस्था अपने संसाधनों से कर रही है. इस तरह यह काम पूरी तरह बिना सरकारी खर्च के पूरा होगा. उन्होंने आगे बताया कि एयरपोर्ट परियोजना के तहत सड़क चौड़ीकरण के लिए बड़ी मात्रा में मिट्टी की जरूरत थी.

प्रशासन ने ठेकेदार संस्था को मुफ्त मिट्टी देने का प्रस्ताव दिया और बदले में तालाब के पुनरुद्धार की जिम्मेदारी लेने को कहा. संस्था ने इस प्रस्ताव को मान लिया और काम शुरू कर दिया है. DM का कहना है कि जिले में ऐसे कई सरकारी तालाब है जो सालों से मिट्टी भरने के कारण अपना अस्तित्व खो चुके है यदि अन्य संस्थाएं भी इसी मॉडल पर आगे आती है तो वे प्रशासन से अनुमति लेकर तालाबों की खुदाई कर सकती है और निकली हुई मिट्टी अपने निर्माण कार्यों में उपयोग कर सकती है. इससे बिना सरकारी धन खर्च किए दर्जनों तालाबों को फिर से जीवित किया जा सकेगा. DM का मानना है कि यह काम अगले 1 सप्ताह के अंदर पूरा कर लिया जाएगा ताकि आने वाली बरसात में यह तालाब पानी जमा कर सके.

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Manish Rai

काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें

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