आजमगढ़ के इस इलाके में बाढ़ बनी किसानों के लिए आफत, लाखों रुपए की फसल जलमग्न

Last Updated:August 25, 2026, 18:28 IST

Azamgarh News: यूपी के जनपद आजमगढ़ स्थित सगड़ी तहसील क्षेत्र के अंतर्गत देवरांचल के उत्तर दिशा की ओर बहने वाली सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से यहां के लोगों को समस्या झेलनी पड़ रही है. खेतों में नदी का पानी भर जाने से परवल धन और हरे चारे की फसल पूरी तरह से खत्म हो गई है.

आजमगढ़: जनपद के सगड़ी तहसील क्षेत्र के अंतर्गत देवरांचल के उत्तर दिशा की ओर बहने वाली सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण स्थानीय लोगों को बाढ़ की समस्या झेल रहे हैं. आसपास के गांव में नदी का पानी आ जाने से लोगों को आए दिन समस्याएं उठानी पड़ रही है. हालांकि बीते कुछ घंटे से नदी के जलस्तर में कमी देखने को मिल रही है, लेकिन बावजूद इसके बाढ़ प्रभावित इलाकों में ग्रामीणों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही है. बाढ़ के कारण सबसे अधिक समस्या किसानों को उठानी पड़ रही है. खेतों में नदी का पानी भर जाने से परवल धन और हरे चारे की फसल पूरी तरह से खत्म हो गई है.

इस क्षेत्र के हरैया विकासखंड के अंतर्गत गांव में दर्जनों किसानों की कई बीघे खेती प्रभावित हुई है. इस क्षेत्र में मुख्य रूप से किसानों के द्वारा परवल धन और हरे चारे की खेती की जाती है जो की बाढ़ के कारण पूरी तरह से पानी में डूब कर नष्ट हो चुकी है. किसानों का कहना है कि इससे उन्हें लाखों रुपए का नुकसान झेलना पा रहा है.

10 बिस्वा के खेत में घुसा पानी
लोकल 18 से बातचीत करते हुए साहब्दिया सुल्तानपुर के किसान लालसू सिंह ने बताया कि उनके द्वारा खेत में बोई गई परवल की खेती, धान की खेती और हरे चारे का खेत पूरी तरह से पानी में गायब हो गया है. उन्होंने बताया कि उनके द्वारा लगभग तीन बीघा में प्रबल की बुवाई की गई थी और एक भी है के खेत में उन्होंने धान की बुवाई की थी और लगभग 10 बिस्वा के खेत में उन्होंने हरे चारे की बुवाई की थी, जो पूरी तरह से खत्म हो गया है.

200 से अधिक किसानों के लिए आफत
उन्होंने बताया कि बाढ़ की समस्या से लगभग क्षेत्र के 200 से अधिक किसानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है, जिसमें से तकरीबन 25 से 30 किसान मुख्य रूप से प्रबल की खेती करते हैं. उनका कहना है कि बाढ़ में फसल डूब जाने से उनका काम से कम तीन से चार लाख रुपए का नुकसान हुआ है. वहीं किसान बसंती का कहना है कि उन्होंने तकरीबन एक बीघा के खेत में परवल की रोपाई की थी, जो पूरी तरह से बाढ़ में डूब गई है. उन्होंने बताया कि एक बीघे की परवल की बुवाई में लगभग 50000 रुपए का खर्च आता है.

पीने के पानी की भी समस्या
वहीं महिला किसान राजमती का कहना है कि उनके द्वारा तीन विधायक के खेत में परवल की बुवाई की गई थी और दो विषय में उन्होंने धान की फसल बोई थी, जो बाढ़ आ जाने से पूरी तरह से खत्म हो गई है. खेती के साथ-साथ क्षेत्र के लोगों को कई अन्य तरह की दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है. बाढ़ के कारण क्षेत्र के कई गांव में लोगों को पीने के पानी की भी समस्याएं झेलनी पड़ रही है. वहीं खेत में बोए गए हरे चारे के नष्ट हो जाने से पशुपालकों को भी खाता समस्याएं झेलनी पड़ रही है.

About the Author

आर्यन सेठ

आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से साल 2024 में…

और पढ़ेंLocation :

Azamgarh,Uttar Pradesh

First Published :

August 25, 2026, 18:42 IST

Source

dainikupeditor@gmail.com

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post
Next Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • योजनाये
  • राजनीति