Last Updated:October 20, 2026, 18:28 IST
Sanjay Nishad News: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 20 अक्टूबर की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इशारों में बीजेपी के सहयोगी दलों को वहां से अलग होकर साथ आने का आमंत्रण दिया. उन्होंने अच्छा खाना देने की बात कहकर यह बात कही. अखिलेश यादव का यह बयान आने के बाद एनडीए के घटक दल निषाद पार्टी के मुखिया और राज्य सरकर में मंत्री संजय निषाद ने साफ शब्दों मे कहा कि अगर बीजेपी उन्हें ज्यादा सीटें नहीं देती हैं तो उन्हें विचार करना होगा.
संजय निषाद 21 अक्टूबर को दिल्ली के ताल कटोरा स्टेडियम में रैली कर रहे हैं.
यूपी चुनाव 2027 में दशहरे पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इशारों में बीजेपी के सहयोगियों को अपने साथ आने का आमंत्रण दिया तो एनडीए के सहयोगी संजय निषाद ने ताजा बयान देकर राजनीति में हलचल मचा दी है. योगी आदित्यनाथ की सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने 20 अक्टूबर को अखिलेश यादव का बयान आने के बाद कहा कि अगर उन्हें बीजेपी पर्याप्त सीटें लड़ने के लिए नहीं देती है तो उन्हें सोचना पड़ेगा.
‘जो हमारे सामाजिक मुद्दों को हल देगा हम उसके साथ हैं’
अखिलेश यादव के बयान पर संजय निषाद ने कहा- ‘अखिलेश जी ने कहा है कि जिसे अच्छा खाना है वो मेरे साथ आ जाए. हम लोग खाना खाने नहीं जो राजनीति में इसलिए आए हैं कि हमारे जो सामाजिक मुद्दे हैं वो हल हों. उन्हीं सामाजिक मुद्दों को हल करने के लिए हम भाजपा के साथ आए. हम सबके साथ रहे. भाजपा के साथ इसीलिए हैं कि वो हमारे मुद्दों को हल करें. उसको लेकर आज भी हम उनके साथ हैं. मैं पहले भी कह चुका हूं कि अगर मुद्दों को हल करने में बीजेपी दरवाजा बंद करेगी तब विचार किया जाएगा.
उसके लिए 21 अक्टूबर को लोग दिल्ली के ताल कटोरा में आ रहे हैं. एक गाना गाते हुए आ रहे हैं. ये सारी जातियां मछुआरे अंग्रेजों, मुगलों को मौत के घाट होते हुए अपनी सामाजिक मुद्दे के लिए आ रहे हैं. सामाजिक मुद्दे हल करने के लिए यहां आ रहे हैं, ना कि खाना खाने. यहां बता दें कि संजय निषाद अनुसूचित जाति में अलग अपने समाज के लिए आरक्षण मांग रहे हैं. इसी मांग को लेकर 21 अक्टूबर को वह दिल्ली के ताल कटोरा स्टेडियम में बड़ी रैली करने जा रहे हैं.
‘अगर बीजेपी ज्यादा सीटें नहीं देती है तो हम विचार करेंगे’
अखिलेश यादव की ओर से लगातार कहा जा रहा है कि उन्होंने अपने गठबंधन में ओपी राजभर और जयंत चौधरी को जितनी सीटें दी थी बीजेपी उससे ज्यादा सीटें दे. इसपर संजय निषाद ने कहा कि वो सीट की बात करते हैं, हम जीत की बात करते हैं. जब जीत होगी तो समस्या का हल होगा. केंद्र और राज्य में जिसकी सरकार है उसी के माध्यम से समस्या का हल होगा. इसलिए हम लोग जीत की बात करते हैं और जीत में बेहतर जीत हो. सबसे ज्यादा प्रचंड जीत हो और अगले को महसूस हो कि इनके वजह से जीत रहा है और अगले को हारने वाले को पता चले हमारे वजह से हार रहा है. तब तो राजनीति का कोई मतलब है.
बीजेपी से कितनी सीटों की डिमांग करेंगे संजय निषाद? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि मैंने पहले ही बताया कि कुछ दिन पहले बीजेपी के प्रभारी विनोद तावड़े से मुलाकात हुई थी, जिसमें हमने कहा कि पिछली बार हमने जितनी सीटें ली थी उसमें चार हार गए थे. उसको लेकर भी नये सिरे से रणनीति बनाई गई. हमने कहा है कि जो भी सीटें निषाद, कश्यप बाहुल्य है वो हमे दे दीजिए. जब जीते तब तो सिकंदर कहलाएंगे और हमने 16 में से 11 जीत कर दी. इसलिए हम चाहते हैं कि हारी हुई सीटें और पिछली बार से ज्यादा सीटें निषाद पार्टी मांगेगी. ज्यादा सीटें मांग रहा हूं तो उसमें क्या गलत है. ज्यादा सीटें रहती है तो कार्यकर्ता और मन से काम करते हैं. बड़ी पार्टी होती है. अगर बीजेपी ज्यादा सीटें नहीं देती है तो फिर उसपर विचार किया जाएगा. वैसे बीजेपी ऐसा करेगी नहीं क्योंकि उन्हें निषाद पार्टी से फायदा होता रहा है.
‘कांग्रेस को 200 सीटें दी तो सपा साफ हो जाएगी’
संजय निषाद ने बीजेपी से ज्यादा सीटें मांगने के सवाल पर कहा- ‘भाई देखो बच्चा मां के गोद में रहेगा चिल्लाएगा नहीं तो दूध कैसे पाएगा. चिल्लाने का मतलब थोड़ी है कि मां से दोस्ती कम हो गया. मां से उसका दर्द भाई चिल्लाने का मतलब प्रेम और बढ़ गया. जरूरी है आसानी से समस्या का समाधान हो.
समाजवादी पार्टी PDA के सहारे ही उतरेगी यूपी विधानसभा चुनाव में.
इंडिया गठबंधन में कांग्रेस की तरफ से 200 सीटें मांगे जाने के सवाल पर संजय निषाद ने कहा- ‘पिछली बार 100 दिए थे तो सपा हाफ हो गई, इस बार 200 दे दें तो सपा साफ हो जाएगी, यही व्यवस्था है.’ कांग्रेस से ही सपा बनी है, इसलिए वो चाहती ही है कि सपा जैसी पार्टियां समाप्त हो जाए, वह इसलिए इस तरह के हालात पैदा करती है.
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अभिषेक कुमार News18 की डिजिटल टीम में बतौर एसोसिएट एडिटर (सहयोगी संपादक) पद पर कार्यरत हैं. वे यहां बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तसीगढ़, उत्तराखंड की राजनीति, क्राइम समेत तमाम समसामयिक…
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Lucknow,Lucknow,Uttar Pradesh
First Published :
October 20, 2026, 18:28 IST










