15 की उम्र, 8 नेशनल मेडल और ओलिंपिक का सपना, जानें लावण्या की सफलता की कहानी

Last Updated:September 04, 2026, 07:39 IST

Shooter Lavanya Kanwar Success Story: राजस्थान की 15 वर्षीय युवा निशानेबाज लावण्या कंवर ने देहरादून में आयोजित 45वीं नॉर्थ जोन शूटिंग चैंपियनशिप-2026 में 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया. लावण्या ने 300 में से 284 अंक हासिल किए. इससे पहले वह सीकर में आयोजित सीबीएसई जोनल स्कूल टूर्नामेंट में 10 मीटर एयर पिस्टल में भी गोल्ड जीत चुकी हैं, जहां उन्होंने 400 में से 386 अंक बनाए थे. लावण्या राजस्थान के लिए नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में 8 से अधिक मेडल जीत चुकी हैं. वह कोच योगेश शेखावत के मार्गदर्शन में रोजाना 6 से 8 घंटे अभ्यास करती हैं. लावण्या का सपना ओलिंपिक में भारत के लिए मेडल जीतना है.

राजस्थान की युवा निशानेबाज लावण्या कंवर ने देहरादून में आयोजित 45वीं नॉर्थ जोन शूटिंग चैंपियनशिप-2026 में 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल अपने नाम किया है. उन्होंने इस चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए 300 में से 284 अंक हासिल किए. लावण्या के कोच ने बताया कि 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल में खिलाड़ियों को तकनीक के साथ मानसिक संतुलन और दबाव में सटीकता बनाए रखने की जरूरत होती है. लावण्या ने इन सभी मोर्चों पर शानदार प्रदर्शन किया.

उनकी सटीक निशानेबाजी ने उन्हें इस चैंपियनशिप में अलग पहचान दिलाई. इस जीत के बाद लावण्या कंवर टॉप निशानेबाज खिलाड़ियों की श्रेणी में शामिल हो गई है. इससे पहले उन्होंने सीकर में आयोजित CBSE जोनल स्कूल टूर्नामेंट में भी 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता था. इस मुकाबले में लावण्या ने 400 में से 386 अंक हासिल किए थे.

15 साल की लावण्या कंवर ने कम उम्र में अचीवमेंट की ऐसी लकीर खींची है, जिसने उन्हें राजस्थान की उभरती हुई शूटिंग प्रतिभाओं में शामिल कर दिया है. वह राजस्थान के लिए नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में अब तक 8 से अधिक मेडल जीत चुकी हैं. लगातार उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कई मेडल जीते हैं. उनका कहना है कि शूटिंग में केवल निशाना सटीक होना ही काफी नहीं होता, बल्कि खिलाड़ी की एकाग्रता, धैर्य और दबाव झेलने की क्षमता भी उतनी ही जरूरी होती है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

कम उम्र में कड़ी मेहनत और लगातार मिल रही सफलताओं के चलते लावण्या कंवर को राजस्थान की पिस्टल क्वीन के नाम से पहचान मिलने लगी है. उनकी उपलब्धियां खास तौर पर उन युवा खिलाड़ियों और बेटियों के लिए प्रेरणा बन रही हैं, जो शूटिंग को अपना करियर बनाना चाहती हैं. अभी लावण्या शूटिंग कोच योगेश शेखावत के मार्गदर्शन में प्रैक्टिस कर रही है. योगेश शेखावत ने बताया कि शूटिंग में तकनीकी कमियों को दूर करने के साथ खिलाड़ी की मानसिक मजबूती पर काम करना बेहद जरूरी होता है.

लावण्या कंवर ने बताया कि उसे पढ़ाई से ज्यादा शूटिंग की प्रैक्टिस करना अच्छा लगता है. उनका कहना है कि वह ओलिंपिक में भारत के लिए मेडल जीतना चाहती है. इसके अलावा वह रोजाना 6 से 8 घंटे प्रैक्टिस करती है. उनके परिजनों ने बताया कि लावण्या घर में भी पढ़ाई से जोड़ा प्रैक्टिस में समय बताती है. लावण्या के कोच भी अब लगातार मेडल जितने के बाद उसे विशेष टेनिंग दे रहे हैं.

महज 15 साल की उम्र में 8 नेशनल मेडल जीतने वाली लावण्या को अब भविष्य की ओलिंपिक उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा है. खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उन्हें इसी तरह का प्रशिक्षण और सहयोग मिलता रहा, तो वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत का झंडा बुलंद करेंगी. फिलहाल लावण्या की सफलता सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा में है और उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है.

First Published :

September 04, 2026, 07:39 IST

Source

dainikupeditor@gmail.com

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post
Next Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • योजनाये
  • राजनीति