कानपुर (Ravan Dahan Near Me). बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयदशमी का पर्व आज 20 अक्टूबर को कानपुर में धूमधाम से मनाया जाएगा. शहर में दशहरे को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. प्रमुख रामलीला मैदानों में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले तैयार किए गए हैं. कहीं विशाल पुतले लोगों के आकर्षण का केंद्र होंगे तो कहीं आधुनिक तकनीक से रावण दहन का नजारा दिखेगा. परेड की ऐतिहासिक रामलीला में 90 फीट ऊंचे रावण का दहन होगा. मोतीझील में 60 फीट, लालबंगला में 55 फीट और गंगा क्लब में 50 फीट ऊंचे रावण के पुतले जलाए जाएंगे. कानपुर दक्षिण के साकेत नगर और रेलबाजार समेत कई इलाकों में भी दशहरे पर भव्य आयोजन होंगे.
परेड में इस बार क्या
परेड की ऐतिहासिक रामलीला इस बार खास आकर्षण का केंद्र रहेगी. यहां करीब 90 फीट ऊंचा रावण तैयार किया गया है. पुतले को आधुनिक तकनीक से सजाया गया है. इसकी आंखों से अंगारों जैसा प्रभाव दिखाई देगा, जबकि उसका चेहरा 360 डिग्री तक घूम सकेगा. इससे मैदान में मौजूद दर्शकों को रावण का चेहरा अलग-अलग दिशाओं में घूमता नजर आएगा. रावण के साथ कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का भी दहन किया जाएगा. यहां 30 फीट ऊंची और 120 फीट लंबी लंका भी तैयार की गई है. परेड की रामलीला कानपुर की पुरानी धार्मिक परंपराओं में शामिल है. इसकी शुरुआत वर्ष 1877 में हुई थी. इस बार रामलीला के 150वें वर्ष का आयोजन होने से उत्साह और बढ़ गया है.
मोतीझील में 60 फीट का रावण
मोतीझील में 60 फीट ऊंचे रावण का पुतला तैयार कराया गया है. यहां हर साल दशहरे पर बड़ी संख्या में लोग रावण दहन देखने पहुंचते हैं. इसी तरह लालबंगला में 55 फीट ऊंचा रावण लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेगा. गंगा क्लब में भी 50 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा. इन सभी स्थानों पर रामलीला मंचन के बाद रावण वध और आतिशबाजी के साथ दशहरे का उत्सव मनाया जाएगा.
साकेत नगर में कितना ऊंचा
कानपुर दक्षिण के साकेत नगर में भी दशहरे को लेकर खास तैयारियां की गई हैं. यहां 90 फीट ऊंचा रावण तैयार किया गया है. रामलीला कमेटी के मीडिया प्रभारी अभिषेक ने बताया कि साकेत नगर में रावण दहन के लिए पुतला तैयार कराया गया है. शाम को रामलीला मंचन के बाद रावण दहन किया जाएगा. आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है. रेलबाजार रामलीला मैदान में भी रावण दहन की तैयारियां की गई हैं. यहां रावण के साथ कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले भी जलाए जाएंगे. गोविंदनगर, लाजपतनगर, स्वरूपनगर और पनकी के रतनपुर रामलीला मैदान में भी दशहरे के कार्यक्रम होंगे.
परेड की रामलीला में ऐसे पहुंचें
परेड की रामलीला देखने जाने वाले लोग बड़ा चौराहा, मेस्टन रोड, मूलगंज और नवीन मार्केट की ओर से आसपास के क्षेत्र तक पहुंच सकते हैं. दशहरे पर भीड़ को देखते हुए परेड और आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था में बदलाव रहेगा. वाहनों को निर्धारित पार्किंग में खड़ा करना होगा. नवीन मार्केट, क्रिस्टल पार्किंग और जीआईसी कॉलेज के आसपास निर्धारित पार्किंग स्थलों का इस्तेमाल किया जा सकता है. भीड़ के समय सार्वजनिक परिवहन से पहुंचना सुविधाजनक रहेगा. घर से निकलने से पहले यातायात पुलिस की ओर से जारी रूट डायवर्जन की जानकारी जरूर कर लें.
सुरक्षा की कैसी तैयारी
दशहरे के आयोजन को देखते हुए प्रमुख रामलीला मैदानों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की गई है. पुलिस और यातायात कर्मी भीड़ को नियंत्रित करने के साथ रास्तों पर व्यवस्था संभालेंगे. लोगों से अपील की गई है कि वे वाहन निर्धारित स्थान पर खड़े करें और पुतला दहन के दौरान सुरक्षित दूरी बनाए रखें. शाम को रामलीला मंचन, रावण वध और आतिशबाजी के साथ शहर में विजयदशमी का उत्सव मनाया जाएगा.










