मैं गर्दन कलम करवा लूंगा, पर वंदे मातरम नहीं गाऊंगा: इमरान मसूद

Last Updated:October 20, 2026, 13:40 IST

Imran Masood stand on Vande Mataram: उत्तर प्रदेश चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने एक बार फिर से दोहराया है कि वह राष्ट्रगीत वंदे मातरम नहीं गाएंगे. सहारनपुर सांसद ने कहा कि चाहे तो वह वतन के लिए अपनी गर्दन कलम करवा लेंगे, लेकिन वंदे मातरम नहीं गाएंगे. इमरान मसूद का बयान इसलिए चर्चा में है क्योंकि यूपी चुनाव की तैयारियों के बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सॉफ्ट हिंदुत्व का नैरेटिव गढ़ने के लिए धार्मिक यात्राएं कराने के लिए बस रवाना कर रहे हैं तो कभी अयोध्या जाकर श्रीमद् भागवत कथा में शामिल हो रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ उनके सहयोगी इमरान मसूद राष्ट्रगीत को धर्म से जोड़कर उसे गाने से साफ तौर से इनकार कर रहे हैं.

यूपी चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने एक बार फिर से दोहराया है कि वह वंदे मातरम नहीं गाएंगे.

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने की उम्मीद लगाए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव एक तरफ कुछ ऐसे काम करने में लगे हैं ताकि वह सॉफ्ट हिंदुत्व का नैरेटिव गढ़ सकें. वहीं दूसरी तरफ चुनाव में उनकी सहयोगी बनने वाली कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद ने साफ तौर से कहा है कि वह किसी भी कीमत पर राष्ट्रगीत वंदे मातरम गाने से इनकार कर दिया है. उन्होंने साफ तौर से कहा है कि उनका धर्म वंदे मातरम गाने की इजाजत नहीं देता है.

इमरान मसूद ने खुद को बताया हिन्दुस्तानी मुसलमान

इमरान मसूद से जब एक पत्रकार ने पूछा कि वह पहले हिन्दुस्तानी हैं या मुसलमान? इस पर सहारनपुर से कांग्रेस सांसद ने स्पष्ट शब्दों में जोर देकर कहा कि वह हिन्दुस्तानी मुसलमान हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या वह वंदे मातरम को लेकर 17 अगस्त 2026 को दिए गए अपने बयान पर राष्ट्र के सम्मान में पीछे हटना चाहेंगे? इसपर इमरान मसूद ने कहा- ‘मेरा धर्म पूरा वंदे मातरम पढ़ने की इजाजत नहीं देता. मैं अल्लाह के अलावा किसी और की उपासना नहीं कर सकता.’ जब उनसे पूछा गया कि क्या आप देश की उपासना नहीं करेंगे? इसपर उन्होंने कहा- ‘मैं अल्लाह के अलावा किसी की उपासन नहीं कर सकता. सुप्रीम कोर्ट ने सम्मान की क्या परिभाषा दी है.’

‘वतन के लिए गर्दन कटा दूंगा, लेकिन वंदे मातरम नहीं गाऊंगा’

इमरान मसूद ने कहा- ‘मैं मादरे वतन के लिए जान दे दूंगा, गर्दन कटा दूंगा. भारत माता की जय बोलूंगा. लेकिन सजदा नहीं करूंगा. वंदे मातरम की चार लाइनों के बाद जो चलता है वो पूरी की पूरी पूजा पद्धति है. पहले दो पैरा हमारे उसमें गाए जाते हैं, लेकिन मैं नहीं गाता क्योंकि मुझे याद ही नहीं है. मैं जन गण मन गाता हूं, क्योंकि वो मुझे याद है. मुझे वंदे मातरम से ऐतराज नहीं है, मुझे उसके शब्दों से ऐतराज है. हमारे यहां सजदा अल्लाह के अलावा किसी का भी नहीं हो सकता है.’

‘मैं वंदे मातरम के बहाने पूजा पद्धित को फॉलो नहीं करूंगा’

कांग्रेस सांसद ने कहा कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आप सम्मान में खड़े होंगे. 1998 में सुप्रीम कोर्ट ने सम्मान के लिए यह परिभाषा दी है. इसलिए मैं वंदे मातरम के गायन के समय केवल खड़ा रहूंगा. मैंने कभी किसी से नहीं कहा कि आप नमाज पढ़ो, इसलिए मैं कैसे पूजा पद्धित को फॉलो करूं. आप राष्ट्रगीत के बहाने जो हमसे कराना चाह रहे हैं, वो मैं नहीं करूंगा. मैंने हमेशा कहा है कि मैं राष्ट्रगीत का पूरा सम्मान करूंगा.

याद करा दें कि 17 अगस्त 2026 को कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा था कि वह किसी भी सूरत में अपने मुख से वंदे मातरम का गायन नहीं करेंगे. यह जरूर है कि जहां कहीं भी वंदे मातरम का गायन होगा वहां वह खड़े होकर उसका सम्मान करेंगे.

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अभिषेक कुमार

अभिषेक कुमार News18 की डिजिटल टीम में बतौर एसोसिएट एडिटर (सहयोगी संपादक) पद पर कार्यरत हैं. वे यहां बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तसीगढ़, उत्तराखंड की राजनीति, क्राइम समेत तमाम समसामयिक…

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Saharanpur,Saharanpur,Uttar Pradesh

First Published :

October 20, 2026, 13:40 IST

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