नई दिल्ली. क्रिकेट के मैदान पर जब लेग स्पिन की जादूगरी चलती है, तो दुनिया का बड़े से बड़ा बल्लेबाज भी बेबस नजर आने लगता है. काउंटी चैंपियनशिप के एक रोमांचक मुकाबले में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब भारत के स्टार लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने अपनी एक तिलस्मी गेंद से इंग्लैंड के पूर्व कप्तान बेन स्टोक्स के होश उड़ा दिए. चहल की इस शानदार गेंद पर आउट होने के बाद स्टोक्स जिस तरह हैरान-परेशान दिखे, उसका वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह वायरल हो रहा है.
नॉर्थम्पटनशायर और डरहम के बीच खेले जा रहे इस मैच में डरहम की पारी धीरे-धीरे बिखर रही थी. मयंक अग्रवाल के आउट होने के बाद बेन स्टोक्स (Ben Stokes) बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरे थे. स्टोक्स को क्रीज पर आकर अभी अपनी नजरें जमाने की जरूरत थी, क्योंकि टीम पहले ही दबाव में थी. दूसरे छोर पर टिककर खेल रहे डेविड बेडिंगहम भी 81 रनों की उम्दा पारी खेलकर पवेलियन लौट चुके थे. डरहम की टीम 40वें ओवर में 169 रन पर 5 विकेट गंवाकर संघर्ष कर रही थी.
मैच का रुख पूरी तरह से तब पलटा जब 47वें ओवर में स्टोक्स का सामना युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) से हुआ. स्टोक्स इससे पहले दो शानदार चौके जमाकर अपने आक्रामक तेवर दिखा चुके थे. लेकिन चहल ने अपने अनुभव और फिरकी के हुनर का इस्तेमाल करते हुए उनके सामने एक जाल बुना. राउंड द विकेट गेंदबाजी करते हुए चहल ने अपनी पेटेंट फ्लाइटेड गेंद को ऑफ स्टंप के बाहर थोड़ा उछाला.
चहल की करिश्माई गेंद पर बोल्ड हुए स्टोक्स.
स्टोक्स ने इस ओवरपिच गेंद को भांपते हुए क्रीज में एक घुटना टेका और रक्षात्मक रूप से रक्षात्मक शॉट खेलने का प्रयास किया. लेकिन गेंद के टप्पा खाते ही जो हुआ, उसकी कल्पना खुद स्टोक्स ने भी नहीं की थी. पिच से अचानक भारी टर्न मिला और गेंद स्टोक्स के बल्ले और पैड के बीच के एक मामूली से अंतर को भेदती हुई सीधे विकेटों में जा घुसी. गिलियां बिखरीं तो स्टोक्स वहीं खड़े रह गए. उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि गेंद इतना बड़ा टर्न ले सकती है. कुछ सेकंड तक वे पिच की दरारों को घूरते रहे और फिर भारी निराशा में हवा में हाथ लहराते हुए पवेलियन की तरफ लौट पड़े.
नॉर्थम्पटनशायर के लिए चहल का जादुई स्पेल
डरहम की पहली पारी को सिर्फ 205 रनों पर समेटने में युजवेंद्र चहल की भूमिका सबसे अहम रही. वे अपनी टीम नॉर्थम्पटनशायर के लिए सबसे सफल गेंदबाज साबित हुए. चहल ने अपने 16 ओवरों के स्पेल में रन देने में भी भारी कंजूसी दिखाई और मात्र 36 रन खर्च करते हुए 4 बड़े विकेट झटके. चहल ने डरहम के कप्तान एलेक्स लीस को अपना शिकार बनाया और फिर स्टोक्स को बोल्ड करके डरहम की रीढ़ तोड़ दी. इसके बाद उन्होंने पुंछल्ले बल्लेबाजों केसी एल्ड्रिज और मैथ्यू पॉट्स को भी चलता कर डरहम के बड़े स्कोर के सपनों पर पूरी तरह पानी फेर दिया.
जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी नॉर्थम्पटनशायर की शुरुआत भी कोई खास नहीं रही और उसने 19 ओवरों में 60 रन तक अपने 3 विकेट गंवा दिए थे. दिलचस्प बात यह रही कि गेंदबाजी में स्टोक्स ने भी अपनी वापसी का अहसास कराया और नाथन मैकसवीनी को मात्र तीन रन के निजी स्कोर पर पवेलियन भेज दिया.
भारतीय स्पिनरों के सामने फिर बेनकाब हुए स्टोक्स
यह पहला मौका नहीं है जब काउंटी चैंपियनशिप में बेन स्टोक्स किसी भारतीय स्पिनर की फिरकी में उलझे हों. हाल ही में ग्लॉस्टरशायर के खिलाफ खेले गए एक मुकाबले में भारतीय बाएं हाथ के स्पिनर साई किशोर ने भी स्टोक्स को अपनी एक जादुई गेंद पर पूरी तरह से चकमा देकर बोल्ड किया था. एक के बाद एक भारतीय फिरकी गेंदबाजों के सामने स्टोक्स का इस तरह लाचार होना उनके फॉर्म और स्पिन के खिलाफ उनकी तकनीक पर सवाल खड़े कर रहा है.
खराब फॉर्म के बाद चहल का शानदार कमबैक
रेड बॉल क्रिकेट में चहल की यह धारदार गेंदबाजी उनके प्रशंसकों के लिए राहत की बात है. काउंटी क्रिकेट में उतरने से पहले, आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स के लिए चहल का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था. उस सीजन में उन्होंने 14 मुकाबलों में 9.39 की इकोनॉमी रेट से गेंदबाजी करते हुए कुल 12 विकेट ही हासिल किए थे. उनके जैसे विश्वस्तरीय स्पिनर के लिए यह आंकड़े निराशाजनक थे.
लेकिन लाल गेंद के इस सत्र में और वनडे कप के मुकाबलों में चहल अपनी पुरानी लय में लौट आए हैं. काउंटी चैंपियनशिप से ठीक पहले वन-डे कप में लंकाशायर के खिलाफ खेले गए मुकाबले में चहल ने 348 रनों के विशाल स्कोर का बचाव करते हुए अपनी गेंदबाजी का जलवा दिखाया था. उस मैच में लंकाशायर की टीम 280 रनों पर ढेर हो गई थी और चहल ने 4 महत्वपूर्ण सफलताएं दर्ज की थीं. उन्होंने अर्धशतक बना चुके मार्कस हैरिस (57 रन), अरव शेट्टी (18 रन), जैक ब्लेथरविक (गोल्डन डक) और ओली सटन (0) को आउट कर अपनी टीम की जीत सुनिश्चित की थी.










