Last Updated:August 25, 2026, 09:03 IST
Lakhimpur Kheri News: खीरी जिले में बाढ़ प्रभावित और बाढ़ संभावित इलाकों में गर्भवती महिलाओं की खास निगरानी शुरू कर दी गई है. स्वास्थ्य विभाग ने 38 संभावित बाढ़ प्रभावित गावों में 202 गर्भवती महिलाओं की पहचान की है. इनमें उन महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है जिनकी डिलीवरी अगले 3 महीने के भीतर होने की संभावना है. बाढ़ के दौरान गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सके. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने आशा कार्यकर्ताओं को विशेष जिम्मेदारी सौंपी है.
लखीमपुर खीरी जिले में बाढ़ और जलभराव से प्रभावित लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़े पैमाने पर तैयारियां की है. जिले के 9 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीएचसी बाढ़ से प्रभावित होते है. जहां बाढ़ से निपटने के लिए खास इंतजाम किए गए है. इन केंद्रों पर मेडिकल टीम के साथ-साथ इमरजेंसी दवाओं की भी अतिरिक्त व्यवस्था की गई है. मुख्य चिकित्सा अधिकारी सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि जिले में बाढ़ नियंत्रण के लिए 41 बाढ़ चौकियां बनाई गई है. इन चौकियों पर 32 अधिकारियों और 140 कर्मचारियों को तैनात किया गया है और उन्हें अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए है.
जिले की 5 तहसीलों लखीमपुर, पलिया, गोला, निघासन और धौरहरा के 9 प्रभावित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों नकहा, पलिया, निघासन, धौरहरा, बिजुआ, खमरिया/ईसानगर, फूलबेहड़, रमियाबेहड़ और गोला पर तुरंत इलाज के लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीम आरआरटी बनाई गई है. इसके अलावा, प्रभावित इलाकों के लिए 14 मोबाइल मेडिकल टीमें भी बनाई गई है.
स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ प्रभावित सीएचसी पर बाटने के लिए आशा कार्यकर्ताओं के जरिए मेडिसिन किट, ओआरएस पैकेट और क्लोरीन टैबलेट उपलब्ध करा दिए है. सीएमओ कार्यालय में 24×7 चलने वाला बाढ़ और संक्रामक रोग कंट्रोल रूम भी बनाया गया है. सभी सीएचसी और केंद्रीय औषधि भंडार में जीवन रक्षक दवाओं के साथ-साथ एंटी स्नेक वेनम सांप के काटने का इलाज और एंटी रेबीज वैक्सीन कुत्ते के काटने का इलाज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. साथ ही 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए है.
गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी
खीरी जिले में बाढ़ प्रभावित और बाढ़ संभावित इलाकों में गर्भवती महिलाओं की खास निगरानी शुरू कर दी गई है. स्वास्थ्य विभाग ने 38 संभावित बाढ़ प्रभावित गावों में 202 गर्भवती महिलाओं की पहचान की है. इनमें उन महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है जिनकी डिलीवरी अगले 3 महीने के भीतर होने की संभावना है. बाढ़ के दौरान गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सके. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने आशा कार्यकर्ताओं को विशेष जिम्मेदारी सौंपी है.
आशा कार्यकर्ताएं चिन्हित गर्भवती महिलाओं की लगातार निगरानी कर रही हैं. ताकि डिलीवरी की स्थिति में उन्हें समय रहते स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाया जा सके. आपात स्थिति को देखते हुए आशा कार्यकर्ताओं को जरूरी इमरजेंसी दवाएं भी दी गई है. जरूरत पड़ने पर इन दवाओं के जरिए गर्भवती महिलाओं को प्राथमिक उपचार दिया जा सकेगा और गंभीर स्थिति में उन्हें तुरंत बड़े स्वास्थ्य केंद्र में रेफर किया जाएगा. यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बाढ़ के दौरान सड़क संपर्क टूटने और आवागमन प्रभावित होने की स्थिति में गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचने में कोई परेशानी न हो.
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Manish Rai is a digital journalist with over 8 years of experience in regional and digital media. He is currently associated with News18 as the Local18 Uttar Pradesh Coordinator, where he works on planning, coo…
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Lakhimpur,Kheri,Uttar Pradesh
First Published :
August 25, 2026, 09:03 IST









