नई दिल्ली. टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में बल्लेबाजों की व्यक्तिगत पारियों, शतकों और दोहरे शतकों की चर्चा तो अक्सर होती है, लेकिन क्रिकेट केवल एक खिलाड़ी के दम पर नहीं खेला जाता. लंबी पारियां और बड़े स्कोर बनाने के लिए पिच के दूसरे छोर से मिलने वाले साथ की उतनी ही जरूरत होती है. जब दो दिग्गज बल्लेबाज क्रीज पर जम जाते हैं, तो वे न सिर्फ गेंदबाज का हौसला तोड़ते हैं, बल्कि अपनी टीम के लिए जीत की मजबूत बुनियाद भी रखते हैं. क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप में कुछ ऐसी जोड़ियां रहीं, जिन्होंने क्रीज पर अपनी जुगलबंदी से इतिहास के पन्नों में अपना नाम हमेशा के लिए दर्ज करा लिया.
जब भारतीय क्रिकेट में राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) और सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulakr) की जोड़ी मैदान पर उतरती थी, तो विरोधी गेंदबाजों के चेहरे पर शिकन साफ देखी जा सकती थी. 1996 से लेकर 2012 के लंबे सफर के दौरान इन दोनों दिग्गजों ने मिलकर टेस्ट क्रिकेट की सबसे सफल साझेदारी की पटकथा लिखी. द्रविड़ का अटूट संयम और सचिन की क्लासिक आक्रामकता एक-दूसरे को बेहतरीन ढंग से पूरा करती थी. दोनों ने एक साथ कुल 143 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 50.51 की शानदार औसत से 6920 रन जोड़े. इस दौरान उन्होंने 20 शतकीय और 29 अर्धशतकीय साझेदारियां निभाईं, जिसमें 249 रनों की सर्वश्रेष्ठ साझेदारी भी शामिल रही. यह जोड़ी भारतीय बल्लेबाजी की रीढ़ की हड्डी मानी जाती थी, जिसने भारत को देश-विदेश में कई ऐतिहासिक मैच जिताए.
टेस्ट में सबसे ज्यादा शतकीय साझेदारी करने वाली दुनिया की पांच जोड़ियां.
जयवर्धने-संगकारा श्रीलंकाई क्रिकेट के दो स्तंभ
भारत के द्रविड़-सचिन के बाद अगर किसी जोड़ी ने टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार 100 रनों की साझेदारी का आंकड़ा छुआ, तो वह श्रीलंका के महेला जयवर्धने (Mahela Jayawardene) और कुमार संगकारा (Kumar Sangakkara) की जोड़ी थी. सन 2000 से 2014 के बीच इन दोनों विश्वस्तरीय बल्लेबाजों ने श्रीलंकाई क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया. जब ये दोनों मैदान पर होते थे, तो लगता था मानो बल्लेबाजी कितनी आसान कला है. इन्होंने केवल 120 पारियों में ही 56.50 की बेहतरीन औसत से 6554 रन बना डाले. जयवर्धने और संगकारा के नाम टेस्ट इतिहास में रिकॉर्ड 19 शतकीय और 27 अर्धशतकीय साझेदारियां दर्ज हैं. इतना ही नहीं, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 624 रनों की उनकी साझेदारी आज भी टेस्ट क्रिकेट के इतिहास की सबसे बड़ी पार्टनरशिप का रिकॉर्ड है.
कैरेबियाई क्रिकेट का सुनहरा दौर और ओपनिंग की मिसाल
1970 और 80 के दशक में वेस्टइंडीज के दबदबे के पीछे उनके घातक तेज गेंदबाजों का ही हाथ नहीं था, बल्कि गॉर्डन ग्रीनिज और डेसमंड हेन्स की सलामी जोड़ी का भी बड़ा योगदान था. 1978 से 1991 के बीच इस जोड़ी ने दुनिया भर के खतरनाक से खतरनाक गेंदबाजी आक्रमण का डटकर सामना किया. 148 पारियों में साथ निभाते हुए इन्होंने 47.31 की औसत से 6482 रन बनाए. कैरेबियाई धुंधार बल्लेबाजी की मिसाल पेश करते हुए इन दोनों ने 16 बार शतकीय और 26 बार अर्धशतकीय पार्टनरशिप की. 298 रनों की इनकी सर्वोच्च साझेदारी ने विरोधी टीमों को हमेशा दबाव में रखा और वेस्टइंडीज को विश्व क्रिकेट में सर्वोच्च स्थान पर बनाए रखा.
हेडन-पोंटिंग कंगारू दबदबे के दो शिल्पकार
21वीं सदी की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई टीम का विश्व क्रिकेट पर एक छत्र राज था, और इस दबदबे को कायम रखने में मैथ्यू हेडन (Mathew Hayden) और रिकी पोंटिंग (Ricky Ponting) की जोड़ी का बहुत बड़ा हाथ रहा. 2001 से 2009 के दौर में इन दोनों ने ऑस्ट्रेलियाई आक्रामकता का शानदार प्रदर्शन किया. हेडन का लंबा कद और विस्फोटक अंदाज, पोंटिंग के बेहतरीन पुल शॉट्स और निरंतरता के साथ मिलकर तबाही मचाता था. इस जोड़ी की सबसे खास बात इनका रन बनाने का अंदाज था—इन्होंने केवल 76 पारियों में 67.11 की बेहद प्रभावशाली औसत से 4765 रन जोड़ डाले. महज 76 पारियों में 16 शतक और 22 अर्धशतक ठोकना इनकी असाधारण क्षमता को दर्शाता है. 272 रनों की सर्वश्रेष्ठ साझेदारी के साथ इन्होंने कई बार मैच को एक ही सेशन में विरोधी टीम की पहुंच से दूर कर दिया.
ओपनिंग की सबसे क्लासिक और घातक जोड़ी
क्रिकेट इतिहास की सबसे पुरानी और सबसे घातक साझेदारियों की बात करें, तो इंग्लैंड के जैक हॉब्स और हरबर्ट सटक्लिफ का नाम सबसे पहले आता है. 1924 से 1930 के बीच, जब पिचें ढकी नहीं होती थीं और गेंदबाजों के पास तकनीक का फायदा होता था, तब इस इंग्लिश जोड़ी ने बल्लेबाजी के नए मानक स्थापित किए. हालांकि इन्होंने केवल 39 पारियों में एक साथ बल्लेबाजी की, लेकिन इतने कम मौकों में भी इन्होंने जो कारनामा किया, वह आज तक मिसाल है. हॉब्स और सटक्लिफ ने 87.86 की आश्चर्यजनक औसत से 3339 रन बनाए. यानी हर दूसरी पारी में यह जोड़ी शतक जमाती थी. इन्होंने कुल 15 शतकीय और 11 अर्धशतकीय साझेदारियां कीं, जिसमें 283 रनों की सर्वश्रेष्ठ पारी शामिल थी. 87 से ज्यादा का औसतन स्कोर यह बताने के लिए काफी है कि अपने जमाने में इस जोड़ी का खौफ किस कदर फैला हुआ था.










