Last Updated:September 17, 2026, 07:17 IST
केंद्र सरकार ने सेंसर बोर्ड का पुनर्गठन कर दिया है. साल 2017 के बाद पहली बार हुए इस ऐतिहासिक बदलाव में 18 सदस्यीय नया बोर्ड गठित किया गया है. नए अध्यक्ष शशि शेखर वेम्पटि की अगुवाई वाले इस बोर्ड में पंकज त्रिपाठी से लेकर प्रीति जिंटा और सुनील शेट्टी जैसे सितारों को शामिल किया गया है. 3 साल के कार्यकाल के लिए बनी यह समिति देश में फिल्मों के प्रमाणन का काम संभालेगी.
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केंद्र सरकार ने सेंसर बोर्ड का पुनर्गठन किया है.
नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) का पुनर्गठन किया है. पूर्व प्रसार भारती प्रमुख शशि शेखर वेम्पटि की अगुवाई में गठित इस 18 सदस्यीय नई बोर्ड समिति में भारतीय सिनेमा के कई बड़े और दिग्गज नामों को शामिल किया गया है. यह नई सेंसर बोर्ड समिति अगले तीन साल या अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से लागू रहेगी. बॉलीवुड और क्षेत्रीय सिनेमा के कई जाने-माने चेहरों को नए पैनल में जगह मिली है.
सीबीएफसी के नए पैनल में प्रीति जिंटा, पंकज त्रिपाठी, सुनील शेट्टी, पल्लवी जोशी, प्रसेनजीत चटर्जी, रुपाली गांगुली, प्रियदर्शन और तीन बार के ग्रैमी विजेता संगीतकार रिकी केज जैसे सितारे शामिल हैं. इसके अलावा समिति में राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक नीला माधब पांडा, मनोज जोशी, गुजराती फिल्म निर्माता अभिषेक जैन, तेलुगु निर्माता सुप्रिया यारलागड्डा, फिल्म समीक्षक विनोद अनुपम, कवि-लेखक यतींद्र मिश्रा, निशिगंधा वाड और गायक व पूर्व सांसद हंसराज हंस को भी सदस्य बनाया गया है.
शशि शेखर वेम्पटि ने नए सदस्यों का स्वागत किया
दिलचस्प बात यह है कि पुरानी सेंसर बोर्ड समिति में से केवल निर्देशक वामन केंद्रे और वरिष्ठ लेखक रमेश पतंगे को ही इस नए बोर्ड में बरकरार रखा गया है. केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के नए अध्यक्ष शशि शेखर वेम्पटि ने नई समिति के गठन के तुरंत बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म प्लेटफॉप्म X (ट्विटर) पर खुशी जताते हुए नए सदस्यों का स्वागत किया. उन्होंने नई लिस्ट शेयर करते हुए लिखा, ‘सीबीएफसी के सभी नए बोर्ड सदस्यों को बहुत-बहुत बधाई और हार्दिक स्वागत.’
— Shashi Shekhar Vempati शशि शेखर वेम्पटि (@shashidigital) September 16, 2026
9 साल से नहीं हुआ था बोर्ड का पुनर्गठन
सेंसर बोर्ड का यह बड़ा पुनर्गठन ऐसे वक्त में हुआ है, जब हाल ही में पूरे 6 साल के लंबे अंतराल के बाद बोर्ड की एक अहम बैठक आयोजित की गई थी. शशि शेखर वेम्पटि की अध्यक्षता में हुई इस हाई-लेवल मीटिंग में फिल्मों के सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया को आसान बनाने और रिवाइजिंग कमेटी से जुड़े कई संवेदनशील और पेंडिंग मुद्दों पर गहराई से चर्चा हुई थी. सेंसर बोर्ड के इस नए पुनर्गठन का समय सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला है. दरअसल, सीबीएफसी के सदस्यों का सामान्य कार्यकाल 3 साल का होता है, लेकिन साल 2017 के बाद से यानी पूरे 9 सालों से बोर्ड का आधिकारिक पुनर्गठन ही नहीं हुआ था. लंबे समय बाद बोर्ड के लिए नया पैनल तैयार किया गया है.
क्या काम करता है सीबीएफसी?
केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड भारत में सिनेमाघरों और सार्वजनिक मंचों पर रिलीज होने वाली फिल्मों की जांच कर उन्हें प्रदर्शन का प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट) देने वाली देश की सर्वोच्च संस्था है. यह बोर्ड सिनेमेटोग्राफ एक्ट और उससे जुड़े तय दिशानिर्देशों-नियमों के तहत फिल्मों को यू, यू/ए, या ए कैटेगरी में सर्टिफाइड करने का काम करता है.
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Kamta PrasadSenior Sub Editor
कामता प्रसाद (KP) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में काम करने का 11 सालों का लंबा अनुभव है. वर्तमान में वह न्यूज18 हिंदी में बतौर सीनियर सब एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. कामता को एंटरटेनमेंट …
September 17, 2026, 07:10 IST










